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Lucknow News: छह दिन के कब्जे में विद्यालय को लगा 10 लाख का चूना
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पूरे दिन कर्मचारी साफ-सफाई में जुटे रहे।
लखनऊ। एडीएम कोर्ट के आदेश पर कब्जा मुक्त होने के बाद नरही स्थित विद्या मंदिर गर्ल्स हाईस्कूल बृहस्पतिवार को खुला। पूरे दिन कर्मचारी साफ-सफाई में जुटे रहे। प्रबंधक संतोष रस्तोगी का दावा है कि बीते 4 जून को विद्यालय में कब्जे के बाद तोड़फोड़ के चलते करीब 10 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्राओं के बैठने के फर्नीचर तोड़ दिए गए हैं। कई कक्षाओं में ब्लैकबोर्ड भी क्षतिग्रस्त हैं। प्रधानाचार्य के कार्यालय को भी तहस-नहस कर दिया गया है।
विद्यालय की हालत से दुखी प्रबंधक ने कहा कि मोटे तौर पर करीब 10 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। शिक्षकों ने कहा कि विद्यालय में 250 विद्यार्थी पढ़ते हैं। इस बात की जरा भी उम्मीद नहीं थी कि कब्जा करने वालों को बच्चों के सामान से इतनी दिक्कत होगी और वे इसे इस कदर नुकसान पहुंचाएंगे। शिक्षकों के अनुसार, अभी गर्मी की छुट्टियां चल रही हैं। इसी दौरान फर्नीचर, ब्लैकबोर्ड, लैब आदि की मरम्मत करानी होगी तभी नए सत्र में सुचारू रूप से पढ़ाई शुरू हो सकेगी।
किरायेदारी संबंधी विवाद में एडीएम कोर्ट ने एक पक्ष को विद्या मंदिर गर्ल्स हाईस्कूल को खाली कराते हुए कब्जा दिलाने का आदेश दिया था। जिनके पक्ष में यह फैसला आया वे लोग शांत बैठकर विद्यालय में गर्मी की छुट्टियां होने का इंतजार करते रहे। इस दौरान पुलिस फोर्स की उपलब्धता के लिए सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कीं। छुट्टियां होने पर पुलिस बल के साथ 4 जून का अचानक विद्यालय पहुंचे और सारा सामान बाहर निकलवा कर कब्जा जमा लिया। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबरों का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने एडीएम को इस मामले में विशेष सुनवाई के निर्देश दिए। 8 जून को विशेष सुनवाई में जिला विद्यालय निरीक्षक ने विद्यालय के संबंध में मजबूती से पक्ष रखा। इस पर एडीएम ने पुराने आदेश को स्थगित करते हुए प्रबंधक को पुनः विद्यालय पर कब्जा दिलाने का आदेश दिया। 10 जून को इस आदेश पर दूसरे पक्ष का ताला हटाकर प्रबंधक को कब्जा दिलाया गया।
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विद्यालय में विज्ञान लैब के अलावा चार कंप्यूटर व दो लैपटॉप की एक छोटी सी लैब थी, उसे भी तोड़ दिया गया है। कंप्यूटर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। वहीं, पुस्तकालय को भी तहस-नहस किया गया। कई किताबें फटी हुई मिली हैं। प्रबंधक के अनुसार, विद्यालय से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज भी गायब हैं।
प्रबंधक संतोष रस्तोगी के अनुसार, पुलिस अभिरक्षा में विद्यालय में विपक्षी पार्टी को कब्जा दिया गया था। उम्मीद नहीं थी कि सामान को इतना नुकसान पहुंचाया जाएगा। फिर भी कोई बात नहीं है, हम बेटियों के हित में फिर से संसाधनों को जुटाने का प्रयास करेंगे।
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विद्यालय की हालत से दुखी प्रबंधक ने कहा कि मोटे तौर पर करीब 10 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। शिक्षकों ने कहा कि विद्यालय में 250 विद्यार्थी पढ़ते हैं। इस बात की जरा भी उम्मीद नहीं थी कि कब्जा करने वालों को बच्चों के सामान से इतनी दिक्कत होगी और वे इसे इस कदर नुकसान पहुंचाएंगे। शिक्षकों के अनुसार, अभी गर्मी की छुट्टियां चल रही हैं। इसी दौरान फर्नीचर, ब्लैकबोर्ड, लैब आदि की मरम्मत करानी होगी तभी नए सत्र में सुचारू रूप से पढ़ाई शुरू हो सकेगी।
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किरायेदारी संबंधी विवाद में एडीएम कोर्ट ने एक पक्ष को विद्या मंदिर गर्ल्स हाईस्कूल को खाली कराते हुए कब्जा दिलाने का आदेश दिया था। जिनके पक्ष में यह फैसला आया वे लोग शांत बैठकर विद्यालय में गर्मी की छुट्टियां होने का इंतजार करते रहे। इस दौरान पुलिस फोर्स की उपलब्धता के लिए सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कीं। छुट्टियां होने पर पुलिस बल के साथ 4 जून का अचानक विद्यालय पहुंचे और सारा सामान बाहर निकलवा कर कब्जा जमा लिया। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबरों का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने एडीएम को इस मामले में विशेष सुनवाई के निर्देश दिए। 8 जून को विशेष सुनवाई में जिला विद्यालय निरीक्षक ने विद्यालय के संबंध में मजबूती से पक्ष रखा। इस पर एडीएम ने पुराने आदेश को स्थगित करते हुए प्रबंधक को पुनः विद्यालय पर कब्जा दिलाने का आदेश दिया। 10 जून को इस आदेश पर दूसरे पक्ष का ताला हटाकर प्रबंधक को कब्जा दिलाया गया।
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विद्यालय में विज्ञान लैब के अलावा चार कंप्यूटर व दो लैपटॉप की एक छोटी सी लैब थी, उसे भी तोड़ दिया गया है। कंप्यूटर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। वहीं, पुस्तकालय को भी तहस-नहस किया गया। कई किताबें फटी हुई मिली हैं। प्रबंधक के अनुसार, विद्यालय से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज भी गायब हैं।
प्रबंधक संतोष रस्तोगी के अनुसार, पुलिस अभिरक्षा में विद्यालय में विपक्षी पार्टी को कब्जा दिया गया था। उम्मीद नहीं थी कि सामान को इतना नुकसान पहुंचाया जाएगा। फिर भी कोई बात नहीं है, हम बेटियों के हित में फिर से संसाधनों को जुटाने का प्रयास करेंगे।

पूरे दिन कर्मचारी साफ-सफाई में जुटे रहे।

पूरे दिन कर्मचारी साफ-सफाई में जुटे रहे।

पूरे दिन कर्मचारी साफ-सफाई में जुटे रहे।

पूरे दिन कर्मचारी साफ-सफाई में जुटे रहे।

पूरे दिन कर्मचारी साफ-सफाई में जुटे रहे।

पूरे दिन कर्मचारी साफ-सफाई में जुटे रहे।

पूरे दिन कर्मचारी साफ-सफाई में जुटे रहे।

पूरे दिन कर्मचारी साफ-सफाई में जुटे रहे।

पूरे दिन कर्मचारी साफ-सफाई में जुटे रहे।