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खाना खाने के बाद 20 मिनट टहलें, दूर रहेंगे पेट के रोग, गैस्ट्रो फिजीशियन ने दिए ये सुझाव
Tue, 26 May 2020 01:36 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 26 May 2020 01:36 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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अमर उजाला हेल्पलाइन में आईएमए सदस्य और वरिष्ठ गैस्ट्रो फिजीशियन डॉ. देव नंदन चौधरी ने लोगों को पेट से जुड़ी विभिन्न बीमारियों से बचने की जानकारी दी। बताया कि देर रात तक जागने और वसायुक्त भोजन करने की वजह से गैस और कब्ज के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।
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इससे बचने के लिए सुबह का भोजन भरपूर करें, लेकिन रात में हल्का भोजन लें। खाना खाने के बाद 20 मिनट टहलना ना भूलें। खाना खाने की डेढ़ से दो घंटे बाद पानी पीएं। इससे पेट की बीमारियों पर काबू पाया जा सकता है। पेश हैं प्रमुख सवाल जिसे ज्यादातर लोगों ने पूछा।
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सवाल- मुझे कब्ज रहती है और गैस बहुत बनती है। इससे बचने के लिए क्या करें? - जानकी गोमती नगर, हरि नारायण इंदिरा नगर
जवाब- पाचन तंत्र प्रभावित होने से गैस बनने लगती है। पेट साफ नहीं होने पर कब्ज व गैस कई तरह की समस्याएं पैदा करती हैं। कई बार यह सीने से लेकर शरीर के विभिन्न हिस्सों में दर्द के रूप में भी उभरती है। इससे बचने के लिए फाइबर युक्त भोजन ज्यादा करें। सलाद खाएं और पानी खूब पीएं। शाम को हल्का भोजन करें। खाना खाने के बाद 20 मिनट टहलें। यदि ऑफिस या अपना कारोबार छोड़कर नहीं जा सकते हैं तो वहीं कुछ देर खड़े होकर काम करें।
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सोने में हो जाती है देर
डॉ देव नंदन चौधरी
- फोटो : अमर उजाला
सवाल- क्या तनाव की वजह से भी पेट से जुड़ी बीमारियां बढ़ती हैं? - श्याम सुंदर गोमती नगर, रहमत अली खुर्रम नगर
जवाब- तनाव का असर पूरे शरीर पर पड़ता है। यदि मन प्रसन्न है तो शरीर को ज्यादा एनर्जी मिलती है। ऐसे में पेट से जुड़ी बीमारियां नियंत्रित रहने के साथ ही डायबिटीज और ब्लड प्रेशर भी नियंत्रित रहता है। डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के अनियंत्रित होने से लिवर और किडनी से जुड़ी बीमारियां भी होने की संभावना रहती है। इसलिए प्रसन्न रहें।
सवाल- मुझे सोने में देर हो जाती है। खान-पान का ध्यान रखने के बाद भी मुझे कब्ज की शिकायत रहती है? - शिवानी बादशाह नगर, जयेश जानकीपुरम
जवाब- हर व्यक्ति के लिए रात की नींद बेहद जरूरी होती है। यदि रात में 6 से 8 घंटे की नींद पूरी हो जाए तो पेट से जुड़ी बीमारियां अपने आप कम हो जाएंगी। रात में सोते वक्त हमारे शरीर से कई तरह के एंजाइम निकलते हैं जो खाने को पचाने के साथ ही शरीर को रिचार्ज करने का काम करते हैं। रात में नहीं सोने की वजह से पाचन तंत्र गड़बड़ हो जाता है। इसलिए जो लोग नाइट ड्यूटी करते हैं उनका पेट अक्सर गड़बड़ रहता है। प्रयास करें कि रात में जो भी वक्त मिले उसमें गहरी नींद सोएं।
जवाब- तनाव का असर पूरे शरीर पर पड़ता है। यदि मन प्रसन्न है तो शरीर को ज्यादा एनर्जी मिलती है। ऐसे में पेट से जुड़ी बीमारियां नियंत्रित रहने के साथ ही डायबिटीज और ब्लड प्रेशर भी नियंत्रित रहता है। डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के अनियंत्रित होने से लिवर और किडनी से जुड़ी बीमारियां भी होने की संभावना रहती है। इसलिए प्रसन्न रहें।
सवाल- मुझे सोने में देर हो जाती है। खान-पान का ध्यान रखने के बाद भी मुझे कब्ज की शिकायत रहती है? - शिवानी बादशाह नगर, जयेश जानकीपुरम
