यूपीः अपने पिता के बच्चे को जन्म देगी बेटी!
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पिता के यौन शोषण की शिकार 13 साल की बच्ची ने गर्भपात कराने से शनिवार को कोर्ट में इन्कार कर दिया है। पीड़िता ने कहा कि वह बच्चे को जन्म देगी लेकिन उससे कोई वास्ता नहीं रखेगी। वहीं,बच्ची के भाई ने प्रसव होने तक उसे घर में रखने से इन्कार कर दिया है।
दोनों को सुनने के बाद कोर्ट ने अग्रिम आदेशों तक गर्भवती बच्ची को नारी निकेतन भेज दिया है। मालूम हो कि पुलिस ने आरोपी पिता को 16 जुलाई को जेल भेज दिया था।
पुलिस के मुताबिक 20 जुलाई को डफरिन अस्पताल में बच्ची का मेडिकल चेकअप कराया गया तो पता चला कि वह साढ़े पांच माह की गर्भवती है। डॉक्टरों ने कहा है कि बच्ची शारीरिक रूप से सक्षम नहीं है जिससे प्रसव में रिस्क है।
इसके बाद एक समाजसेवी संस्था की नीलम चतुर्वेंदी मामले को लेकर कोर्ट तक गईं। शनिवार को पुलिस रेप पीड़िता और भाई को कोर्ट लेकर पहुंचे। एसओ ने अर्जी देकर कोर्ट को बताया कि गर्भवती नाबालिग को परिवार के लोग घर में रखने को तैयार नहीं है।
भाई बोला-नहीं उठा सकता खर्च
ऐसे में इसे किसके संरक्षण में और कहां पर रखा जाए। इस पर अदालत ने बच्ची को राजकीय नारी निकेतन भेजने का फैसला सुनाया। बाद में एसओ ने बताया कि बच्ची ने कोर्ट में सुनवाई के दौरान गर्भपात कराने से इन्कार कर दिया।
कहा कि वह बच्चे को जन्म देगी। इसके बाद किसी संस्था या किसी नि:संतान को बच्चा दे देगी। वह और उसके परिवार के लोग बच्चे से कोई वास्ता नहीं रखेंगे। न ही बच्चे के बारे में कभी भी कुछ जानने की कोशिश करेंगे।
पीड़िता के भाई ने कोर्ट में कहा कि उसके और भी भाई बहन हैं। वह अकेला कमाने वाला है। उसकी कमाई से बमुश्किल ही घर का खर्च चल पाता है। ऐसे में वह बहन और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे का भरण-पोषण नहीं कर पाएगा। प्रसव के बाद वह बहन को परिवार के साथ रख लेगा