चुनाव जीते तो मुख्यमंत्री के लिए अखिलेश का नाम करूंगा प्रस्तावित : शिवपाल यादव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने एक बार फिर कहा कि अगर पार्टी सत्ता में आती है तो वह मुख्यमंत्री पद के लिए अखिलेश यादव के नाम का ही प्रस्ताव रखेंगे, लेकिन उनकी मंशा पर अब भी कयास लगाए जा रहे हैं।
पार्टी से जुड़े नेता पारिवारिक विवाद पर खुलकर अपना पक्ष नहीं रख रहे हैं लेकिन वो भी जानते हैं कि सब कुछ ठीक नहीं है। विवाद को किसी तरह दबाने की कोशिश की जा रही है।
शिवपाल के अखिलेश को समर्थन करने वाले बयान को उनके वो बयान सही नहीं ठहरा रहे हैं जो उन्होंने पहले दिए थे। शिवपाल ने इटावा में एक कार्यक्रम में कहा था, ‘कुछ लोगों को नसीब से मिल जाता है और कुछ लोग विरासत में सब कुछ पा जाते हैं लेकिन कई लोग जिंदगी भर संघर्ष करते रह जाते हैं, उन्हें कुछ नहीं मिलता।'
उनके इस बयान के कई मतलब निकाले जा रहे हैं। इस मसले पर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राम गोपाल यादव ने भी सपा सुप्रीमो मुलायम के सामने खुलकर अपना पक्ष रखा और कहा कि अखिलेश के शासन काल में प्रदेश में अभूतपूर्व विकास हुआ है, वह जनता के बीच लोकप्रिय हैं, ऐसे में उन्हें सीएम का उम्मीदवार न बनाना गलती होगी।
मुलायम के जरिये भी दबाव बनाते रहे हैं शिवपाल
पारिवारिक विवाद में शिवपाल, अखिलेश के खिलाफ खुलकर तो नहीं बोले पर मुलायम सिंह के जरिये उन पर दबाव बनाते रहे हैं। वह यही कहते रहे हैं कि नेताजी जो कहेंगे वही होगा। उनकी बात टालने की हैसियत किसी में नहीं है।
वहीं अखिलेश, मुलायम के दखल के बाद डिफेंसिव ही रहे हैं। हाल ही में मुलायम द्वारा ये कहने पर कि मुख्यमंत्री व चुनाव में पार्टी के चेहरे पर फैसला हम और विधानमंडल दल करेंगे, पर अखिलेश ने सिर्फ यही कहा कि नेताजी अनुभवी हैं जो कहा है सोच समझकर ही कहा होगा।
कुल मिलाकर सीएम अखिलेश बैकफुट पर हैं और शिवपाल यहां बढ़त लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। यहां दोनों ही यह भी दर्शाने की कोशिश कर रहे हैं कि अब सबकुछ ठीक है पर उनके बयान कुछ और ही कह रहे हैं।
रामगोपाल ने दी मुलायम को चेतावनी
रामगोपाल यादव ने मुलायम को लिखे गए अपने पत्र में ये कहा कि अखिलेश को सीएम का उम्मीदवार न बनाना गलती होगी। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री के रूप में अच्छा काम किया है। विकास के एजेंडे पर चले हैं।
आगामी विधानसभा चुनाव उन्हें सीएम पेश करके ही लड़ा जाए। यदि उनके चेहरे पर चुनाव नहीं लड़ा गया तो नुकसान होगा। उन्हें सीएम उम्मीदवार न बनाया गया तो गलती होगी।
मुलायम को यह पत्र दिल्ली में मिला। रामगोपाल का पत्र पढ़ने के बाद मुलायम सिंह ने उन्हें अपने आवास पर बुलाया। उनके बीच करीब डेढ़ घंटा बातचीत हुई।
कुल मिलाकर यह तो स्पष्ट ही है कि यूपी चुनाव के लिए अखिलेश के महत्व से हर कोई परिचित है पर परिवार में नजर आ रही ये फूट सपा को कितना नुकसान पहुंचाती है यह तो चुनाव परिणाम आने पर ही पता चलेगा।