फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   session changed but situation same children's lives are being played with in capital

Lucknow: नए सत्र में भी नहीं बदले हालात, अनफिट वाहनों से स्कूल जा रहे बच्चे, सुरक्षा मानकों की हो रही अनदेखी

Fri, 04 Jul 2025 02:29 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Fri, 04 Jul 2025 02:29 PM IST
सार

लखनऊ में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन स्कूली वाहनों की हालत अब भी जस की तस है। कई स्कूली वैन पुराने, अनफिट और मानकों से परे हैं। 

विज्ञापन
session changed but situation  same children's lives are being played with in capital
वैन में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाया जा रहा है। - फोटो : amar ujala

विस्तार

केस-1

विज्ञापन

हजरतगंज स्थित सेंट फ्रांसिस स्कूल के बाहर बृहस्पतिवार दोपहर खड़ी स्कूली वैन (यूपी 3 2एएन 7769) का पिछला टायर फटा और अगला घिसा हुआ था। इन्हीं टायरों के भरोसे वैन स्कूली बच्चे ढो रही थी।

केस-2
महानगर स्थित माउंटफोर्ड स्कूल के बाहर वैन में जुगाड़ की सीट लगाकर बच्चों को बैठाया जा रहा था। वैन में  अग्निशमन यंत्र भी नहीं था। कई वैन की बैकलाइट तक टूटी हुई थी।
विज्ञापन


केस-3
आशियाना के सेक्टर-एच स्थित स्टेला मैरिस स्कूल के वाहनों (यूपी 32 ईजेड 4349 एवं यूपी 32 एचटी 4507) में ड्राइवर का विवरण नहीं था। इनकी खिड़कियों पर लोहे की ग्रिल भी नहीं थी। वैन (यूपी 32 ईएन 9745) में सामने नंबर प्लेट ही नहीं थी। कई प्राइवेट वाहन भी बच्चों को ढो रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


एक जुलाई से स्कूलों का नया सत्र शुरू हो चुका है। हालांकि, राजधानी में बच्चों को लाने-छोड़ने वाले स्कूली वाहनों की हालत नहीं सुधरी है। इनकी बदहाली बृहस्पतिवार को एक बार फिर उजागर हुई। हजरतगंज से लेकर आशियाना, महानगर और अन्य इलाकों में ऐसे ही अनफिट स्कूली वाहनों से बच्चे ढोए जा रहे हैं। वाहन मानकों की अनदेखी कर दौड़ रहे हैं। ऐसे में हादसे की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता है।

ये भी पढ़े- UP: सीएम योगी ने आम महोत्सव 2025 का किया शुभारंभ, 800 प्रजातियों को देखने और चखने का मिलेगा मौका

परिवहन विभाग अनफिट स्कूली वाहनों के खिलाफ चेकिंग अभियान चला रहा है, लेकिन सड़कों पर अब भी अनफिट वाहन दौड़ रहे हैं। विभाग ने कुछ दिन पहले ही अनफिट, कंडम स्कूली वाहनों के आंकड़े जारी किए थे। बावजूद इसके इनकी हालत में सुधार के प्रयास नहीं किए गए।

राजधानी में 1915 स्कूली-शैक्षणिक वाहन पंजीकृत हैं। इनमें से 183 वाहन 15 वर्ष की उम्र पूरी कर चुके हैं। फिर भी कंडम वाहन दौड़ रहे हैं। 258 वाहन ऐसे हैं, जिनकी फिटनेस व परमिट या फिर दोनो खत्म हो चुके हैं। 122 वाहन वे हैं, जिनकी फिटनेस नहीं है और 208 के परमिट खत्म हो गए हैं। 72 वाहन ऐसे हैं, जिनकी फिटनेस व परमिट दोनों नहीं है और 58 में सिर्फ फिटनेस नहीं है, पर परमिट है। राजधानी में सिर्फ 1474 वाहन ही चलने लायक हैं।

ये भी पढ़े- UP Government Jobs : ग्राम विकास अधिकारी बनने के लिए अब ट्रिपल-सी कोर्स अनिवार्य, नई नियमावली लागू

स्कूली वाहनों के लिए मानक

  • वाहन का रंग पीला हो। आगे विद्यालय बस या वैन लिखा होना चाहिए। स्कूल का नाम, ड्राइवर का विवरण वाहन पर लिखा हो।
  • वैन में क्रॉस शीशे लगे हों, दरवाजे के लॉक अच्छे होने चाहिए।
  • सीट बेल्ट, आपात स्थिति के लिए अलार्म, घंटी या सायरन हो।
  • फर्स्ट एड बॉक्स व अग्निशमन यंत्र हो।
  • सीएनजी वाहन में सिलिंडर के ऊपर सीट न हो।

 आरटीओ प्रवर्तन प्रभात पांडेय ने बताया कि अनफिट स्कूली वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। चेकिंग के दौरान ऐसे वाहनों के पकड़े जाने पर वाहन मालिकों व स्कूल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर तक की होगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed