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Lucknow News: सात साल के बच्चे ने जीती मौत से जंग, ट्रॉमा क्रिटिकल केयर यूनिट में मिला जीवन

Sun, 20 Sep 2026 02:32 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 20 Sep 2026 02:32 AM IST
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Seven-year-old wins battle against death; finds new life in Trauma Critical Care Unit.
ट्रॉमा सेंटर।
लखनऊ। गिलियन-बैरे सिंड्रोम, गंभीर निमोनिया और सेप्टिक शॉक से जूझ रहे सात साल के बच्चे की समय पर इलाज मिलने से जान बच गई। प्रयागराज निवासी बच्चे को सांस लेने में गंभीर तकलीफ और सेप्टिक शॉक की वजह से बेहद नाजुक हालत में केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर लाया गया था। पीडियाट्रिक आईसीयू में बेड उपलब्ध नहीं होने पर उसे ट्रॉमा क्रिटिकल केयर यूनिट में भर्ती किया गया। यहां वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखकर तत्काल इलाज शुरू किया गया।
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बच्चे को 14 दिनों तक वेंटिलेटर पर रखा गया। डॉक्टरों की टीम ने लगातार उसकी निगरानी की और जरूरी दवाओं के साथ सपोर्टिव केयर दी। इलाज के दौरान धीरे-धीरे उसकी हालत में सुधार हुआ। इसके बाद उसे सफलतापूर्वक वेंटिलेटर से हटा दिया गया। रिहैबिलिटेशन और अन्य जरूरी देखभाल के बाद बच्चा चलने-फिरने और सामान्य गतिविधियां करने में सक्षम हो गया।
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22 दिन के इलाज के बाद बच्चे को स्वस्थ हालत में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। ट्रॉमा क्रिटिकल केयर यूनिट प्रभारी डॉ. जिया अरशद की देखरेख में डॉ. राम गोपाल मौर्य और पूरी क्रिटिकल केयर टीम ने इलाज किया। ट्रॉमा सीएमएस डॉ. प्रेमराज सिंह ने बताया कि ट्रॉमा क्रिटिकल केयर यूनिट गंभीर मरीजों को तत्काल जीवनरक्षक उपचार उपलब्ध कराने के लिए तैयार है।
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