'आजम खां पहले आरएसएस में आएं फिर बोलें'
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भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय संगठन महामंत्री संजय जोशी ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए पार्टी कृत संकल्प है, यह मामला उसके एजेंडे में शामिल है। पार्टी ने घोषणा पत्र में भी इसका उल्लेख किया है।
पाकिस्तान से वार्ता के प्रश्न पर कहा कि केंद्र सरकार सभी बातों को ध्यान में रखकर कुछ कर रही होगी। एक सवाल पर बोले, आजम खां को पहले संघ में आना चाहिए, उसके बाद संघ के बारे में टिप्पणी करनी चाहिए। वह मंगलवार को पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे।
उन्होंने कहा, वह भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता हैं और नरेन्द्र मोदी उनके नेता हैं। उनसे पूछा गया कि मोदी से उनकी कोई मुलाकात हुई? जोशी ने कहा, मोदी उनके नेता हैं। इस सवाल पर कि क्या संघ ने मोदी से उनकी सुलह करा दी है?
जोशी ने फिर वही जवाब दिया कि वह भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता हैं और मोदी उनके नेता हैं। इस सवाल पर कि भाजपा में आपको कब तक कोई जिम्मेदारी मिलेगी, जोशी ने कहा कि सक्रिय कार्यकर्ता के तौर पर वह पूरी जिम्मेदारी से काम कर रहे हैं।
आतंकवाद पर सरकार शिथिल नहीं
पठानकोट की घटना पर जोशी ने कहा कि सरकार आतंकवाद को पूरी तरह समाप्त करने को कटिबद्ध दिखती है। वह कहीं से शिथिल नहीं है।
पाकिस्तान से मधुर रिश्ते बनाने और वार्ता करने के सवाल पर कहा, सरकार इस संदर्भ में सभी पक्षों का ध्यान रखकर ही कुछ कर रही होगी। उन्होंने इस बात को गलत बताया कि राम मंदिर पर भाजपा राजनीति कर रही है। यह मुद्दा आस्था का विषय है।
भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में इसका वादा किया है। इस सवाल पर कि आजम का कहना है कि संघ में कुछ पढ़े-लिखे लोगों को भी रखना चाहिए। जोशी ने कहा, ‘आजम खां को संघ में आकर देखना चाहिए। फिर संघ के बारे में बोलना चाहिए।’