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Shravasti: बौद्ध तपोस्थली के विनियमित क्षेत्र में अतिक्रमण कर बनी मजार, हिंदू संगठनों ने जताया विरोध
Thu, 12 Sep 2024 04:17 PM IST
ishwar ashish
संवाद न्यूज एजेंसी, इकौना (श्रावस्ती)
संवाद न्यूज एजेंसी, इकौना (श्रावस्ती)
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 12 Sep 2024 04:17 PM IST
सार
हिंदू संगठनों की ओर से दिए गए ज्ञापन के बाद एसडीएम इकौना ओम प्रकाश, श्रावस्ती विधायक रामफेरन पांडेय, सीओ सतीश शर्मा व थानाध्यक्ष कटरा गणनाथ प्रसाद ने मौका मुआयना किया। जहां न सिर्फ बृहस्पतिवार को मेला लगा मिला। बल्कि पेड़ के नीचे कई चबूतरा व करीब पांच बीघा भूमि पर कब्जा मिला।
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हिंदू संगठनों ने सौंपा ज्ञापन।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती के विनियमित क्षेत्र में स्थित मजार व वक्फ बोर्ड की भूमि को लेकर एक बार पुन: मामला तूल पकड़ने लगा है। बृहस्पतिवार को हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओ ने इकौना तहसील में प्रदर्शन कर एसडीएम व श्रावस्ती विधायक को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इसके बाद एसडीएम व विधायक ने दल बल के साथ मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान मजार कमेटी की ओर से कोई भी अभिलेख प्रस्तुत न करने पर एसडीएम ने कार्रवाई करने की बात कही।
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एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में इकौना के मोहल्ला आजाद नगर निवासी कन्हैया लाल कसौधन ने कहा है कि बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती विनियमित क्षेत्र है। यहां राजगढ़ गुलहरिया का गाटा संख्या 1392 रकबा 1.509 हेक्टेअर भूमि सहेट महेट के नाम महफूज है। यह पुरातत्व विभाग द्वारा किए जा रहे सर्वेक्षण के अंतर्गत आता है। जिसकी 200 मीटर परिधि में बगैर अनुमति कोई निर्माण कार्य नहीं किया जा सकता है। इसी संरक्षित भूमि के कुछ भाग पर एक विशेष समुदाय के लोगों द्वारा सुनियोजित तरीके से कथित मीर शाह मजार बनाकर अवैध कब्जा कर लिया गया है। साथ ही सर्वेक्षण के चिह्नित भूमि पर सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड लखनऊ मकान नंबर 02 इंतेजामिया कमेटी दरगाह हजरत सैयद मीर शाह का बोर्ड लगा दिया है।
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30 जून को इसकी शिकायत पर एसडीएम इकौना के निर्देश पर जांच कर अतिक्रमण हटवा कर पांच दिन में रिपोर्ट देने की बात कही गई थी। लेकिन पुरातत्व विभाग ने अस्थाई तौर पर बोर्ड को झुकाकर फौरी कार्रवाई कर दिया जिस पर मजार संचालन करने वाले लोगों द्वारा पुन: कब्जा कर लिया गया है जिसे हटवाने की मांग की गई है।
ज्ञापन के बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम व विधायक
हिंदू संगठनों की ओर से दिए गए ज्ञापन के बाद एसडीएम इकौना ओम प्रकाश, श्रावस्ती विधायक रामफेरन पांडेय, सीओ सतीश शर्मा व थानाध्यक्ष कटरा गणनाथ प्रसाद ने मौका मुआयना किया। जहां न सिर्फ बृहस्पतिवार को मेला लगा मिला बल्कि पेड़ के नीचे कई चबूतरा व करीब पांच बीघा भूमि पर कब्जा मिला। इतना ही नहीं मजार में स्थाई पक्का निर्माण भी मिला। इस पर एसडीएम ने वहां मौजूद चक्रभंडार के पूर्व प्रधान मुस्ताक से जानकारी मांगी तो उन्होंने बताया कि मजार के नाम पर पुरातत्व विभाग से 120 वर्ष का पट्टा है। कागज मांगने पर वहां मौजूद लोग बगल झांकने लगे।
अमर उजाला ने पहले उठाया था मामला
अमर उजाला ने इस प्रकरण को सात अप्रैल 2023 के अंक में विनियमित क्षेत्र की भूमि पर अतिक्रमण कर बना दी मजार शीर्षक से सचित्र प्रकाशित किया था। तब हरकत में आए पुरातत्व विभाग व तहसील प्रशासन की ओर से यहां लगा बोर्ड हटाया गया था। तब से अब तक काफी भूमि पर अतिक्रमण हो चुका है।
श्रावस्ती विधायक राम फेरन पांडेय का कहना है कि यह भूमि पुरातत्व विभाग की है। जिस पर अतिक्रमण किया गया है। इसे खाली करवा कर पुरातत्व विभाग को सौंपा जाएगा।
इकौना एसडीएम ओम प्रकाश का कहना है कि मजार व बाउंड्रीवाल सहित वक्फ बोर्ड से संबंधित कागजात मांगा गया है। यदि इसे प्रस्तुत न किया गया तो विधिक कार्रवाई की जाएगी।