कर्नाटक काडर के आईएएस अधिकारी अनुराग तिवारी (35) की संदिग्ध हालात में हुई मौत से पांचवें दिन बाद भी पर्दा नहीं उठ सका। जांच के लिए गठित एसआईटी की 72 घंटे की मियाद रविवार शाम खत्म हो गई। मगर पुलिस को ऐसा कोई भी सुराग नहीं मिल सका, जिससे यह निष्कर्ष निकाला जा सके कि आईएएस अधिकारी की हत्या हुई या हादसे में जान गई। एसआईटी के प्रभारी सीओ हजरतगंज अवनीश कुमार मिश्रा ने एसएसपी को पत्र लिखकर दो दिन का वक्त और मांगा है। इस बीच एसएसपी दीपक कुमार ने विसरा जांच की रिपोर्ट के लिए फॉरेंसिक लैब में संपर्क किया तो वहां से तीन से चार हफ्ते लगने की जानकारी दी गई।
आईएएस अधिकारी की मौत के मामले में राजधानी पुलिस की जांच ठंडे बस्ते में जाती नजर आ रही है। एसएसपी ने बृहस्पतिवार शाम अनुराग तिवारी की मौत की जांच के लिए सीओ हजरतगंज अवनीश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में एसआईटी गठित करते हुए 72 घंटे में रिपोर्ट मांगी थी।
हालांकि, एसआईटी ने पिछले तीन दिन में स्टेट गेस्ट हाउस के कर्मचारियों के बयान दर्ज करने, आर्यन रेस्टोरेंट के सीसीटीवी फुटेज और आईएएस अफसर के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल खंगालने और घटनाक्रम के रीक्रिएशन के अलावा कोई उल्लेखनीय काम नहीं किया। आईएएस अधिकारी की मौत से पहले उनके साथ रहे एलडीए वीसी पीएन सिंह का बयान सबसे महत्वपूर्ण है, लेकिन पुलिस ने उनसे संपर्क ही नहीं किया। इतना ही नहीं, पुलिस ने आईएएस के परिवारीजनों का पक्ष लेने की जरूरत भी नहीं समझी।
सीओ का कहना है कि आईएएस अधिकारी की मौत के बाद एलडीए वीसी छुट्टी पर चले गए हैं। उनके सोमवार को लौटने की उम्मीद है। हालांकि, एलडीए वीसी ने पुलिस को मंगलवार रात आर्यन रेस्टोरेंट में अनुराग तिवारी के साथ डिनर करके गेस्टहाउस में अपने कमरे में लौटने और बुधवार सुबह उनके जागने पर आईएएस के गायब होने तक की पूरी जानकारी दे दी थी।
पुलिस ने एलडीए वीसी से मिली जानकारियों को क्रॉस चेक करने के साथ ही इसे हजरतगंज कोतवाली की जनरल डायरी (जीडी) में दर्ज भी कर लिया था। इसके अलावा कर्नाटक सरकार से संपर्क कर अनुराग तिवारी के छुट्टी पर जाने सहित उनके बारे में मांगी गई अन्य सूचनाएं भी अभी नहीं मिल सकी हैं। सीओ का कहना है कि अगले दो दिन में इन तीनों बिंदुओं पर काम करके रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जाएगा।