पार्टी से हटाए गए रामगोपाल, शिवपाल ने बताया षडयंत्रकारी बीजेपी एजेंट
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मंत्रिपरिषद से बर्खास्त किए जाने के बाद शिवपाल यादव ने प्रेस कांफ्रेंस की। उन्होंने कहा, आप सभी ने रामगोपाल का पत्र तो पढ़ ही लिया होगा। प्रोफेसर भाजपा से मिले हुए हैं वो अब तक तीन बार भाजपा के बड़े नेता से मिल चुके हैं। वो ये सब इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उनका बेटा अक्षय यादव व बहू यादव सिंह घोटाले में फंसे हैं।
शिवपाल ने बताया कि इसलिए व षडयंत्र पर षडयंत्र कर रहे हैं। वो पार्टी के कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। इन सभी षडयंत्रों को मुख्यमंत्री समझ नहीं रहे हैं, जबकि उन्हें समझना चाहिए। सीएम अखिलेश को यह बात समझनी चाहिए कि उनका सगा कौन है? इसलिए रामगोपाल यादव को छह साल के लिए नेताजी के कहने पर पार्टी व सभी पदों से छह साल के लिए हटाया जाता है। प्रोफेसर हमेशा ही तिकड़म करते रहे हैं, वह सपा नेताओं व पार्टी को अपमानित करते रहे हैं।
शिवपाल ने कहा कि जब मैंने आवाज उठाई तो उन्होंने मेरे खिलाफ भी षडयंत्र किया। प्रोफेसर साहब पार्टी को और अखिलेश सरकार को कमजोर करने पर आमादा हैं, वो भ्रष्टाचारियों से मिले हुए हैं।
शिवपाल ने कहा कि नेताजी के खिलाफ षडयंत्र बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बिहार में गठबंधन भी उन्होंने ही तोड़वाया था। ये अगर अपने ज्ञान व लेखन का प्रयोग पार्टी के लिए करते अच्छा होता। इसलिए राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद से इन्हें छह साल के लिए हटाया जा रहा है।
नेताजी ने इतनी मेहनत से 60 साल में पार्टी खड़ी की
शिवपाल ने बिना नाम लिए रामगोपाल यादव पर भी निशाना साधा और कहा कि हमारे घर के कुछ लोग भाजपा से मिल गए हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि सीबीआई से बचने के लिए हमारे कुछ लोग भाजपा से मिल गए हैं।
शिवपाल ने कहा कि अभी मुख्यमंत्री अखिलेश इन बातों को नहीं समझ रहे हैं, उन्हें समझना चाहिए। शिवपाल ने कहा घर के लोगों ने बीजेपी से तीन बार मुलाकात की है।
कैबिनेट मंत्री की सारी सुविधाएं वापस की
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा कैबिनेट से बर्खास्त किए जाने के बाद शिवपाल सिंह यादव ने कैबिनेट मंत्री के तौर पर मिलने वाली सारी सुविधाएं वापस कर दीं।
शिवपाल ने फ्लीट व सुरक्षा वापस कर दी। गौरतलब है कि आज रविवार सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री आवास 5 कालिदास मार्ग पर हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने शिवपाल यादव समेत चार मंत्रियों को बर्खास्त कर दिया।
यह दूसरा मौका है जब शिवपाल को इस तरह के हालात का सामना करना पड़ रहा है। इसके पहले सपा में घमासान की शुरूआत के बाद ही मुख्यमंत्री अखिलेश ने मुलायम सिंह यादव द्वारा प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाये जाने के बाद शिवपाल यादव से कई महत्वपूर्ण विभाग वापस ले लिए थे।