फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   shivpal demands mulayam singh leadership in sp

शिवपाल बोले- गंगाजल लेकर कह सकता हूं, नई पार्टी की बात कही थी अखिलेश ने

Tue, 25 Oct 2016 02:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 25 Oct 2016 02:31 AM IST
विज्ञापन
shivpal demands mulayam singh leadership in sp
शिवपाल यादव - फोटो : amar ujala

सपा प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और पार्टी से बर्खास्त सांसद रामगोपाल यादव पर आरोपों की जमकर बौछार की। कहा, मैं अपने इकलौते बेटे की कसम खाकर और गंगाजल उठाकर कह सकता हूं कि अखिलेश ने मुझसे कहा था, नया दल बनाऊंगा।

विज्ञापन


शिवपाल ने कहा, नेताजी आप गरीबी की लड़ाई लड़ रहे थे। आज हिंदुस्तान के सबसे बड़े नेता बनने जा रहे थे। बाहरी शक्तियों से... बेईमानों से लड़ रहे थे। 2003 को याद करिए... कैसे सरकार बनी थी? किसने सरकार बनवाई थी? हमने सरकार बनवाई थी, नेताजी ने बनवाई थी।
विज्ञापन


नेताजी हम जनता के बीच रहते हैं। मेहनत करते हैं। लेकिन अब मलाई खाने वाले आ गए हैं। कहां से आ गई हैं गाड़ियां? अब सपा में वही रहेगा जो दलाली नहीं करेगा... जमीन पर कब्जा नहीं करेगा... (टोकाटाकी) जनता के बीच निकलोगे तब पता चलेगा। शिवपाल ने आरोप लगाया कि रामगोपाल ने महागठबंधन तुडुवाकर मुलायम को को देश का विकल्प नहीं बनने दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

नेताजी, मैंने आपका हर आदेश माना, पर मुझे क्या मिला...

shivpal demands mulayam singh leadership in sp

शिवपाल ने अपने भाषण की शुरुआत उस माहौल से की जब उनसे प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी लेकर अखिलेश को सौंपी गई थी। शिवपाल ने कहा- नेताजी आपका आदेश हुआ कि आपको हटाया जा रहा है... अखिलेश को अध्यक्ष बनाया जा रहा है। मैंने स्वागत किया। लेकिन मेरे साथ क्या हुआ? आपका आदेश हुआ और मेरे सभी विभाग छीन लिए गए? मेरा क्या दोष था? क्या हमने काम कम किया?

हमें पता है कि सीएम के पास समय कम होता है, विभागों की समीक्षा नहीं कर पाते। मैंने विभागों की समीक्षा की और जहां कमियां थीं, उसे ठीक कराया। जो गड़बड़ी करने वाले थे, उन पर कार्रवाई की। मैंने मंत्रियों व विधायकों की आवाज सुनी। विपक्ष के लोगों की भी सुनी। विपक्ष के लोगों ने भी मेरी तारीफ की।

शिवपाल ने कहा, नेताजी... मैंने मुख्यमंत्री का कौन सा आदेश नहीं माना? सीएम का हर आदेश माना। आपका आदेश माना। उन्होंने मौजूद विधायकों से पूछा कि उनकीसुनी या नहीं सुनी? शिवपाल ने कहा कि मैंने तो कहा था कि बिना विभाग का मंत्री बना दो। बताइये मैंने कम काम किया?... सीएम नहीं बुलाते तब भी जाता था, मिलता था।

जिनके 10 वोट नहीं, नेताजी को पीछे कर दिया

shivpal demands mulayam singh leadership in sp

नेताजी लोहिया हॉल की बैठक याद होगी। मैंने कहा था कि देश भर के चरणवादी, लोहियावादी लोगों को इकट्ठा करेंगे। देवगौड़ा, चौटाला, नीतीश व लालू से लेकर सभी लोग आ गए। ...(भीड़ से किसी ने मुख्तार का नाम लिया) शिवपाल ने कहा कि - इतने झूठे लोग हो, मुख्तार को किसी ने जॉइन नहीं कराया। नेताजी... ये पार्टी में रहने लायक नहीं।

गुंडे, दलाली करने वाले, झूठे लोगों को बर्दाश्त नहीं कर सकते। जिनके 10 वोट नहीं वे महागठबंधन का विरोध कर रहे थे। वे तब विरोध कर रहे थे जब दूसरे लोगों ने सपा का झंडा व नाम भी स्वीकार कर लिया था। सांप्रदायिक शक्तियों से मिले थे ऐसे लोग। बताइए नेताजी को किसने पीछे किया? बीजेपी से जो लोग मिले थे।

मैंने कभी अमर का साथ नहीं छोड़ा
शिवपाल ने कहा कि मैंने कभी अमर सिंह से संपर्क नहीं तोड़ा। जब भी कोई फंक्शन हुआ, गए। हम छिपने वालों में नहीं हैं। (नारेबाजी...शोर) नारे लगाने से सरकार नहीं बनेगी। सरकार को नुकसान हो रहा। इन्हें पार्टी से बाहर करना पड़ेगा। नेताजी, आपकी इजाजत होगी तो इन्हें बाहर करेंगे।

2017 में नेताजी के नेतृत्व में सरकारी बनानी है

shivpal demands mulayam singh leadership in sp

नेताजी, जितने लोहियावादी हैं, जितने समाजवादी हैं... उनको हम इकट्ठा करेंगे। अब आपको नेता मानने की जरूरत। कुछ दलालों, लुटेरों से जनता की नफरत है, उनसे वोट नहीं मिलेगा। (नारेबाजी...) मुख्यमंत्री जब प्रदेश अध्यक्ष थे, मेरे कहने पर जसवंत नगर में एक क्षेत्रीय सदस्य तक नहीं बनाया, प्रदेश छोड़ दीजिए। ...क्या मैंने सीएम को कमजोर किया?

(नारेबाजी) ...यह बताना चाहता हूं कि सरकार में मंत्री की सामूहिक जिम्मेदारी होती है। समझ लीजिए... जान लीजिए... सपा में रहना है तो अनुशासन में रहना होगा। रजत जयंती में पूरी ताकत से आना... 2017 में नेताजी के नेतृत्व में फिर सरकार बनानी है।

अजित सिंह से न मिलता तो न राज्यसभा जीतते न एमएलसी
शिवपाल ने कहा, अजित सिंह की बात कर लीजिए। नेताजी... अजित सिंह के पास आपने भेजा था। अगर अजित सिंह से बात न की होती तो राज्यसभा व एमएलसी हार जाते। सीएम ने तो किसी से संपर्क भी नहीं किया था। पूछ लीजिए... पूछ लीजिए।

दूसरे लोगों को मैंने बुलाया था। दो एमएलए को मिलाने मैं ले गया था। (बीच में आवाज) नेताजी क्या मायावती के खिलाफ मैं नहीं लड़ा था? आज यहां दो एजेंडे पर बात होनी थी। रजत जयंती समारोह और 2017 का चुनाव। लेकिन यहां क्या-क्या बातें होने लगी? (शोर) नेताजी हमें छूट दे देना... हम इन्हें बाहर कर देंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed