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ट्रांसजेंडरों से संवेदनशील व्यवहार जरूरी : देविका देवेंद्र
Sun, 13 Sep 2026 02:16 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sun, 13 Sep 2026 02:16 AM IST
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पुलिस लाइन में आयोजित कार्यशाला में जानकारी देतीं ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड की सदस्य देविका देवे
लखनऊ। रिजर्व पुलिस लाइंस में शनिवार को 200 पुलिसकर्मियों को ट्रांसजेंडर समेत हाशिये पर रहने वाले समुदायों के प्रति संवेदनशील व्यवहार के लिए जागरूक किया गया। उन्हें इन समुदायों के अधिकार, सुरक्षा और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। सत्र का संचालन उत्तर प्रदेश ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड की सदस्य और उत्तर प्रदेश ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन से संबद्ध सलाहकार देविका देवेंद्र एस. मंगलामुखी ने किया।
उन्होंने कहा कि कमजोर और संवेदनशील परिस्थितियों में रहने वाले नागरिकों के लिए पुलिस सुरक्षा और न्याय का पहला माध्यम होती है। इसलिए सम्मानजनक संवाद, संवेदनशील व्यवहार और कानूनी जानकारी जरूरी है। सत्र में संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 16, 19, 21 और 21ए के तहत समानता, भेदभाव से संरक्षण, स्वतंत्रता, गरिमा और शिक्षा के अधिकारों पर चर्चा की गई। साथ ही ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 के प्रावधानों की जानकारी दी गई। अधिकारियों से करुणामय पुलिसिंग, भेदभाव की रोकथाम और समुदाय के साथ विश्वास कायम करने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में पशु कल्याण और पशुओं के प्रति क्रूरता की रोकथाम पर भी चर्चा हुई।
इन बिंदुओं पर हुई चर्चा
लैंगिक पहचान एवं गरिमा का सम्मान।
भेदभाव से संरक्षण।
सार्वजनिक सेवाओं तक पहुंच।
स्वास्थ्य सेवाओं एवं शिक्षा तक पहुंच।
रोजगार एवं आजीविका के अवसर।
दुर्व्यवहार एवं हिंसा से सुरक्षा।
जबरन या बंधुआ मजदूरी से संरक्षण।
सार्वजनिक स्थानों तक पहुंच।
संवेदनशील पुलिसिंग।
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उन्होंने कहा कि कमजोर और संवेदनशील परिस्थितियों में रहने वाले नागरिकों के लिए पुलिस सुरक्षा और न्याय का पहला माध्यम होती है। इसलिए सम्मानजनक संवाद, संवेदनशील व्यवहार और कानूनी जानकारी जरूरी है। सत्र में संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 16, 19, 21 और 21ए के तहत समानता, भेदभाव से संरक्षण, स्वतंत्रता, गरिमा और शिक्षा के अधिकारों पर चर्चा की गई। साथ ही ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 के प्रावधानों की जानकारी दी गई। अधिकारियों से करुणामय पुलिसिंग, भेदभाव की रोकथाम और समुदाय के साथ विश्वास कायम करने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में पशु कल्याण और पशुओं के प्रति क्रूरता की रोकथाम पर भी चर्चा हुई।
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इन बिंदुओं पर हुई चर्चा
लैंगिक पहचान एवं गरिमा का सम्मान।
भेदभाव से संरक्षण।
सार्वजनिक सेवाओं तक पहुंच।
स्वास्थ्य सेवाओं एवं शिक्षा तक पहुंच।
रोजगार एवं आजीविका के अवसर।
दुर्व्यवहार एवं हिंसा से सुरक्षा।
जबरन या बंधुआ मजदूरी से संरक्षण।
सार्वजनिक स्थानों तक पहुंच।
संवेदनशील पुलिसिंग।

पुलिस लाइन में आयोजित कार्यशाला में जानकारी देतीं ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड की सदस्य देविका देवे
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