जवाब- हर व्यक्ति के लिए रात की नींद बेहद जरूरी होती है। यदि रात में 6 से 8 घंटे की नींद पूरी हो जाए तो पेट से जुड़ी बीमारियां अपने आप कम हो जाएंगी। रात में सोते वक्त हमारे शरीर से कई तरह के एंजाइम निकलते हैं जो खाने को पचाने के साथ ही शरीर को रिचार्ज करने का काम करते हैं। रात में नहीं सोने की वजह से पाचन तंत्र गड़बड़ हो जाता है। इसलिए जो लोग नाइट ड्यूटी करते हैं उनका पेट अक्सर गड़बड़ रहता है। प्रयास करें कि रात में जो भी वक्त मिले उसमें गहरी नींद सोएं।
पेट की बीमारियों से बचने के लिए सावधानियां
प्रतीकात्मक तस्वीर
सवाल- हेपेटाइटिस की दवाइयां चल रही हैं। लॉकडाउन की वजह से माह भर से डॉक्टर को दिखाने नहीं जा पाए हैं। क्या पहले से चल रही दवाइयां लेते रहें? - सोनू गोसाईगंज, विजय सरोजिनी नगर
जवाब- हेपेटाइटिस बी और सी के मरीजों को 1 से 2 माह के बीच फॉलोअप के लिए बुलाया जाता है। जिन मरीजों के पेट में पानी भरने लगता है उन्हें पानी को नियंत्रित करने वाली कुछ दवाएं दी जाती हैं। ऐसे में उनका फॉलोअप में आना जरूरी है। इसलिए फॉलोअप का समय पूरा हो गया हो तो डॉक्टर से संपर्क कर लें। अस्पताल में नहीं जा पा रहे हैं तो टेलीफोन पर भी बात करके अपनी स्थिति से अवगत करा दें।
सवाल- मेरा बच्चा 12 साल का है उसके पेट में कई बार अचानक दर्द होता है और अपने आप ही ठीक हो जाता है। जांच में भी कुछ नहीं निकला? - शिवेंद्र सिंह गोमती नगर, फैजुद्दीन आशियाना
जवाब- बढ़ती हुई उम्र में कई बार बच्चों में यह समस्या आती है। 10 से 16 साल के बीच बच्चों की आंतों की भी बढ़ोतरी होती है। ऐसे में उन्हें एडजस्ट करने में कई बार समस्या आती है। यदि जांच में भी कोई चीज नहीं निकल रही है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। 90 फीसदी से ज्यादा लोगों में समय के साथ यह समस्या खत्म हो जाती।
सवाल- पेट की बीमारियों से बचने के लिए क्या क्या सावधानी जरूरी है? - प्रियंका महानगर, अवध कुमार गोमती नगर
जवाब- मदिरा का सेवन और धूम्रपान न करें। फास्ट फूड, आइसक्रीम, समोसे सहित अन्य तली हुई चीजों से बचें। खाली पेट दो गिलास गुनगुना पानी पीएं। कुछ देर टहलें। खाना खाने के बाद तत्काल बिस्तर पर न जाएं। भरपूर नींद लें।
जवाब- हेपेटाइटिस बी और सी के मरीजों को 1 से 2 माह के बीच फॉलोअप के लिए बुलाया जाता है। जिन मरीजों के पेट में पानी भरने लगता है उन्हें पानी को नियंत्रित करने वाली कुछ दवाएं दी जाती हैं। ऐसे में उनका फॉलोअप में आना जरूरी है। इसलिए फॉलोअप का समय पूरा हो गया हो तो डॉक्टर से संपर्क कर लें। अस्पताल में नहीं जा पा रहे हैं तो टेलीफोन पर भी बात करके अपनी स्थिति से अवगत करा दें।
सवाल- मेरा बच्चा 12 साल का है उसके पेट में कई बार अचानक दर्द होता है और अपने आप ही ठीक हो जाता है। जांच में भी कुछ नहीं निकला? - शिवेंद्र सिंह गोमती नगर, फैजुद्दीन आशियाना
जवाब- बढ़ती हुई उम्र में कई बार बच्चों में यह समस्या आती है। 10 से 16 साल के बीच बच्चों की आंतों की भी बढ़ोतरी होती है। ऐसे में उन्हें एडजस्ट करने में कई बार समस्या आती है। यदि जांच में भी कोई चीज नहीं निकल रही है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। 90 फीसदी से ज्यादा लोगों में समय के साथ यह समस्या खत्म हो जाती।
सवाल- पेट की बीमारियों से बचने के लिए क्या क्या सावधानी जरूरी है? - प्रियंका महानगर, अवध कुमार गोमती नगर
जवाब- मदिरा का सेवन और धूम्रपान न करें। फास्ट फूड, आइसक्रीम, समोसे सहित अन्य तली हुई चीजों से बचें। खाली पेट दो गिलास गुनगुना पानी पीएं। कुछ देर टहलें। खाना खाने के बाद तत्काल बिस्तर पर न जाएं। भरपूर नींद लें।