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शिवपाल ने किया गैर भाजपा दलों से एकजुटता का आह्वान, कहा - जरूरत पड़ने पर किसान आंदोलन की अगुवाई करेगी प्रसपा

Wed, 16 Dec 2020 08:07 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Wed, 16 Dec 2020 08:07 PM IST
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Shivpal calls for solidarity with non-BJP parties, said - Prasad will lead the farmer movement if needed
प्रसपा मुखिया शिवपाल सिंह यादव - फोटो : अमर उजाला
प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) की प्रदेश कार्यसमिति की एक दिवसीय बैठक बुधवार को राज्य व केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखे हमले के साथ ही वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटने के आह्वान के साथ संपन्न हो गई। प्रसपा मुखिया शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि गैर भाजपा दलों की एकजुटता समय की मांग की है। उन्होंने 21 दिसंबर से विभिन्न कार्यक्रमों का ऐलान किया।
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शिवपाल यादव ने प्रदेश कार्यकारिणी केपदाधिकारियों, सदस्यों से कहा कि 2022 में प्रस्तावित प्रदेश विधानसभा के चुनाव के लिए अभी से जुटें और प्रसपा के प्रभावी नेतृत्व वाली सरकार बनाएं। उन्होंने गैर भाजपा दलों की एकजुटता का आह्वान किया। कहा कि गैर भाजपावाद समय की मांग है। भाजपा सरकार ने गांव, गरीब, किसान, पिछड़े, दलित, व्यवसायी, मध्यवर्ग और युवाओं को सिर्फ  छला है। सरकार शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान, रोजगार और इलाज उपलब्ध करा पाने में पूरी तरह नाकाम रही है। उन्होंने कहा, भाजपा सरकार में सबसे परेशान किसान हैं। उन्हें फसल का लागत मूल्य भी नहीं मिल रहा है। पिछले साल जो धान 2400 रुपये क्विंटल बिका था, वह इस बार 1100 से 1300 रुपये के बीच बिक रहा है।
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प्रसपा मुखिया ने कहा, गन्ने का समर्थन मूल्य पिछले कुछ सालों से एक रुपया भी नहीं बढ़ा है। अभी तक पिछले साल के गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा है कि नए कानूनों के तहत सरकार मंडियों को छीनकर कॉरपोरेट कंपनियों को देना चाहती है। अधिकांश छोटे जोत के किसानों के पास न तो न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए लड़ने की ताकत है और न ही वह इंटरनेट पर अपने उत्पाद का सौदा कर सकते हैं। इससे तो किसान बस अपनी जमीन पर मजदूर बनकररह जाएगा।
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शिवपाल यादव ने कहा कि इन्हीं तथ्यों की ओर केंद्र व राज्य सरकार का ध्यान दिलाने के लिए प्रसपा (लोहिया) 21 दिसंबर को मेरठ में  किसान नौजवान महासम्मेलन करेगी। इसका उद्देश्य अन्नदाताओं के पक्ष में आवाज मुखर करना है। इसी क्रम में प्रसपा 23 दिसंबर को चौधरी चरण सिंह की जयंती को किसान संघर्ष दिवस के रूप में मनाएगी। 24 दिसंबर से प्रसपा पूरे प्रदेश में गांव-गांव पद यात्रा निकालेगी। शिवपाल ने केंद्र सरकार से मांग की है कि किसानों व विपक्ष की आम सहमति के बिना बनाए गए तीनों कृषि कानूनों पर पुनर्विचार किया जाए।


करीब साढ़े चार घंटे चली प्रसपा की प्रदेश कार्यकारिणी बैठक में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शादाब फातिमा, पूर्व मंत्री शिव कुमार बेरिया, कमाल युसुफ मलिक, जय प्रकाश, राष्ट्रीय महासचिव शारदा प्रताप शुक्ला, पूर्व मंत्री जगवीर गुर्जर, रामनरेश यादव, आदित्य यादव, राम सिंह यादव, प्रदेश अध्यक्ष सुंदर लाल लोधी, उपाध्यक्ष फरहत मियां, रघुराज शाक्य, डॉ रक्षपाल, वीरपाल यादव, मुख्य प्रवक्ता दीपक मिश्र व महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष अर्चना राठौर खासतौर पर मौजूद रहीं। 
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