जल्द ही पूरे देश में लागू होगा एक ही इमरजेंसी नंबर 112, तीन बार मोबाइल का बटन दबाने पर मिलेगी सुविधा
पूरे देश में जल्द ही 112 नंबर पर सभी इमरजेंसी सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसी नंबर पर शिकायत दर्ज की जाएगी और फिर वहीं से संबंधित विभाग को शिकायत भेजकर सहायता मुहैया कराई जाएगी। केंद्र सरकार ने इसकी कवायद तेज कर दी है। सोमवार को केंद्रीय गृह सचिव सभी राज्यों के मुख्य सचिवों व पुलिस महानिदेशकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर इसे मूर्त रूप देने के लिए कदम बढ़ाएंगे।
बता दें, 112 अंतरराष्ट्रीय इमरजेंसी नंबर है और दुनिया के अधिकतर संपन्न देशों में इसी नंबर पर तमाम इमरजेंसी सेवाएं उपलब्ध हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान नेशनल इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम पर विचार किया जाएगा। साथ ही यह तय किया जाएगा कि 112 नंबर ही देश भर में तमाम तरह की इमरजेंसी सेवाओं में काम करे।
अगर यह संभव हो गया तो पुलिस सहायता के लिए 100, अग्निशमन सेवा के लिए 101, महिलाओं को एंबुलेंस के लिए 102 व अन्य एंबुलेंस सेवा के लिए 108 और महिलाओं की सहायता के लिए 1090 व 181 नंबर डायल करने की आवश्यकता नहीं होगी। यानी इन सेवाओं के लिए 112 डायल करना होगा।
यूपी 100 के एडीजी आदित्य मिश्रा का कहना है कि यूपी एक ही नंबर पर तमाम इमरजेंसी सेवाएं देने के लिए पूरी तरह से तैयार है। जबकि अन्य राज्यों को इसके लिए काफी काम करना होगा। हर तरह की इमरजेंसी के लिए एक ही नंबर होने से लोगों को इसका लाभ लेने में आसानी होगी।
निर्भया कांड के बाद शुरू हुई थी कवायद
नेशनल इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम की कवायद निर्भया कांड के बाद जस्टिस वर्मा कमेटी की सिफारिश के बाद शुरू हुई थी। इस संबंध में केंद्र में कई बार बैठकें भी हुईं। सूत्रों का कहना है कि कई राज्यों की इसके लिए सहमति मिल चुकी है और कई राज्य इसकी तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में आने वाले कुछ ही महीनों में इस सुविधा को शुरू करने के लिए निर्णय हो सकता है।
यूपी की तर्ज पर हर राज्य में बनेगा सेंट्रलाइज पुलिस कंट्रोल रूम
यूपी 100 के अपर पुलिस महानिदेशक आदित्य मिश्रा बताते हैं कि यूपी की तर्ज पर अन्य राज्यों में भी सेंट्रलाइज पुलिस कंट्रोल रूम बनाने पर विचार किया जा रहा है। हाल ही गुजरात, कर्नाटक व तेलंगाना की टीमें यूपी 100 का अध्ययन करने आई थीं।
मोबाइल का पावर बटन तीन बार दबाने पर मिलेगी इमरजेंसी सुविधा
आदित्य मिश्रा ने बताया कि 112 नंबर को अंतरराष्ट्रीय इमरजेंसी नंबर माना जाता है। यही वजह है कि अधिकतर मोबाइल सेवा देने वाली कंपनियां तीन बार पावर बटन दबाने पर सीधे 112 से कनेक्ट कर देती हैं, जबकि भारत में 112 नंबर की सुविधा न होने की वजह से लोगों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिल पाता है। नेशनल इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम लागू होने के बाद जिस राज्य से फोन कॉल की जाएगी, उसी राज्य के पुलिस कंट्रोल रूम से कॉल कनेक्ट होगी।