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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Shubhanshu welcomed into space with tricolour on his shoulder and smile of victory on his lips

शाबाश लखनऊ के लाल: ISS पहुंचते ही जयकारों से गूंज उठा स्कूल परिसर, कंधे पर तिरंगे के साथ हुआ शुभांशु का स्वागत

Thu, 26 Jun 2025 09:16 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Thu, 26 Jun 2025 09:16 PM IST
सार

शुभांशु शुक्ला के अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचते ही जयकारों से सीएमएस स्कूल परिसर गूंज उठा। कंधे पर तिरंगा और होठों पर विजय की मुस्कान लिए शुभांशु का अंतरिक्ष में स्वागत हुआ। वह 14 दिन प्रवास करेंगे। शुभांशु भारत के साथ अंतरिक्ष के नागरिक भी बने।

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Shubhanshu welcomed into space with tricolour on his shoulder and smile of victory on his lips
Axiom 4 Mission की डॉकिंग के बाद की पहली तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लखनऊ में कानपुर रोड के सिटी मांटेसरी स्कूल में बृहस्पतिवार को मिशन एक्सिओम-4 पर गए राजधानी के शुभांशु शुक्ला के अंतरिक्ष यान ड्रैगन ग्रेस के इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) से जुड़ने के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा गया। जैसे ही शुभांशु आईएसएस में दाखिल हुए, पूरा सीएमएस सभागार भारत माता की जय के जयकारों से गूंज उठा।

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शुभांशु के यान और अंतरिक्ष स्टेशन दोनों के बीच देर तक हवा के दबाव को बराबर लेवल पर लाने में समय लग रहा था, इस दौरान सबकी धड़कन अटक रही थी। लोग एक दूसरे को भरोसा-दिलासा और शुभकामना दे रहे थे। शुभांशु के यान को स्पेस स्टेशन से मजबूती से जोड़ा गया। इस प्रकिया को विज्ञान की भाषा में डॉकिंग कहते हैं।
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जैसे ही कंधे पर तिरंगा लगाए शुभांशु अंतरिक्ष स्टेशन पर दाखिल हुए, शुभांशु के माता-पिता, रिश्तेदार, शिक्षक सभी अपनी जगह से खड़े हो कर शुभांशु को शाबाशियां देते हुए देर तक तालियां बजाते रहे।

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पिता को अटूट भरोसा, कामयाब होकर लौटेंगे शुभांशु

शुभांशु के पिता शंभु दयाल शुक्ला शुरू से आखिर तक बेफिक्र और आत्म विश्वास से भरे नजर आए। बातचीत में बार बार सभी को यह भरोसा दिलाते रहे कि शुभांशु इस मिशन के कमांडर हैं, आप देखना यह मिशन सौ प्रतिशत कामयाब होगा और 14 दिन बाद टीम सकुशल धरती पर लौटेगी।

आगे पिता ने कहा कि शुभांशु मिशन गगनयान और ऐसे ही अनगिनत माइल स्टोन पर विजय हासिल करने के लिए बने हैं। शुभांशु को सपने देखने और दृढ़ता से उन्हें पूरा करने की आदत है। हम सबको उन पर गर्व है।

14 दिन चलेगी मिशन के कामयाब होकर लौटने की प्रार्थना

माता आशा देवी ने कहा कि शुभांशु और उनकी टीम अंतरिक्ष के इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर 14 दिन रहकर अलग-अलग एक्सपेरिमेंट करेंगे। टीम के सारे प्रयोग सफल हों इसके लिए घर के सभी लोग अगले 14 दिन ईश्वर से प्रार्थना व पूजा-पाठ करते रहेंगे।

अंतरिक्ष में शुभांशु के कदम रखते ही हो गए रोंगटे खड़े

शुभांशु के मौसेरे भाई आशीष दीक्षितइस दौरान इस बात के लिए चर्चा में बने रहे कि उन्होंने ही शुभांशु को एनडीए और फिर बाद में एयर फोर्स में टेस्ट-पायलट बनने को प्रेरित किया था। इसके बाद शुभांशु का चयन मिशन गगनयान के लिए हुआ जिसके बाद की कहानी दुनिया के सामने है। शुभांशु और आशीष में काफी गहरा और स्नेहिल संबंध है।

डॉकिंग की कामयाबी पर उन्होंने कहा कि जिस वक्त अंतरिक्ष स्टेशन पर दाखिल हुए वह रौंगटे खड़े कर देने वाला पल था। एक दिन पहले लॉन्चिंग के वक्त शुरुआती कुछ मिनटों तक आशीष काफी नर्वस थे। बताया कि रॉकेट के लॉन्चिंग के बाद धरती से 200 किलोमीटर की दूरी सुरक्षित पार करने तक का वक्त रिस्की होता है। शुभांशु मिशन में एक हंस लेकर गए हैं। खाने के लिए अपना पसंदीदा आम रस और मूंग का हलवा ले गए हैं।

प्यारे शिष्य ने दिया गर्व करने का मौका

शुभांशु के मैथ्स टीचर नागेश्वर प्रसाद शुक्ल इस मौके पर बेहद गौरवान्वित दिखे। उन्होंने कहा कि शुभांशु जैसे विद्यार्थी विरले होते हैं। शिक्षक के तौर पर आज मुझे गर्व है। मैंने उन्हें मैथ्स पढाया था। शुभांशु इंटेलिजेंट के साथ ही डिलिजेंट यानी परिश्रमी थे। सोचा नहीं था कि मेरा पढ़ाया हुआ कोई छात्र जीवन में इतनी बड़ी कामयाबी हासिल करेगा।

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