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छोटे दुकानदारों और सुक्ष्म उद्योगों ऊंचाई देगा सिडबी का ‘प्रयास’, 50 हजार से 5 लाख तक मिलेगा ऋण
Mon, 21 Jan 2019 08:39 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 21 Jan 2019 08:39 AM IST
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साहूकारों से कर्ज लेकर दुकान, ठेला लगाकर या ऑटो रिक्शा या ई रिक्शा चलाकर आजीविका कमाने में जुटे लोगों को सस्ता और सुलभ ऋण उपलब्ध कराने के लिए सिडबी ने ‘प्रयास’ योजना लागू की है।
प्रयास में देश के छोटे दुकानदारों, सुक्ष्म उद्यमियों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों को 50 हजार से 5 लाख तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। सिडबी ने उत्तर प्रदेश में पहले चरण में पूर्वांचल के जिलों में योजना को लागू किया है।
स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलेपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (सिडबी) का मानना है कि छोटे दुकानदार, फल सब्जी का ठेला लगाने वाले, चाय नाश्ता की केबिन लगाने वाले, आटो रिक्शा, ई रिक्शा चलाने वाले सहित अन्य छोटे मोटे कारोबार ऐसे मध्यम हिस्से में गिना जाता है, जिसे कारोबारी क्षेत्र से गायब माना जा रहा है।
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काफी प्रयासों के बावजूद इस क्षेत्र की वित्तीय जरूरतें पूरी नहीं हो सकी हैं, और कई दफा उन्हें 20 प्रतिशत से अधिक ब्याज दरों पर पैसा जुटाना पड़ता है।
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प्रयास में देश के छोटे दुकानदारों, सुक्ष्म उद्यमियों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों को 50 हजार से 5 लाख तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। सिडबी ने उत्तर प्रदेश में पहले चरण में पूर्वांचल के जिलों में योजना को लागू किया है।
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स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलेपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (सिडबी) का मानना है कि छोटे दुकानदार, फल सब्जी का ठेला लगाने वाले, चाय नाश्ता की केबिन लगाने वाले, आटो रिक्शा, ई रिक्शा चलाने वाले सहित अन्य छोटे मोटे कारोबार ऐसे मध्यम हिस्से में गिना जाता है, जिसे कारोबारी क्षेत्र से गायब माना जा रहा है।
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काफी प्रयासों के बावजूद इस क्षेत्र की वित्तीय जरूरतें पूरी नहीं हो सकी हैं, और कई दफा उन्हें 20 प्रतिशत से अधिक ब्याज दरों पर पैसा जुटाना पड़ता है।
प्रयास योजना के तहत ऐसे लोगों को छोटे लोन मुहैया करवाने का प्रयास किया जाएगा जो अपने बिजनेस को बढ़ाने या उसमें विविधता लाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके तहत उन्हें 50 हजार से पांच लाख रुपये तक का ऋण 13 से 14 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर दिया जा रहा है।
इन उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जा सके। जीवनयापन के अवसर बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि लाभ कमा सकें और प्रभावशाली ढंग से काम कर सकें।
जिलों में प्रयास को नॉन बैंकिंग फाइनेंशल कंपनी (एनबीएफसी) और माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूट (एमएफआई) जैसी सहयोगी संस्थाओं के नेटवर्क के जरिए लागू किया जा रहा है।
इन उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जा सके। जीवनयापन के अवसर बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि लाभ कमा सकें और प्रभावशाली ढंग से काम कर सकें।
जिलों में प्रयास को नॉन बैंकिंग फाइनेंशल कंपनी (एनबीएफसी) और माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूट (एमएफआई) जैसी सहयोगी संस्थाओं के नेटवर्क के जरिए लागू किया जा रहा है।
पहले चरण में पूर्वांचल को चुना
सिडबी ने प्रयास योजना में पहले चरण में प्रदेश के पूर्वांचल के जिलों को चुना है। वाराणसी, देवरिया, गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली, भदोही, बलिया में योजना को लागू किया गया है।
यह है प्रक्रिया
सिडबी एनबीएफसी (नॉन बैंकिंग फाइनेशल कंपनी) और एमएफआई (माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूट) को 6 से 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर (जीएसटी सहित) पर राशि उपलब्ध कराई जाएगी। एनबीएफसी और एमएफआई आवेदकों को 13 से 14 प्रतिशत वार्षिक ब्याजदर पर ऋण उपलब्ध कराएंगे।
आवेदक को स्थानीय अपने व्यवसाय की प्रोजेक्ट रिपोर्ट के साथ एनबीएफसी और एमएफआई में ऋण के लिए आवेदन करना होगा। कुल लागत का दस प्रतिशत आवेदक को स्वयं लगाना होगा, जबकि 90 प्रतिशत तक ऋण मिलेगा।
यह है प्रक्रिया
सिडबी एनबीएफसी (नॉन बैंकिंग फाइनेशल कंपनी) और एमएफआई (माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूट) को 6 से 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर (जीएसटी सहित) पर राशि उपलब्ध कराई जाएगी। एनबीएफसी और एमएफआई आवेदकों को 13 से 14 प्रतिशत वार्षिक ब्याजदर पर ऋण उपलब्ध कराएंगे।
आवेदक को स्थानीय अपने व्यवसाय की प्रोजेक्ट रिपोर्ट के साथ एनबीएफसी और एमएफआई में ऋण के लिए आवेदन करना होगा। कुल लागत का दस प्रतिशत आवेदक को स्वयं लगाना होगा, जबकि 90 प्रतिशत तक ऋण मिलेगा।
आरबीआई ने दिया एक हजार करोड़
प्रयास योजना के लिए सिडबी को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 1 हजार करोड़ रुपये का बजट दिया है। इससे देश के 30 से 50 हजार लोगों को स्वरोजगार के लिए ऋण मिल सकेगा।
78 जिलों में खुलेंगे डीडीएम दफ्तर
अब तक सिडबी के कार्यालय नई दिल्ली के अलावा प्रदेशों की राजधानियों और कुछ प्रमुख औद्योगिक नगरों में ही स्थापित है। सिडबी ने एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए देश के 78 जिलों में डिस्ट्रिक डेवलेपमेंट मैनेजर दफ्तर खोलने जा रहा है। उत्तर प्रदेश में आगरा, कानपुर, मेरठ, मुरादाबाद और गोरखपुर में डीडीएम दफ्तर खोले जाएंगे। पांच जिलों में खुलने वाले दफ्तर से 29 जिले कवर किए जाएंगे। इससे सरकार की एक जिला एक उत्पाद योजना से जुड़े छोटे उद्यमियों को भी मदद मिलेगी।
प्रयास से आएगा बदलाव
सिडबी ने पहली बार छोटे दुकानदारों और सुक्ष्म उद्योगों के जुड़े उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘प्रयास’ योजना लागू की है। औद्योगिक विकास की दृष्टि से पिछड़े पूर्वांचल के जिलों में योजना को प्राथमिकता से लागू किया जा रहा है। इससे दुकानदारों और छोटे उद्यमियों को आसानी से सस्ता ऋण उपलब्ध होगा और साहूकारों से छुटकारा मिलेगा।
मोहम्मद मुस्तफा, एमडी और अध्यक्ष सिडबी
78 जिलों में खुलेंगे डीडीएम दफ्तर
अब तक सिडबी के कार्यालय नई दिल्ली के अलावा प्रदेशों की राजधानियों और कुछ प्रमुख औद्योगिक नगरों में ही स्थापित है। सिडबी ने एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए देश के 78 जिलों में डिस्ट्रिक डेवलेपमेंट मैनेजर दफ्तर खोलने जा रहा है। उत्तर प्रदेश में आगरा, कानपुर, मेरठ, मुरादाबाद और गोरखपुर में डीडीएम दफ्तर खोले जाएंगे। पांच जिलों में खुलने वाले दफ्तर से 29 जिले कवर किए जाएंगे। इससे सरकार की एक जिला एक उत्पाद योजना से जुड़े छोटे उद्यमियों को भी मदद मिलेगी।
प्रयास से आएगा बदलाव
सिडबी ने पहली बार छोटे दुकानदारों और सुक्ष्म उद्योगों के जुड़े उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘प्रयास’ योजना लागू की है। औद्योगिक विकास की दृष्टि से पिछड़े पूर्वांचल के जिलों में योजना को प्राथमिकता से लागू किया जा रहा है। इससे दुकानदारों और छोटे उद्यमियों को आसानी से सस्ता ऋण उपलब्ध होगा और साहूकारों से छुटकारा मिलेगा।
मोहम्मद मुस्तफा, एमडी और अध्यक्ष सिडबी