'बेटे की प्रताड़ना से तंग मां ने मांगी थी इच्छामृत्यु'
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कहानी पूरी फिल्मी है, लेकिन आरोप बहुत गंभीर हैं।
राजधानी के एक हाई प्रोफाइल परिवार की डॉक्टर बेटी ने अपने डॉक्टर भाई और भाभी के खिलाफ माता-पिता को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
प्रताड़ना भी ऐसी कि केजीएमयू के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के एचओडी के पद से रिटायर मां को प्रधानमंत्री से इच्छामृत्यु की गुहार लगानी पड़ी और पिता कोमा में चले गए।
कुछ दिन बाद मां की मौत हो गई, लेकिन पिता अब भी बेटे की कैद में है।
गाजीपुर थाने में शिकायत दर्ज कराने वालीं डॉ. आभा चंद्रा तिरुपति स्थित श्री वेंकटेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सांइसेज में कार्डियोवस्कुलर एंड थोरेसिक सर्जरी डिपार्टमेंट की हेड हैं।
डॉ. आभा के मुताबिक महानगर निवासी उनकी मां मनोरमा चंद्रा केजीएमयू से कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के एचओडी के पद से वर्ष 1987 में रिटायर हुई थीं। पिता डॉ रमेश चंद्रा एलयू के फिजिक्स विभाग से रिटायर हैं।
डॉ. आभा के दोनों भाई और भाभी भी डॉक्टर हैं। उनका आरोप है कि उनके छोटे भाई आई सर्जन डॉ. हेमंत और उनकी पत्नी डॉ. ललिता ने पहले बड़े भाई डॉ. पंकज कुमार को प्रताड़ित कर घर से अलग कर दिया। इसके बाद माता-पिता को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
मारपीट से मां की कई हड्डियां टूट गईं और वह व्हील चेयर की मोहताज हो गईं। इसके बाद डॉ. हेमंत ने पिता को घर में बंधक बना लिया। भाई की प्रताड़ना से पिता भी कोमा की स्थिति में आ गए।
डॉ. हेमंत के व्यवहार से आजिज आकर मां ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु की गुहार लगाई।
आखिर में प्रताड़ना से तंग आकर दो अगस्त 2013 को मां ने दम तोड़ दिया। डॉ. आभा का आरोप है कि उनके भाई भाभी ने मां के सारे जेवर व नगदी हड़प लिए।