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यूपी में उद्योगों को सौगात: भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क में कमी, 90 दिन में बदल जाएगी श्रेणी
Mon, 21 Sep 2020 08:20 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 21 Sep 2020 08:20 PM IST
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निवेशकों के लिए कई सहूलियतों का एलान किया है। उन्होंने कहा है कि यूपी को औद्योगिक प्रदेश बनाने का महाभियान शुरू हो गया है। सरकार ने इस वर्ष औद्योगिक इकाइयों को 95 हजार करोड़ रुपये ऋण दिलाने का लक्ष्य तय किया है और 16 हजार करोड़ के नए निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
योगी सोमवार को अपने सरकारी आवास पर इन्वेस्ट यूपी की उच्च स्तरीय प्राधिकृत समिति (प्रदेश स्तरीय उद्योग बंधु) को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा है कि आवास एवं शहरी नियोजन विभाग द्वारा औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए भू-उपयोग परिवर्तन के आवेदनों का निस्तारण 90 दिन की सीमा में किया जाएगा। इसी तरह कृषि से औद्योगिक श्रेणी में भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क को घटाकर सर्किल रेट के 35 प्रतिशत के स्थान पर 20 प्रतिशत लिया जाएगा। बड़े भूखंडों पर टेलीस्कोप दरों को शामिल करने पर यह शुल्क 14 प्रतिशत रह जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित औद्योगिक आस्थानों व औद्योगिक क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयों को दोहरे टैक्स के बोझ से मुक्ति मिलेगी। जिला पंचायतों द्वारा इकट्ठा गए टैक्स का न्यूनतम 60 प्रतिशत उसी औद्योगिक क्षेत्र के रखरखाव में खर्च किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बैठक में ही मेरठ की बंद पड़ी कताई मिल की भूमि पर नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की भी घोषणा की। यह औद्योगिक क्षेत्र यूपीसीडा विकसित करेगा।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार निवेश का उत्तम वातावरण सृजित करने के लिए शुरू से ही प्रयासरत रही है। बेहतर कानून व्यवस्था, सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए नई औद्योगिक नीतियों का नतीजा है कि प्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैंकिंग में 12 वें पायदान से नंबर दो पर आ चुका है। मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि जिलाधिकारी के स्तर पर मासिक और मंडलायुक्त स्तर पर दो माह में स्थानीय उद्यमियों की समस्याओं के निराकरण के लिए बैठकें की जाएं।
नए निवेशकों के साथ पुरानी इकाइयों को ऋण दिलाने का अभियान
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र के आत्मनिर्भर पैकेज के अंतर्गत प्रदेश में पूर्व से संचालित इकाइयों को 10,400 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ऋण वितरित कराया जा चुका है। इन इकाइयों को 15,000 करोड़ रुपये ऋ ण दिलाने का लक्ष्य है। इसी तरह ऑनलाइन कैंपों के माध्यम से करीब 3 लाख 70 हजार एमएसएमई इकाइयों को 13,382 करोड़ रुपये के ऋ ण दिलाए जा चुके हैं। इस वर्ष 20 लाख इकाइयों को 80,000 करोड़ रुपये ऋ ण दिलाने का लक्ष्य है।
एमओयू से जुड़े रिकार्ड प्रोजेक्ट जमीन पर, 13000 करोड़ के नए प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2018 की इन्वेस्टर्स समिट में 4.28 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। इनमें से लगभग 2 लाख करोड़ रुपये से जुड़ी परियोजनाओं के एमओयू का कार्यान्वयन विभिन्न चरणों में है। देश में एमओयू रूपांतरण को लेकर यह रिकॉर्ड उपलब्धि है। इसी तरह विदेशों से अपनी इकाइयां हटा कर यहां स्थापित करने के 10 देशों से 50 से अधिक प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। ये प्रस्ताव 7,000 करोड़ रुपये से जुड़े हैं। करीब 6,000 करोड़ रुपये के नए निवेश-प्रस्ताव देश के निवेशकों से प्राप्त हुए हैं।
निवेश के नए अवसरों को बड़ा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने बताया कि पारंपरिक निवेश के अवसरों के साथ सौर ऊर्जा, जैव ईंधन और नागरिक उड्डयन की असीम संभावनाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। डिफेंस एवं एयरोस्पेस, वेयरहाउसिंग व लॉजिस्टिक्स, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रिक वाहन, फार्मास्युटिकल उद्योग राज्य में निवेश के नए केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि दादरी में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क और बोडाकी में ट्रांसपोर्ट हब, ग्रेटर नोएडा क्षेत्र को उत्तरी भारत के सबसे बड़े लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करेंगे। जेवर अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण के साथ ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेस-वे के पास का क्षेत्र एक आकर्षक निवेश मंजिल है।
डिफेंस कॉरिडोर में 50 हजार करोड़ होगा निवेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में 50,000 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है। नए निवेशकों के लिए 20,000 एकड़ का एक लैंड बैंक तैयार है। इसके अलावा एक व्यापक लैंड बैंक पॉलिसी बन रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश निवेश योजनाओं, सीएसआर गतिविधियों, नवाचार और उद्यमशीलता के रूप में निवेशकों से सहयोग चाहता है। प्रदेश का तीव्र आर्थिक विकास कर 10 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में उद्योग जगत का सहयोग चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्यमियों और औद्योगिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के सुझावों पर सरकार अमल करेगी।
फार्मा, डेटा सेंटर व खाद्य प्रसंस्करण नीति जल्द
मुख्यमंत्री ने बताया कि गैर-आईटी आधारित स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित करने के लिए स्टार्ट-अप नीति के दायरे का विस्तार किया जा रहा है। इसके लिए यूपी स्टार्ट-अप नीति-2020 तथा यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफै क्चरिंग नीति-2020 जैसी नई नीतियों की घोषणा कर दी गई हैं। डेटा सेंटर नीति, फ ार्मा और नई खाद्य प्रसंस्करण नीति भी जल्द घोषित की जाएंगी।
उद्योग प्रतिनिधियों ने सीएम को सराहा
फिक्की, एसोचैम, सीआईआई, लघु उद्योग भारती और आईआईए जैसे औद्योगिक संगठनों के प्रमुखों ने मुख्यमंत्री की तारीफ की। फिक्की की चेयरपर्सन डा. संगीता रेड्डी ने ईज ऑफ डुइंग बिजनेस रैंकिंग में दूसरा स्थान प्राप्त करने पर बधाई दी। एसोचैम के चेयरमैन डॉ. निरंजन हीरानंदानी ने कहा कि यूपी उद्यम प्रदेश बन रहा है। उद्यमी यहां निवेश करने को तत्पर हैं। सीआईआई उत्तरी क्षेत्र के चेयरमैन निखिल जीए पीएचडीसीसीआई के चेयरमैन डा. डीके अग्रवाल, आईआईए के अध्यक्ष पंकज कुमार, एफ आईईओ के अध्यक्ष शरद कुमार सर्राफ , ट्रेड प्रोमोशन कॉउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मोहित सिंगला और लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष बलदेवभाई प्रजापति ने पिछले तीन वर्षों में औद्योगिक विकास के लिए मुख्यमंत्री के प्रयासों को निवेश के अनुकूल बताया।
‘यूपी थिंक्स टुडे, इंडिया थिंक्स टुमारो’
प्रदेश के एमएसएमई, निवेश व निर्यात प्रोत्साहन मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश में उद्योगों के विकास के लिए किए गए प्रयासों से बदल रही तस्वीर का उल्लेख किया। उन्होंने कहा प्रदेश के श्रम सुधारों ने अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि यूपी थिंक्स टुडे, इंडिया थिंक्स टुमारो।
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योगी सोमवार को अपने सरकारी आवास पर इन्वेस्ट यूपी की उच्च स्तरीय प्राधिकृत समिति (प्रदेश स्तरीय उद्योग बंधु) को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा है कि आवास एवं शहरी नियोजन विभाग द्वारा औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए भू-उपयोग परिवर्तन के आवेदनों का निस्तारण 90 दिन की सीमा में किया जाएगा। इसी तरह कृषि से औद्योगिक श्रेणी में भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क को घटाकर सर्किल रेट के 35 प्रतिशत के स्थान पर 20 प्रतिशत लिया जाएगा। बड़े भूखंडों पर टेलीस्कोप दरों को शामिल करने पर यह शुल्क 14 प्रतिशत रह जाएगा।
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ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित औद्योगिक आस्थानों व औद्योगिक क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयों को दोहरे टैक्स के बोझ से मुक्ति मिलेगी। जिला पंचायतों द्वारा इकट्ठा गए टैक्स का न्यूनतम 60 प्रतिशत उसी औद्योगिक क्षेत्र के रखरखाव में खर्च किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बैठक में ही मेरठ की बंद पड़ी कताई मिल की भूमि पर नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की भी घोषणा की। यह औद्योगिक क्षेत्र यूपीसीडा विकसित करेगा।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार निवेश का उत्तम वातावरण सृजित करने के लिए शुरू से ही प्रयासरत रही है। बेहतर कानून व्यवस्था, सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए नई औद्योगिक नीतियों का नतीजा है कि प्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैंकिंग में 12 वें पायदान से नंबर दो पर आ चुका है। मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि जिलाधिकारी के स्तर पर मासिक और मंडलायुक्त स्तर पर दो माह में स्थानीय उद्यमियों की समस्याओं के निराकरण के लिए बैठकें की जाएं।
नए निवेशकों के साथ पुरानी इकाइयों को ऋण दिलाने का अभियान
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र के आत्मनिर्भर पैकेज के अंतर्गत प्रदेश में पूर्व से संचालित इकाइयों को 10,400 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ऋण वितरित कराया जा चुका है। इन इकाइयों को 15,000 करोड़ रुपये ऋ ण दिलाने का लक्ष्य है। इसी तरह ऑनलाइन कैंपों के माध्यम से करीब 3 लाख 70 हजार एमएसएमई इकाइयों को 13,382 करोड़ रुपये के ऋ ण दिलाए जा चुके हैं। इस वर्ष 20 लाख इकाइयों को 80,000 करोड़ रुपये ऋ ण दिलाने का लक्ष्य है।
एमओयू से जुड़े रिकार्ड प्रोजेक्ट जमीन पर, 13000 करोड़ के नए प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2018 की इन्वेस्टर्स समिट में 4.28 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। इनमें से लगभग 2 लाख करोड़ रुपये से जुड़ी परियोजनाओं के एमओयू का कार्यान्वयन विभिन्न चरणों में है। देश में एमओयू रूपांतरण को लेकर यह रिकॉर्ड उपलब्धि है। इसी तरह विदेशों से अपनी इकाइयां हटा कर यहां स्थापित करने के 10 देशों से 50 से अधिक प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। ये प्रस्ताव 7,000 करोड़ रुपये से जुड़े हैं। करीब 6,000 करोड़ रुपये के नए निवेश-प्रस्ताव देश के निवेशकों से प्राप्त हुए हैं।
निवेश के नए अवसरों को बड़ा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने बताया कि पारंपरिक निवेश के अवसरों के साथ सौर ऊर्जा, जैव ईंधन और नागरिक उड्डयन की असीम संभावनाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। डिफेंस एवं एयरोस्पेस, वेयरहाउसिंग व लॉजिस्टिक्स, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रिक वाहन, फार्मास्युटिकल उद्योग राज्य में निवेश के नए केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि दादरी में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क और बोडाकी में ट्रांसपोर्ट हब, ग्रेटर नोएडा क्षेत्र को उत्तरी भारत के सबसे बड़े लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करेंगे। जेवर अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण के साथ ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेस-वे के पास का क्षेत्र एक आकर्षक निवेश मंजिल है।
