लखनऊ। सिंधी समाज का पारंपरिक पर्व थदड़ी बृहस्पतिवार को उल्लास और आस्था के साथ मनाया गया। महिलाओं ने परिवार के साथ शीतला माता की पूजा कर सुख-शांति व उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। सक्खर सिंध पंचायत के अध्यक्ष संजय जेसवानी ने बताया कि थदड़ी पर घरों में चूल्हा नहीं जलाया जाता। ताजा भोजन भी नहीं बनाया जाता। इसके लिए एक दिन पहले ही दाल भरे परांठे, पकौड़े और अन्य पारंपरिक व्यंजन तैयार किए जाते हैं। रात में चूल्हे की पूजा कर उसे ठंडा किया जाता है। अगले दिन परिवार इन्हीं व्यंजनों का सेवन करता है। मन्नू तेजवानी ने परिवार की खुशहाली और अच्छे स्वास्थ्य की कामना का उल्लेख किया। इस अवसर पर मोहनदास लधानी, मुरलीधर आहूजा, रतन मेंघानी, सतीश अठवानी, सतेंद्र भावनानी, श्याम किशनानी, हंसराज राजपाल, दीपक लालवानी, गौतम राजपाल, सुरेश तेजवानी, राजू जसवानी और जेपी नागपाल सहित कई लोगों ने समाज को थदड़ी पर्व की शुभकामनाएं दीं।

पारंपरिक पकवानों के साथ मना सिंधी थदड़ी पर्व