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UP: घुसपैठियों की वोटर लिस्ट में घुसने की आशंका, ATS ने निगमों-स्थानीय निकायों से मांगा सफाईकर्मियों का डाटा
Tue, 09 Dec 2025 01:52 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: विजय पुंडीर
Updated Tue, 09 Dec 2025 01:52 AM IST
सार
इनपुट है कि उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में घुसपैठिये हैं, जो एसआईआर की प्रक्रिया शुरू होने के बाद मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की फिराक में हैं। एटीएस मुख्यालय की तरफ से सभी निगमों व निकायों को एक पत्र भेजा गया है। सफाई कर्मियों और ठेकेदारों का नाम, पता, मोबाइल नंबर और आधार कार्ड का विवरण उपलब्ध कराने को कहा गया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : संवाद
विस्तार
प्रदेशभर में बांग्लादेशी, रोहिंग्या व अन्य घुसपैठियों की तलाश तेज हो गई है। आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) ने लखनऊ नगर निगम समेत प्रदेश के सभी 17 निगमों व अन्य जिलों के स्थानीय निकायों से सफाई कर्मचारियों और ठेकेदारों का विवरण मांगा है। इनपुट है कि प्रदेश में बड़ी संख्या में घुसपैठिये हैं, जो एसआईआर की प्रक्रिया शुरू होने के बाद मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की फिराक में हैं या उससे बचने की जद्दोजहद में है।
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सूत्रों के मुताबिक एटीएस मुख्यालय की तरफ से सभी निगमों व निकायों को एक पत्र भेजा गया है। सफाई कर्मियों और ठेकेदारों का नाम, पता, मोबाइल नंबर और आधार कार्ड का विवरण उपलब्ध कराने को कहा गया है। आशंका है कि घुसपैठिये फर्जी दस्तावेज के आधार पर प्रदेश में रह रहे हैं। अधिकतर निगमों व निकायों में साफ-सफाई का काम कार्यदायी संस्थाओं के हवाले है। ऐसे में उन संस्थाओं अधिकारियों को अब नगर निगमों व निकायों की तरफ से पत्र भेजकर तलब करेगा। उनसे जानकारी जुटाई जाएगी। अकेले लखनऊ में आठ हजार से अधिक सफाईकर्मी हैं। प्रत्येक कर्मी का सत्यापन किया जाएगा।
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राजधानी में 50 हजार से अधिक घुसपैठिये होने का दावा
बीते सप्ताह भाजपा महानगर तरफ से दावा किया गया था कि उन्होंने वार्ड स्तर पर टीमें गठित की थीं, जिन्होंने राजधानी में 50 हजार से अधिक संदिग्ध घुसपैठिये चिह्नित किए हैं। पूरा डाटा बस्तीवार जुटाया गया है। हालांकि ये डाटा सार्वजनिक नहीं किया है। महानगर अध्यक्ष का कहना था कि एसआईआर की लिस्ट जारी होने के बाद वह ये डाटा जांच एजेंसियों व प्रशासन से साझा करेंगे। एटीएस अब इस डाटा को भी जुटाएगी। इसमें जिन लोगों का नाम शामिल होगा, उनकी भूमिका जांची जाएगी। जो भी बांग्लादेशी, रोहिंग्या या घुसपैठिए हुए तो उन पर जांच एजेंसी कार्रवाई करेगी।
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