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Lucknow News: रेलवे स्टेशन पर लगेगा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट
Mon, 01 May 2023 11:46 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 01 May 2023 11:46 PM IST
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रायबरेली। शहर के रेलवे स्टेशन पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाने की तैयारी चल रही है, जिसका लाभ वाशिंग लाइन को मिल सकेगा। रेलवे स्टेशन और रेलवे कॉलोनी का गंदा एवं दूषित जल नाले-नालियों के जरिए प्लांट तक पहुंचेगा, जिसे फिर से इस्तेमाल करने लायक बनाया जाएगा। इस पानी का उपयोग रेल गाड़ियों की धुलाई में किया जाएगा।
सोमवार को मंडल रेल प्रबंधक सुरेश कुमार सपरा ने निरीक्षण के दौरान एसटीपी के संबंध में जानकारी ली। साथ ही स्टेशन, कॉलोनी, वाशिंग लाइन की जलापूर्ति के लिए वाटर पंपों की स्थिति के बारे में जाना। वरिष्ठ खंड अभियंता (कार्य) अरुण कुमार एवं स्टेशन अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट नई वाशिंग लाइन के पास बनेगा, जिसे जल निगम बनाएगा। इस संबंध में रेलवे और जल निगम के उच्चाधिकारियों के बीच बातचीत हो चुकी है। डीआरएम ने स्टेशन के पूर्वी छोर पर बन रहे नए पैदल पुल के प्रवेश स्थल के आसपास लगे मलबे के ढेर को हटाने, सौंदर्यीकरण कराने, पुल के दूसरे हिस्से पर प्लेटफार्म को बढ़ाने, समतलीकरण कराने को कहा। स्टेशन के बहराना साइड पर दूसरा प्रवेश द्वार और बाउंड्रीवाल बनाने, आवागमन के लिए रास्तों के चौड़ीकरण के संबंध में मुआयना करते हुए मातहतों से विचार-विमर्श किया।
शहर के रेलवे स्टेशन पर निर्माण संबंधी कार्यों की रफ्तार काफी धीमी है। प्लेटफार्म नंबर दो-तीन पर टिनशेड न लगने से काफी असुविधा हो रही है। गर्मी और बारिश में यात्री परेशान होते हैं। नए पैदल पुल से यात्रियों का आवागमन होने लगा है, लेकिन धूप-बारिश से बचाव के लिए शेड नहीं लगा है। पुल से उतरते ही मलबे, कूड़े के ढेर नजर आते हैं। प्लेटफार्म पर कई जगह मलबा पड़ा है। एस्केलेटर, लिफ्ट लगाने का काम लटका है। डीआरएम ने कहा कि ये सारे काम यार्ड रिमॉडलिंग के तहत डेढ़ साल पहले हो जाना चाहिए था, लेकिन कुछ कारणों से कई काम अधूरे हैं। कार्यों को गति देने और यात्री सुविधाओं को बढ़ाने के लिए रायबरेली को अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल किया गया है। अब सभी कार्यों में तेजी आएगी और आधुनिक सुविधाएं यात्रियों को मिल सकेंगी।
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ऊंचाहार। अमेठी-ऊंचाहार रेल लाइन में सलोन का औद्योगिक क्षेत्र अवरोध बना है। दोबारा सर्वे कराने के बाद भी अब तक कोई निर्णय नहीं हो सका है। ऊंचाहार में निरीक्षण के लिए आए मंडल रेल प्रबंधक एसके सपरा ने कहा कि ऊंचाहार-अमेठी रेल लाइन के रास्ते में बहुत तेजी से सलोन में एक औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो गया। प्रदेश सरकार ने इसे हटाने के बजाय रेल लाइन का रास्ता बदलने का सुझाव दिया है। ऐसे में दूसरे रास्ते की जमीनों को अधिग्रहण करने में बजट ज्यादा खर्च होगा। इसीलिए दोबारा सर्वे कराया गया है। इसकी रिपोर्ट तैयार हो चुकी है, जिस पर विचार चल रहा है। डीआरएम ने सोमवार को क्षेत्र में होने वाले रेलवे के निर्माण कार्यों के बारे में जानकारी ली। ऊंचाहार स्टेशन का कंप्यूटरीकृत आरक्षण केंद्र देखा। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक रेखा शर्मा से कहा कि केंद्र में एक अतिरिक्त कंप्यूटर लगवाया जाए। पेयजल एवं साफ-सफाई व्यवस्था का जायजा भी लिया। संवाद
