फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   shootout in lucknow indranagar in front of cns hospital

सरेशाम चौराहे पर शूटआउट, युवक को मारी गोली, अस्पताल के बाहर तड़पता रहा, मौत

Mon, 01 Jan 2018 03:10 PM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 01 Jan 2018 03:10 PM IST
विज्ञापन
shootout in lucknow indranagar in front of cns hospital
- फोटो : amar ujala

लखनऊ के गाजीपुर थानाक्षेत्र के सेक्टर-25 चौराहे पर शनिवार शाम करीब साढ़े चार बजे बाइक सवार बदमाशों ने सिक्योरिटी गार्ड संदीप कुमार यादव (25) को गोली मार दी। वारदात के वक्त चौराहे पर तैनात ट्रैफिक पुलिस के जवान खिसक लिए। राहगीरों ने घायल को सामने सीएनएस अस्पताल में भर्ती कराने की कोशिश की, लेकिन डॉक्टरों ने मना कर दिया।

विज्ञापन


इसके बाद घायल युवक अस्पताल के बाहर तड़पता रहा। सूचना पर पहुंची पुलिस घायल को लोहिया अस्पताल ले गई, जहां उसकी मौत हो गई। युवक की मौत से आक्रोशित राहगीरों ने हंगामा कर अस्पताल में तोड़फोड़ की। पुलिस ने किसी तरह समझा-बुझाकर लोगों को शांत कराया।
विज्ञापन


इंस्पेक्टर गाजीपुर गिरजा शंकर त्रिपाठी ने बताया कि इटौंजा के कुम्हरावां भगतखेड़ा निवासी गंगाराम यादव का बड़ा बेटा संदीप कुमार यादव विभूतिखंड स्थित सिक्योरिटियंश इंडिया लि. में गार्ड है। सिक्योरिटी कंपनी रिटायर्ड पुलिस अधिकारी की है। कंपनी कई निजी संस्थानों की नकदी जमा करने का काम करती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


शनिवार को संदीप ने दोस्त सर्वेश संग इंदिरानगर के चर्चित अस्पताल की नकदी निजी बैंक में जमा कराई। इसके बाद सर्वेश ने उसे वैन से ही सेक्टर-25 चौराहे से दो सौ मीटर पहले कट के पास छोड़ दिया। यहां से संदीप पैदल ही चौराहे की तरफ जा रहा था। सीएनएस अस्पताल के सामने बाइक सवार बदमाशों ने उसे गोली मार दी। गोली चलते ही भगदड़ मच गई और ट्रैफिक पुलिस चौराहा छोड़कर भाग निकली। राहगीरों ने घायल को सीएनएस अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने भर्ती करना तो दूर घायल को बाहर करवा दिया।

आधे घंटे तक राहगीरों ने किया हंगामा, लगाया जाम

shootout in lucknow indranagar in front of cns hospital

संदीप की मौत होने की सूचना मिलते ही सैकड़ों राहगीरों ने अस्पताल व पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रिंग रोड पर जाम लगा दिया। करीब आधे घंटे तक हंगामा व प्रदर्शन चलता रहा। इस बीच सीओ गाजीपुर अवनीश्वर श्रीवास्तव, इंस्पेक्टर गाजीपुर, इंदिरानगर एसओ मुकुल प्रकाश वर्मा, गुडंबा इंस्पेक्टर रामसूरत सोनकर टीम संग मौके पर पहुंच गए। लोगों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद जाम समाप्त हुआ। रिंग रोड से हटने के बाद राहगीरों ने अस्पताल में धावा बोल दिया। लेकिन पुलिस ने लोगों को खदेड़कर अस्पताल का मेन गेट बंद कराया। साथ ही अन्य थानों से भी फोर्स बुला ली गई।

इकलौता कमाने वाला था संदीप
संदीप की बहन रेखा की ससुराल जानकीपुरम में है। लोहिया अस्पताल पहुंची रेखा के मुताबिक, पिता गंगाराम यादव किसान है और संदीप इकलौता कमाने वाला था। परिवार में बहन मंजू, छोटा भाई प्रदीप, मां दर्शन देई, संदीप की पत्नी संध्या और तीन साल की बेटी नेहा है। रेखा ने बताया कि संदीप अपने साथ बैग लेकर चलता था। जो पुलिस को नहीं मिला है। आशंका है कि हमलावरों ने बैग लूटने के लिए ही गोली मारी है।

बंद लिफाफे व सील रकम लेकर जाते हैं बैंक

shootout in lucknow indranagar in front of cns hospital

इंस्पेक्टर ने बताया कि सिक्योरिटी कंपनी के कर्मचारी निजी कंपनियों से सील बंद नकदी व बंद लिफाफा लेकर बैंक जाते हैं, जहां बैंककर्मी ही लिफाफा व सील बंद नकदी खोलते हैं। रुपये जमा होने के बाद ही कर्मचारियों को पता चलता है कि कितनी रकम जमा हुई। इसकी पर्ची वह कंपनी के कैशियर के पास जमा करवा देते हैं। युवक के दोस्त सर्वेश से पूछताछ की गई। पुलिस लूट व निजी कारणों को आधार बनाकर वारदात की जांच की जा रही है।

छह साल से करता था काम, आठ महीने पहले आया सर्वेश
इंस्पेक्टर ने बताया कि संदीप कंपनी में छह साल से काम कर रहा था। वहीं, बाराबंकी के कोतवाली निवासी सर्वेश आठ महीने पहले ही आया है। सर्वेश कंपनी की वैन चलाता है। पुलिस को संदेह है कि कंपनी के ही किसी ने तो ज्यादा रकम लेकर जाने की मुखबिरी तो नहीं की। इस बिंदु पर भी जांच की जा रही है। नकदी न मिलने पर बदमाशों ने संदीप को गोली मार दी हो। सर्वेश से संदीप के बैग के बारे में भी पूछताछ की गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed