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Lucknow News: सिंधी उत्सव में भाषा, संस्कृति और खानपान का संगम
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सिंधी समाज की ओर से आयोजित उत्सव में मौजूद लोग।
लखनऊ। गणतंत्र दिवस पर सिंधी समाज की ओर से आयोजित उत्सव में सिंधी भाषा, संस्कृति और खानपान का संगम दिखा। ध्वजारोहण से शुरुआत हुई।
हजरतगंज में अयोजित कार्यक्रम में लगे स्टॉलों पर सिंधी कढ़ी-चावल, दाल, डोडा चटनी, सिंवई और आलू, कोकी, सिंधी पापड़, सिंधी पकौड़ी समेत अन्य पकवान केवल पांच रुपये में उपलब्ध कराए गए। पारंपरिक परिधानों में सजे समाज के लोगों ने सांस्कृतिक आयोजनों से मन मोह लिया।
सिंधी स्कूलों के बच्चों ने देशभक्ति के गीत गाए। ढोल-नगाड़ों पर भंगड़ा ने रंग जमाया तो अलवर राजस्थान की सिंधी शहनाई भी गूंजी। चेट्टी चंद मेला कमेटी के प्रवक्ता अशोक मोतियानी और अध्यक्ष रतन मेघानी ने बताया कि आयोजन का मकसद युवा पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ना और जागरूक करना है। महामंत्री संजय जसवानी, श्याम कृषनानी, कोषाध्यक्ष सतेंद्र भवनानी, जेपी नागपाल, राम बालानी और कृष्णचंद बमबानी के अलावा लखनऊ की सिंधी पंचायतों के मुखी भी मौजूद रहे। सभी को शपथ दिलाई गई कि पूरा सिंधी समाज घर पर सिंधी बोली में ही बात करेगा और घर-प्रतिष्ठानों समेत निजी वाहनों पर भी भगवान झूलेलाल की तस्वीर जरूर लगाएगा।
हरिओम मंदिर, चेट्टी चंद मेला कमेटी और सिंधी अकादमी के संयोजन में हुए आयोजन में सभी ने सिंधी में ही एक-दूसरे से बात की। साईं हरीश लाल, जेपी नागपाल, राम बालानी, किशन चंद भम्बानी, सुरेश छबलानी, श्याम किशनानी, मनोज बचानी, मुरलीधर आहूजा, नानक चंद लखमानी, हंसराज राजपाल, गुलाब जसवानी, सतीश लखमानी, राजू जसवानी आदि मौजूद रहे।
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सिंधी वेशभूषा में राजाराम प्रथम
बेस्ट सिंधी वेशभूषा का प्रथम पुरस्कार राजाराम भागवानी को मिला। द्वितीय पुरस्कार हंसराज राजपाल और तृतीय कियारा रमानी को दिया गया। कुकिंग में स्नेहा पमनानी प्रथम, प्रेमा साहित्या द्वितीय व कामना केसवानी तृतीय रहीं। उत्कृष्ट कार्य के लिए सिंधु सभा के अध्यक्ष अशोक मोतियानी, अनिल बजाज, जेपी नागपाल, श्याम कृषनानी, नानक चंद लखमानी, मुरलीधर आहूजा, मोहनदास दास लदानी, राम बालानी किशन चंद बमबानी को सम्मानित किया गया। मौके पर सिंधी वीर सपूतों की प्रदर्शनी लगाई गई और कैंप में जरूरतमंदों को दवाइयां व चिकित्सा मुफ्त दी गई। युवाओं की कॅरिअर काउंसिलिंग हुई।
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हजरतगंज में अयोजित कार्यक्रम में लगे स्टॉलों पर सिंधी कढ़ी-चावल, दाल, डोडा चटनी, सिंवई और आलू, कोकी, सिंधी पापड़, सिंधी पकौड़ी समेत अन्य पकवान केवल पांच रुपये में उपलब्ध कराए गए। पारंपरिक परिधानों में सजे समाज के लोगों ने सांस्कृतिक आयोजनों से मन मोह लिया।
सिंधी स्कूलों के बच्चों ने देशभक्ति के गीत गाए। ढोल-नगाड़ों पर भंगड़ा ने रंग जमाया तो अलवर राजस्थान की सिंधी शहनाई भी गूंजी। चेट्टी चंद मेला कमेटी के प्रवक्ता अशोक मोतियानी और अध्यक्ष रतन मेघानी ने बताया कि आयोजन का मकसद युवा पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ना और जागरूक करना है। महामंत्री संजय जसवानी, श्याम कृषनानी, कोषाध्यक्ष सतेंद्र भवनानी, जेपी नागपाल, राम बालानी और कृष्णचंद बमबानी के अलावा लखनऊ की सिंधी पंचायतों के मुखी भी मौजूद रहे। सभी को शपथ दिलाई गई कि पूरा सिंधी समाज घर पर सिंधी बोली में ही बात करेगा और घर-प्रतिष्ठानों समेत निजी वाहनों पर भी भगवान झूलेलाल की तस्वीर जरूर लगाएगा।
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हरिओम मंदिर, चेट्टी चंद मेला कमेटी और सिंधी अकादमी के संयोजन में हुए आयोजन में सभी ने सिंधी में ही एक-दूसरे से बात की। साईं हरीश लाल, जेपी नागपाल, राम बालानी, किशन चंद भम्बानी, सुरेश छबलानी, श्याम किशनानी, मनोज बचानी, मुरलीधर आहूजा, नानक चंद लखमानी, हंसराज राजपाल, गुलाब जसवानी, सतीश लखमानी, राजू जसवानी आदि मौजूद रहे।
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सिंधी वेशभूषा में राजाराम प्रथम
बेस्ट सिंधी वेशभूषा का प्रथम पुरस्कार राजाराम भागवानी को मिला। द्वितीय पुरस्कार हंसराज राजपाल और तृतीय कियारा रमानी को दिया गया। कुकिंग में स्नेहा पमनानी प्रथम, प्रेमा साहित्या द्वितीय व कामना केसवानी तृतीय रहीं। उत्कृष्ट कार्य के लिए सिंधु सभा के अध्यक्ष अशोक मोतियानी, अनिल बजाज, जेपी नागपाल, श्याम कृषनानी, नानक चंद लखमानी, मुरलीधर आहूजा, मोहनदास दास लदानी, राम बालानी किशन चंद बमबानी को सम्मानित किया गया। मौके पर सिंधी वीर सपूतों की प्रदर्शनी लगाई गई और कैंप में जरूरतमंदों को दवाइयां व चिकित्सा मुफ्त दी गई। युवाओं की कॅरिअर काउंसिलिंग हुई।