डिफेंस कॉरिडोर में 50 हजार करोड़ होगा निवेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में 50,000 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है। नए निवेशकों के लिए 20,000 एकड़ का एक लैंड बैंक तैयार है। इसके अलावा एक व्यापक लैंड बैंक पॉलिसी बन रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश निवेश योजनाओं, सीएसआर गतिविधियों, नवाचार और उद्यमशीलता के रूप में निवेशकों से सहयोग चाहता है। प्रदेश का तीव्र आर्थिक विकास कर 10 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में उद्योग जगत का सहयोग चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्यमियों और औद्योगिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के सुझावों पर सरकार अमल करेगी।
फार्मा, डेटा सेंटर व खाद्य प्रसंस्करण नीति जल्द
मुख्यमंत्री ने बताया कि गैर-आईटी आधारित स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित करने के लिए स्टार्ट-अप नीति के दायरे का विस्तार किया जा रहा है। इसके लिए यूपी स्टार्ट-अप नीति-2020 तथा यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफै क्चरिंग नीति-2020 जैसी नई नीतियों की घोषणा कर दी गई हैं। डेटा सेंटर नीति, फ ार्मा और नई खाद्य प्रसंस्करण नीति भी जल्द घोषित की जाएंगी।
उद्योग प्रतिनिधियों ने सीएम को सराहा
फिक्की, एसोचैम, सीआईआई, लघु उद्योग भारती और आईआईए जैसे औद्योगिक संगठनों के प्रमुखों ने मुख्यमंत्री की तारीफ की। फिक्की की चेयरपर्सन डा. संगीता रेड्डी ने ईज ऑफ डुइंग बिजनेस रैंकिंग में दूसरा स्थान प्राप्त करने पर बधाई दी। एसोचैम के चेयरमैन डॉ. निरंजन हीरानंदानी ने कहा कि यूपी उद्यम प्रदेश बन रहा है। उद्यमी यहां निवेश करने को तत्पर हैं। सीआईआई उत्तरी क्षेत्र के चेयरमैन निखिल जीए पीएचडीसीसीआई के चेयरमैन डा. डीके अग्रवाल, आईआईए के अध्यक्ष पंकज कुमार, एफ आईईओ के अध्यक्ष शरद कुमार सर्राफ , ट्रेड प्रोमोशन कॉउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मोहित सिंगला और लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष बलदेवभाई प्रजापति ने पिछले तीन वर्षों में औद्योगिक विकास के लिए मुख्यमंत्री के प्रयासों को निवेश के अनुकूल बताया।
‘यूपी थिंक्स टुडे, इंडिया थिंक्स टुमारो’
प्रदेश के एमएसएमई, निवेश व निर्यात प्रोत्साहन मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश में उद्योगों के विकास के लिए किए गए प्रयासों से बदल रही तस्वीर का उल्लेख किया। उन्होंने कहा प्रदेश के श्रम सुधारों ने अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि यूपी थिंक्स टुडे, इंडिया थिंक्स टुमारो।
नए निवेशकों के साथ पुरानी इकाइयों को ऋण दिलाने का लक्ष्य : योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन्वेस्ट यूपी की उच्च स्तरीय प्राधिकृत समिति (प्रदेश स्तरीय उद्योग बंधु) बैठक में सोमवार को कहा कि प्रदेश में नए निवेशकों के साथ पुरानी इकाइयों को ऋण दिलाने का महाअभियान चलेगा। केंद्र के आत्मनिर्भर पैकेज के अंतर्गत प्रदेश में पूर्व से संचालित इकाइयों को 10,400 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ऋण वितरित कराया जा चुका है। इन इकाइयों को 15,000 करोड़ रुपये ऋ ण दिलाने का लक्ष्य है। ऑनलाइन कैंपों के माध्यम से करीब 3 लाख 70 हजार एमएसएमई इकाइयों को 13,382 करोड़ रुपये के ऋ ण दिलाए जा चुके हैं। इस वर्ष 20 लाख इकाइयों को 80,000 करोड़ रुपये ऋ ण दिलाने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार निवेश का उत्तम वातावरण सृजित करने के लिए शुरू से ही प्रयासरत रही है। बेहतर कानून-व्यवस्था, सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए नई औद्योगिक नीतियों का नतीजा है कि प्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर ईज ऑफ डूईंग बिजनेस की रैंकिंग में 12वें पायदान से नंबर 2 पर आ चुका है।