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सोमवार को मंडल रेल प्रबंधक सुरेश कुमार सपरा ने निरीक्षण के दौरान एसटीपी के संबंध में जानकारी ली। साथ ही स्टेशन, कॉलोनी, वाशिंग लाइन की जलापूर्ति के लिए वाटर पंपों की स्थिति के बारे में जाना। वरिष्ठ खंड अभियंता (कार्य) अरुण कुमार एवं स्टेशन अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट नई वाशिंग लाइन के पास बनेगा, जिसे जल निगम बनाएगा। इस संबंध में रेलवे और जल निगम के उच्चाधिकारियों के बीच बातचीत हो चुकी है। डीआरएम ने स्टेशन के पूर्वी छोर पर बन रहे नए पैदल पुल के प्रवेश स्थल के आसपास लगे मलबे के ढेर को हटाने, सौंदर्यीकरण कराने, पुल के दूसरे हिस्से पर प्लेटफार्म को बढ़ाने, समतलीकरण कराने को कहा। स्टेशन के बहराना साइड पर दूसरा प्रवेश द्वार और बाउंड्रीवाल बनाने, आवागमन के लिए रास्तों के चौड़ीकरण के संबंध में मुआयना करते हुए मातहतों से विचार-विमर्श किया।
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शहर के रेलवे स्टेशन पर निर्माण संबंधी कार्यों की रफ्तार काफी धीमी है। प्लेटफार्म नंबर दो-तीन पर टिनशेड न लगने से काफी असुविधा हो रही है। गर्मी और बारिश में यात्री परेशान होते हैं। नए पैदल पुल से यात्रियों का आवागमन होने लगा है, लेकिन धूप-बारिश से बचाव के लिए शेड नहीं लगा है। पुल से उतरते ही मलबे, कूड़े के ढेर नजर आते हैं। प्लेटफार्म पर कई जगह मलबा पड़ा है। एस्केलेटर, लिफ्ट लगाने का काम लटका है। डीआरएम ने कहा कि ये सारे काम यार्ड रिमॉडलिंग के तहत डेढ़ साल पहले हो जाना चाहिए था, लेकिन कुछ कारणों से कई काम अधूरे हैं। कार्यों को गति देने और यात्री सुविधाओं को बढ़ाने के लिए रायबरेली को अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल किया गया है। अब सभी कार्यों में तेजी आएगी और आधुनिक सुविधाएं यात्रियों को मिल सकेंगी।
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ऊंचाहार। अमेठी-ऊंचाहार रेल लाइन में सलोन का औद्योगिक क्षेत्र अवरोध बना है। दोबारा सर्वे कराने के बाद भी अब तक कोई निर्णय नहीं हो सका है। ऊंचाहार में निरीक्षण के लिए आए मंडल रेल प्रबंधक एसके सपरा ने कहा कि ऊंचाहार-अमेठी रेल लाइन के रास्ते में बहुत तेजी से सलोन में एक औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो गया। प्रदेश सरकार ने इसे हटाने के बजाय रेल लाइन का रास्ता बदलने का सुझाव दिया है। ऐसे में दूसरे रास्ते की जमीनों को अधिग्रहण करने में बजट ज्यादा खर्च होगा। इसीलिए दोबारा सर्वे कराया गया है। इसकी रिपोर्ट तैयार हो चुकी है, जिस पर विचार चल रहा है। डीआरएम ने सोमवार को क्षेत्र में होने वाले रेलवे के निर्माण कार्यों के बारे में जानकारी ली। ऊंचाहार स्टेशन का कंप्यूटरीकृत आरक्षण केंद्र देखा। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक रेखा शर्मा से कहा कि केंद्र में एक अतिरिक्त कंप्यूटर लगवाया जाए। पेयजल एवं साफ-सफाई व्यवस्था का जायजा भी लिया। संवाद