वार्डन को कमरे में बंद करके कहां भागी 7 लड़कियां?
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अल्पावास गृह में रखी गईं सात युवतियां रविवार की शाम वार्डन को कमरे में बंद कर दीवार फांदकर भाग गईं। वार्डन की सूचना पर पहुंची पुलिस ने छानबीन की लेकिन कहीं पता नहीं चला।
शहर के मोहल्ला सिविल लाइंस ‘संवेदना’ अल्पावास गृह में पुलिस द्वारा पकड़ी गई महिलाओं को सुरक्षा की दृष्टि से रखा जाता है। ये वे युवतियां होती हैं, जिनके खिलाफ मुकदमे चल रहे हैं।
यहां पर करीब तीस महिलाएं रखी गईं थीं। रविवार को छुट्टी के चलते वार्डन विष्णु प्रिया अकेली थीं। उनके मुताबिक कुछ दिन पहले उन्होंने आंखों का आपरेशन कराया था। करीब तीन बजे आंख में दवा डालने के लिए कमरे में जा रही थीं।
यूं झोंकी वार्डन की आखों में धूल
तभी पिंकी नाम की युवती ने कहा कि वह टीवी देखेगी। वार्डन ने टीवी चला दी और दवा डालकर आंख बंद कर ली। पिंकी ने वार्डन के कमरे का दरवाजा बंद कर दिया और सात युवतियां दीवार फांदकर भाग निकलीं। वार्डन के मुताबिक गेट बंद था।
शोर मचाने पर अन्य युवतियों ने दरवाजा खोला। वार्डन के मुताबिक इंचार्ज ममता यादव को सूचना दे दी है लेकिन वे शहर से बाहर हैं। भागी गई युवतियों में ज्यादातर बारासगवर और गंगाघाट थाना क्षेत्र की हैं।
कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र कुमार रघुवंशी ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।