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सीने में दर्द के साथ पसीना आए तो ईसीजी जरूर कराएं, हृदय रोग विशेषज्ञ ने दिए ये सुझाव

Tue, 02 Jun 2020 12:11 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Tue, 02 Jun 2020 12:11 PM IST
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senior cardiologist dr. atul agarwal answered the questions of patients
प्रतीकात्मक तस्वीर
अमर उजाला हेल्पलाइन में आईएमए सदस्य और वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अतुल अग्रवाल ने लोगों के सवालों के जवाब दिए। उन्होंने बताया कि सीने में दर्द होने के साथ पसीना आए और घबराहट हो तो हार्ट अटैक जैसी स्थिति हो सकती है। ऐसे में तत्काल हृदय रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए और ईसीजी करा लेनी चाहिए। ऐसे प्रमुख सवाल जिसे ज्यादातर लोगों ने पूछा।
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सवाल- क्या सीने में दर्द होना हार्ट अटैक का लक्षण है। इसे कैसे पहचानें? - परमजीत महानगर, अखिलेंद्र सिंह आशियाना
जवाब- हर दर्द को हार्ट अटैक नहीं कहा जा सकता। यदि सीने के मध्य भाग में दर्द हो और गर्दन या बाएं हाथ में जा रहा है। भारीपन, जकड़न, जलन, घुटन आदि हो तो यह एंजाइना पेक्टोरिस हो सकता है। एक तरह से यह हार्ट अटैक का अलार्म है। लेकिन जब हार्ट अटैक होता है तो आराम नहीं मिलता। यदि सीने के बीच में काफी देर तक दर्द बना रहे, पसीना आए, उल्टी हो, चक्कर आने लगे, बेहोशी हो, सांस फूले, धड़कन तेज हो जाए तो ये अटैक के लक्षण होते हैं। लेकिन डायबिटीज के मरीज और बुजुर्ग में बिना लक्षण के भी हार्ट अटैक हो सकता।
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सवाल- हार्ट अटैक का पता लगाने के लिए तत्काल कौन-कौन सी जांच कराना अनिवार्य होता है? - आराध्या सिंह अमीनाबाद, हरिओम गुप्ता अलीगंज
जवाब- मरीज को देखने के बाद लक्षण के आधार पर इलेक्ट्रोकॉर्डियोग्राम (ईसीजी) ईको और टीएमटी की जांच कराई जाती है। कुछ खून की जांचें भी कराई जाती हैं। इससे स्थिति पता लग जाती है और उसी हिसाब से मरीज का आगे उपचार किया जाता है।
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जब से कोरोना आया घबराहट बहुत होती है

senior cardiologist dr. atul agarwal answered the questions of patients
डॉ अतुल अग्रवाल - फोटो : अमर उजाला
सवाल- करीब 6 माह पहले एंजियोग्राफी कराई है। डॉक्टर को दिखाने नहीं जा पा रहे हैं। ऐसे में क्या करें? - दलजीत त्रिवेणी नगर, सौरभ आरकेपुरम
जवाब- हृदय रोगियों की दवाएं लंबे समय तक चलती हैं। जो दवाई पहले से चल रही है उसे नियमित तौर पर खाते रहें। दवा किसी भी कीमत पर बंद न करें। जिन लोगों की सर्दी के मौसम में एंजियोग्राफी हुई है, उनकी दवा गर्मी के मौसम में स्थिति के अनुसार कम की जाती है।

सवाल- जब से करोना आया है। घबराहट बहुत होती है। नींद नहीं आती है। गले में खराश भी है। ऐसी स्थिति में क्या करें? - पुष्पा सिंह पवन पुरी, अक्षिता गोमती नगर
जवाब- कोरोना को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। सावधानी बरतने की जरूरत है। जब भी बाहर निकलें मास्क पहनें। लौटने पर सैनिटाइजर अथवा साबुन पानी से हाथ को अच्छी तरह धुल लें। सकारात्मक सोचें। कोरोना के बारे में सोचने के बजाय खुद को रचनात्मक कार्यों में व्यस्त रखें।
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