फरवरी तक हो जाएगा शिक्षामित्रों पर फैसला
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पहले चरण में सहायक अध्यापक बनने वाले शिक्षा मित्रों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन 28 फरवरी तक हरहाल में करा लिया जाएगा। सत्यापन यदि नहीं हुआ है तो शपथ पत्र लेकर वेतन भुगतान कर दिया जाएगा।
जांच के दौरान यदि इसमें किसी प्रकार की गड़बड़ी मिली तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए वेतन की वसूली की जाएगी। सचिव बेसिक शिक्षा संजय सिन्हा ने इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश भेज दिया है।
आयु सीमा से बनेगी वरीयता सूची
शिक्षा मित्रों को समायोजित करने के लिए आयु सीमा के आधार पर वरीयता सूची बनाई जाएगी। मसलन जिसकी अधिक आयु होगी, उसे पहले नियुक्ति पत्र दिया जाएगा।
दो शिक्षा मित्रों की जन्मतिथि एक समान है तो अंग्रेजी वर्णमाला के आधार पर वरीयता सूची बनाई जाएगी। डायट प्राचार्य की अध्यक्षता में बनने वाली कमेटी शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति का अनुमोदन देगी।
58,826 शिक्षामित्र बन चुके हैं सहायक अध्यापक
गौरतलब है कि प्रदेश में 1.70 लाख शिक्षा मित्रों को दूरस्थ शिक्षा से बीटीसी का प्रशिक्षण देकर सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित किया जाना है। पहले चरण में 58,826 शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक बनाया जा चुका है।
दूसरे चरण में बीटीसी करने वाले 88 हजार शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित करने का कार्यक्रम सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा ने भेजा है। इसके मुताबिक 28 फरवरी तक इन्हें सहायक अध्यापक पद का नियुक्ति पत्र दे दिया जाएगा।
जबकि, 25 हजार शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक बनाने की मुहिम को झटका लग सकता है। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने अप्रशिक्षित शिक्षामित्रों को बीटीसी प्रशिक्षण का परिणाम 28 दिसंबर को घोषित किया गया था।
इस परीक्षा में कुल 91200 शिक्षामित्र पंजीकृत थे, इसमें 69739 पास, 913 फेल एवं 19766 के परिणाम अपूर्ण पाए गए थे। परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी के कारण लगभग 25 हजार अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में फंस गया है।