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Lucknow News: शिफ्ट होगी आलमबाग के चार वार्डो में पेयजल लाइन के ऊपर पड़ी सीवर लाइन
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लखनऊ। आलमबाग क्षेत्र के चार वार्डों में दूषित पेयजल की गंभीर समस्या को देखते हुए अब पाइपलाइन के ऊपर डाली गई सीवर लाइन शिफ्ट की जाएगी। जलकल विभाग ने जल निगम की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाते हुए मैनहोल चैंबरों को भी पेयजल लाइन के ऊपर से हटाने का प्रस्ताव भेजा है। अमर उजाला के इस मुद्दे पर 9 जनवरी को प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग हरकत में आया है।
जलकल महाप्रबंधक कुलदीप सिंह ने जल निगम (नगरीय) के अधीक्षण अभियंता को लिखे पत्र में विभाग पर मनमानी का सीधा आरोप लगाया है। पत्र के अनुसार, जल निगम ने अमृत मिशन योजना के तहत काम शुरू करने से पहले जलकल विभाग के इंजीनियरों से कोई समन्वय नहीं किया। लापरवाही का आलम यह है कि कई क्षेत्रों में सीवर लाइन और उसके मैनहोल सीधे पेयजल पाइपलाइन के ऊपर बना दिए गए हैं, जिससे गंदा पानी घरों तक पहुंच रहा है।
इन वार्डों में संकट, 240 करोड़ का बजट भी रहा बेअसर
अमृत मिशन के तहत साल 2019 में आलमबाग के सात वार्डों के लिए करीब 240 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था। इनमें से चार वार्डों बाबू कुंज बिहारी ओमनगर, गीतापल्ली, गुरु गोविंद सिंह और गुरु नानक वार्ड की गलियां पतली होने के कारण ठेकेदारों ने तकनीकी मानकों को ताक पर रखकर पुरानी वाटर लाइन के ऊपर ही सीवर लाइन बिछा दी। काम के दौरान क्षतिग्रस्त हुई पाइपलाइनों की भी ठीक से मरम्मत नहीं की गई, जो अब बीमारी का सबब बन रही हैं।
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Iबिना पाइपलाइन शिफ्ट किए समस्या दूर होती नहीं दिख रही। ऐसे में जल निगम को प्रोजेक्ट बनाकर काम कराने को कहा गया है। काम शुरू होगा तो करीब एक साल का समय लग सकता है।I
I- कुलदीप सिंह, महाप्रबंधक, जलकल विभागI
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जलकल महाप्रबंधक कुलदीप सिंह ने जल निगम (नगरीय) के अधीक्षण अभियंता को लिखे पत्र में विभाग पर मनमानी का सीधा आरोप लगाया है। पत्र के अनुसार, जल निगम ने अमृत मिशन योजना के तहत काम शुरू करने से पहले जलकल विभाग के इंजीनियरों से कोई समन्वय नहीं किया। लापरवाही का आलम यह है कि कई क्षेत्रों में सीवर लाइन और उसके मैनहोल सीधे पेयजल पाइपलाइन के ऊपर बना दिए गए हैं, जिससे गंदा पानी घरों तक पहुंच रहा है।
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इन वार्डों में संकट, 240 करोड़ का बजट भी रहा बेअसर
अमृत मिशन के तहत साल 2019 में आलमबाग के सात वार्डों के लिए करीब 240 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था। इनमें से चार वार्डों बाबू कुंज बिहारी ओमनगर, गीतापल्ली, गुरु गोविंद सिंह और गुरु नानक वार्ड की गलियां पतली होने के कारण ठेकेदारों ने तकनीकी मानकों को ताक पर रखकर पुरानी वाटर लाइन के ऊपर ही सीवर लाइन बिछा दी। काम के दौरान क्षतिग्रस्त हुई पाइपलाइनों की भी ठीक से मरम्मत नहीं की गई, जो अब बीमारी का सबब बन रही हैं।
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Iबिना पाइपलाइन शिफ्ट किए समस्या दूर होती नहीं दिख रही। ऐसे में जल निगम को प्रोजेक्ट बनाकर काम कराने को कहा गया है। काम शुरू होगा तो करीब एक साल का समय लग सकता है।I
I- कुलदीप सिंह, महाप्रबंधक, जलकल विभागI