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UP: सेहरावत ने खूब बेची फर्जी मार्कशीट व डिग्री, विदेश में नौकरी-पढ़ाई के लिए भी देता था; एसटीएफ कर रही जांच

Tue, 20 May 2025 09:24 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अशोक मिश्र, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अशोक मिश्र, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Tue, 20 May 2025 09:24 AM IST
सार

विदेश में नौकरी और पढ़ाई के लिए भी सेहरावत ने हजारों फर्जी मार्कशीट व डिग्री बेची है। एसटीएफ की टीम यूनिवर्सिटी में जांच कर रही है। दिल्ली की प्रिंटिंग प्रेस में काम करने के दौरान वह विजेंद्र हुड्डा के संपर्क में आया था। फिर दोनों मिलकर यह फर्जीवाड़ा करने लगे।  

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Sehrawat sold thousands of fake mark sheets and degrees for jobs and studies abroad STF is investigating
एसटीएफ जांच

विस्तार

हापुड़ की मोनाड यूनिवर्सिटी में चल रहे फर्जी डिग्री के रैकेट में खुलासा हुआ है। पता चला है कि हरियाणा के पलवल का निवासी संदीप सेहरावत विदेश में नौकरी और उच्च शिक्षा के लिए हजारों फर्जी डिग्री और मार्कशीट बेच चुका है। वह दिल्ली की एक प्रिंटिंग प्रेस में काम करता था, जो डिग्री और मार्कशीट छापने का काम करती थी। वहीं से सेहरावत ने इसकी बारीकियां जानीं और फिर मोनाड यूनिवर्सिटी के चेयरमैन विजेंद्र सिंह हुड्डा के संपर्क में आने पर उसके लिए काम करने लगा।

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एसएसपी एसटीएफ घुले सुशील चंद्रभान ने बताया कि विजेंद्र और सेहरावत की पहली मुलाकात दिल्ली में हुई थी। सेहरावत ने उसे डिग्री और मार्कशीट में इस्तेमाल होने वाले कागज, होलोग्राम, मार्किंग आदि की बारीकियां बताईं, जिसके बाद हुड्डा ने उसे हापुड़ आने को कहा। इसके बाद दोनों मिलकर यह फर्जीवाड़ा करने लगे। एसटीएफ उन सभी लोगों का नाम पता लगा रही है, जिन्हें फर्जी डिग्री और मार्कशीट बेची गई थी।

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नौकरी या एडमिशन के लिए फर्जी डिग्री या मार्कशीट की जरूरत होती थी

पूछताछ में सेहरावत ने बताया कि उससे डिग्री लेने वाले तमाम लोग विदेश और देश के कई राज्यों में सरकारी नौकरी तक कर रहे हैं। दिल्ली में उसके पास अधिकतर विदेश जाने वाले ऐसे लोग आते थे, जिन्हें नौकरी या एडमिशन के लिए फर्जी डिग्री या मार्कशीट की जरूरत होती थी। 

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यह भी पढ़ेंः- यूपी: प्रदेश में एक साथ 30 फीसदी बढ़ सकती हैं बिजली की दरें, पावर कार्पोरेशन ने बताया 19600 करोड़ का घाटा

आशंका जताई जा रही है कि अब तक 10 हजार से ज्यादा डिग्री और मार्कशीट बेची गई हैं। फिलहाल एसटीएफ की एक टीम मोनाड यूनिवर्सिटी में डटी है और आगे पड़ताल कर रही है। इस प्रकरण की विवेचना हापुड़ पुलिस द्वारा की जाएगी, जो विजेंद्र सिंह हुड्डा, संदीप सेहरावत समेत कई आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ भी करेगी।

फेल को कर रहे थे पास

जांच में सामने आया है कि यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए विजेंद्र हुड्डा फेल या कम नंबर लाने वाले छात्रों को फर्जी मार्कशीट देकर दाखिला लेता था। उसका करीबी मुकेश ठाकुर यह काम देखता था। उसके मोबाइल से तमाम ऐसी चैटिंग भी मिली है, जो फर्जी डिग्री अथवा मार्कशीट देने से संबंधित है। हुड्डा की इस करतूत में विवि के कई अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी शामिल थे, जिनसे गहनता से पूछताछ की जा रही है। 

बता दें, रविवार को एसटीएफ ने विजेंद हुड्डा के साथ प्रो-चांसलर नितिन कुमार सिंह, चेयरमैन के निजी सचिव मुकेश ठाकुर, वेरीफिकेशन डिपार्टमेंट के हेड गौरव शर्मा, विपुल ताल्यान, एडमिशन डायरेक्टर इमरान, अकाउंटेंट अनिल बत्रा को गिरफ्तार किया था।

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