फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Sanjay Nishad may play a big role in Uttar Pradesh politics.

यूपी चुनाव 2022: प्रदेश की सियासत में बढ़ेगा संजय निषाद का कद, पिछड़ों को साधने के लिए आगे कर सकती है भाजपा

Sat, 21 Aug 2021 02:37 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sat, 21 Aug 2021 02:37 PM IST
सार

दिल्ली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव की मौजूदगी में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हुई मुलाकात में निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद को अपने सिंबल पर चुनाव जीतने वाली सीटों को चिह्नित करके सूची उपलब्ध कराने को कहा गया है।

विज्ञापन
Sanjay Nishad may play a big role in Uttar Pradesh politics.
निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में पिछड़ों को सहेजने में जुटी भाजपा ने निषाद पार्टी को खास अहमियत देने का संकेत दिया है। बृहस्पतिवार को दिल्ली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव की मौजूदगी में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हुई मुलाकात में निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद को अपने सिंबल पर चुनाव जीतने वाली सीटों को चिह्नित करके सूची उपलब्ध कराने को कहा गया है। इससे माना जा रहा है कि भाजपा आगामी चुनाव में पिछड़ों को साधने के लिए संजय निषाद को आगे कर सकती है।

विज्ञापन


बता दें कि संजय निषाद प्रदेश में चार सीटों पर होने वाले एमएलसी मनोनयन और मंत्री बनने की दौड़ में भी शामिल हैं। कुछ दिन पहले भी उनकी नड्डा और शाह से मुलाकात हुई थी। अब एक बार फिर मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हुई इस मुलाकात से सियासी अटकलें तेज हो गई हैं।
विज्ञापन


उम्मीद जताई जा रही है कि भाजपा चुनाव में जातीय समीकरणों को दुरुस्त करने के लिहाज से संजय निषाद को मंत्रिमंडल में शामिल करने के अलावा यूपी में कुछ जातियों को आरक्षण की सौगात दे सकती है। केंद्र सरकार से राज्यों को मिले अधिकार के तहत सामान्य वर्ग की कुछ जातियों को पिछड़े वर्ग में शामिल किया जा सकता है साथ ही 17 अति पिछड़ों को अनुसूचित जाति वर्ग में शामिल करने की भी संभावना जताई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


डॉ. संजय ने खुद के भाजपा के साथ होने का दावा करते हुए कहा कि उन्होंने भाजपा हाईकमान को बताया है कि प्रदेश की करीब 160 सीटों पर निषाद समुदाय का प्रभाव है और करीब 70 सीटों पर उनकी पार्टी ने बूथ स्तर तक संगठन का गठन भी कर लिया है। उन्हें कितनी सीटें मिलेंगी, यह अभी तय नहीं है। अगली मुलाकात में इस पर जरूर विचार हो सकता है। उन्होंने कहा कि हमने सीटों की संख्या को लेकर कोई बात नहीं की है, बस अपनी अहमियत भाजपा नेतृत्व को बता दी है।
दिल्ली से लौटने के बाद संजय ने यहां कहा कि भाजपा ही ऐसा दल है, जो निषाद समुदाय की सामाजिक सुरक्षा का ध्यान दे रहा है।

इस वजह से है निषाद को तरजीह दे रही भाजपा

संजय निषाद की राजनीति का आधार निषाद समाज के वोटों की ताकत है। इसी ताकत के बदले वह सत्ता में भागीदारी की मांग करते रहते हैं। प्रदेश की करीब 160 सीटों पर निषाद और उनकी उपजातियों की संख्या इतनी है कि वह चुनाव परिणाम का रुख बदल सकते हैं। खासतौर पर पूर्वी यूपी के करीब 22 जिलों से संबंधित लोकसभा व विधानसभा सीटों पर निषाद, केवट, मल्लाह, सैनी, बेलदार और बिंद बिरादरी का अच्छा प्रभाव है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed