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संजय सिंह ने फिर उठाया घोटाले का मुद्दा : बोले, जल जीवन मिशन का काम करने वाली 21 कंपनियां फेल

Thu, 23 Sep 2021 07:33 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 23 Sep 2021 07:33 PM IST
सार

आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी और सांसद संजय सिंह ने कहा कि पहले तो मिशन के इंजीनियरों की चिट्ठियों से 30 से 40 प्रतिशत ज्यादा दरों पर टेंडर देने का मामला सामने आया था और अब समीक्षा बैठकों में काम करने वाली कंपनियों के फेल होने का मामला उजागर हुआ है।

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Sanjay Singh again raised the issue of scam: said, 21 companies working for Jal Jeevan Mission failed
सांसद संजय सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आम आदमी पार्टी (आप) के प्रदेश प्रभारी और सांसद संजय सिंह ने एक बार फिर से जल जीवन मिशन में घोटाला होने का मुद्दा उठाते हुए इसे एनआरएचएम से कई गुना बड़ा घोटाला बताया है। उन्होंने एक नया मुद्दा उछालते हुए कहा कि जल जीवन मिशन का काम करने वाली 21 कंपनियां फेल पाई गई हैं। उन्होंने कहा कि इसका खुलासा पिछले दिनों विभाग की उच्चाधिकारियों की समीक्षा बैठक में हुआ है।

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पार्टी के प्रदेश कार्यालय में बृहस्पतिवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि उनके द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि खुद विभागीय इंजीनियरों के पत्र और समीक्षा बैठकों में हो रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले तो मिशन के इंजीनियरों की चिट्ठियों से 30 से 40 प्रतिशत ज्यादा दरों पर टेंडर देने का मामला सामने आया था और अब समीक्षा बैठकों में काम करने वाली कंपनियों के फेल होने का मामला उजागर हुआ है। उन्होंने कहा कि आप द्वारा घोटाले का आरोप लगाने के बाद मिशन की परियोजनाओं की थर्ड पार्टी जांच कराई गई, उसमें भी घोटाला सामने आया है। अन्य राज्यों में थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन कराने का दर लागत धनराशि का का मात्र 0.5 प्रतिशत है, जबकि जल जीवन मिशन ने इसके लिए 1.33 प्रतिशत की दर से भुगतान किया गया है।
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आप सांसद ने कहा कि पिछले दिनों राज्य पेयजल स्वच्छता मिशन के अध्यक्ष व नमामि गंगे के प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव की अध्यक्षता में बीते 25 अगस्त को मिशन के पहले व दूसरे चरण में पाइप आधारित पेयजल आपूर्ति से संबंधित कार्यों की समीक्षा की गई थी, जिसमें बुंदेलखंड क्षेत्र में मिशन का काम करने वाली 21 कंपनियां फेल पाई गई हैं। इस समीक्षा बैठक में सभी परियोजनाओं की एजेंसी वार प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा में इन कंपनियों का कार्य संतोषजनक नहीं पाया गया है। उन्होंने एक बार फिर से इस जल जीवन मिशन में हुए कथित घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है।

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