एमओयू से जुड़े रिकॉर्ड प्रोजेक्ट जमीन पर, 13000 करोड़ के नए प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2018 की इन्वेस्टर्स समिट में 4.28 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। इनमें से करीब 2 लाख करोड़ से जुड़ी परियोजनाओं के एमओयू का कार्यान्वयन विभिन्न चरणों में है। देश में एमओयू रूपांतरण को लेकर यह रिकॉर्ड उपलब्धि है। इसी तरह, विदेशों से अपनी इकाइयां हटा कर यहां स्थापित करने के लिए 10 देशों से 50 से अधिक प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। ये प्रस्ताव 7,000 करोड़ रुपये से जुड़े हैं। करीब 6,000 करोड़ रुपये के नए निवेश-प्रस्ताव देश के निवेशकों से प्राप्त हुए हैं।
उद्योग प्रतिनिधि बोले- उद्यम प्रदेश बन रहा यूपी
फिक्की, एसोचैम, सीआईआई, लघु उद्योग भारती और आईआईए जैसे औद्योगिक संगठनों के प्रमुखों ने मुख्यमंत्री की तारीफ की। फिक्की की चेयरपर्सन डॉ. संगीता रेड्डी ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में दूसरा स्थान प्राप्त करने पर बधाई दी। एसोचैम के चेयरमैन डॉ. निरंजन हीरानंदानी ने कहा कि यूपी उद्यम प्रदेश बन रहा है। उद्यमी यहां निवेश करने को तत्पर हैं। सीआईआई उत्तरी क्षेत्र के चेयरमैन निखिल जीए, पीएचडीसीसीआई के चेयरमैन डॉ. डीके अग्रवाल, आईआईए के अध्यक्ष पंकज कुमार, एफआईईओ के अध्यक्ष शरद कुमार सर्राफ , ट्रेड प्रोमोशन कॉउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मोहित सिंगला और लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष बलदेवभाई प्रजापति ने पिछले तीन वर्षों में औद्योगिक विकास के लिए मुख्यमंत्री के प्रयासों को निवेश के अनुकूल बताया। वहीं, मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्यमियों और औद्योगिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के सुझावों पर सरकार अमल करेगी।
एमओयू से जुड़े रिकॉर्ड प्रोजेक्ट जमीन पर, 13000 करोड़ के नए प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2018 की इन्वेस्टर्स समिट में 4.28 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। इनमें से करीब 2 लाख करोड़ से जुड़ी परियोजनाओं के एमओयू का कार्यान्वयन विभिन्न चरणों में है। देश में एमओयू रूपांतरण को लेकर यह रिकॉर्ड उपलब्धि है। इसी तरह, विदेशों से अपनी इकाइयां हटा कर यहां स्थापित करने के लिए 10 देशों से 50 से अधिक प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। ये प्रस्ताव 7,000 करोड़ रुपये से जुड़े हैं। करीब 6,000 करोड़ रुपये के नए निवेश-प्रस्ताव देश के निवेशकों से प्राप्त हुए हैं।
उद्योग प्रतिनिधि बोले- उद्यम प्रदेश बन रहा यूपी
फिक्की, एसोचैम, सीआईआई, लघु उद्योग भारती और आईआईए जैसे औद्योगिक संगठनों के प्रमुखों ने मुख्यमंत्री की तारीफ की। फिक्की की चेयरपर्सन डॉ. संगीता रेड्डी ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में दूसरा स्थान प्राप्त करने पर बधाई दी। एसोचैम के चेयरमैन डॉ. निरंजन हीरानंदानी ने कहा कि यूपी उद्यम प्रदेश बन रहा है। उद्यमी यहां निवेश करने को तत्पर हैं। सीआईआई उत्तरी क्षेत्र के चेयरमैन निखिल जीए, पीएचडीसीसीआई के चेयरमैन डॉ. डीके अग्रवाल, आईआईए के अध्यक्ष पंकज कुमार, एफआईईओ के अध्यक्ष शरद कुमार सर्राफ , ट्रेड प्रोमोशन कॉउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मोहित सिंगला और लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष बलदेवभाई प्रजापति ने पिछले तीन वर्षों में औद्योगिक विकास के लिए मुख्यमंत्री के प्रयासों को निवेश के अनुकूल बताया। वहीं, मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्यमियों और औद्योगिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के सुझावों पर सरकार अमल करेगी।