यूपी में विशेष अभियान शुरू: एसआईआर में छूटे मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए घर-घर जाएंगे बीएलओ, ये है प्लान
आयोग के मुताबिक जिन लोगों का नाम अभी तक मतदाता सूची में नहीं जुड़ा है या किसी कारण से हट गया है, वे किसी भी समय पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे।
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विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब मतदाता सूची में छूटे हुए और पहली बार मतदान करने वाले युवा मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए विशेष अभियान शुरू हो गया है। इसके तहत बीएलओ घर-घर जाकर छूटे मतदाताओं की मौजूदा स्थिति का सत्यापन करेंगे। पात्र होने पर नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए फार्म-6 भरवाया जाएगा।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को अभियान संचालित करने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को जारी निर्देश में केंद्रीय आयोग के एक अक्तूबर 2026 के पत्र का हवाला दिया गया है। अभियान के तहत एसआईआर के बाद प्रकाशित वर्तमान मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके लोगों की पहचान की जाएगी।
आयोग के मुताबिक जिन लोगों का नाम अभी तक मतदाता सूची में नहीं जुड़ा है या किसी कारण से हट गया है, वे किसी भी समय पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके तहत बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) एसआईआर से पहले की (7 जनवरी 2025 को प्रकाशित) मतदाता सूची और वर्तमान सूची का मिलान कर ऐसे मतदाताओं की सूची तैयार करेंगे जिनके नाम पहले की सूची में थे, लेकिन वर्तमान सूची में नहीं हैं। फिर बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे।
पहली बार मतदाता बनने वाले युवा भी भरेंगे फार्म-6
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब मतदाता सूची में छूटे हुए और पहली बार मतदान करने वाले युवा मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए विशेष अभियान शुरू हो गया है। इसके तहत बीएलओ को सप्ताह में कम से कम 20 से 25 ऐसे मतदाताओं से संपर्क करने का लक्ष्य दिया गया है, ताकि यह प्रक्रिया करीब एक महीने में पूरी की जा सके। घर-घर संपर्क के दौरान छूटे हुए, पहली बार मतदाता बनने वाले और युवा मतदाताओं के भी फार्म-6 भरवाए जाएंगे। तैयार सूची को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों के साथ साझा किया जाएगा।
इसके अलावा बूथ स्तर पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे। रात में आश्रय स्थलों में रहने वाले लोगों, श्रमिक कॉलोनियों में रहने वालों, बेघर और वंचित वर्ग के पात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए भी विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे। शिक्षण संस्थानों, स्थानीय जनसंपर्क, स्वीप गतिविधियों और नियमित प्रेस ब्रीफिंग के जरिये लोगों को जागरूक किया जाएगा।
एक महीने में अभियान पूरा करने का लक्ष्य
केंद्रीय चुनाव आयोग के एक अक्तूबर के निर्देश में अभियान के लिए कोई अलग से निश्चित प्रारंभ और अंतिम तारीख नहीं दी गई है। उत्तर प्रदेश के पांच अक्तूबर के पत्र में इस संबंध में कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं। बीएलओ को अपने क्षेत्र में यह प्रक्रिया लगभग एक महीने में पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है।
अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा और निगरानी मुख्य निर्वाचन अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी स्तर पर की जाएगी, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के अवसर से वंचित न रहे।