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UP Nikay Chunav: मेयर की आधी सीटों पर सपा ने दी BJP को सीधी टक्कर, कांग्रेस और बसपा के प्रदर्शन में भी गिरावट
Sun, 14 May 2023 09:09 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 14 May 2023 09:09 AM IST
सार
मेयर के चुनाव में सपा के प्रत्याशी लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और अयोध्या जैसी अहम सीटों के अलावा अलीगढ़, प्रयागराज, फिरोजाबाद और कानपुर में दूसरे स्थान पर रहे। बरेली में भी सपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी ही दूसरे स्थान पर रहे।
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योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नगर निगम चुनाव में भाजपा ने जहां विपक्षी पार्टियों का सूपड़ा साफ कर दिया, वहीं सपा ने आधी सीटों पर मुख्य लड़ाई में रहकर अपने वजूद का अहसास भी कराया। वर्ष 2017 के नगर निगम चुनाव के लिहाज से देखें तो इस बार कांग्रेस और भी नीचे चली गई। बसपा भी मात्र चार ही सीटों पर सत्ताधारी दल को सीधे टक्कर दे सकी। अलबत्ता, मेरठ में ओवैसी की पार्टी का प्रदर्शन सपा के लिए जरूर चिंता का सबब है।
मेयर के चुनाव में सपा के प्रत्याशी लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और अयोध्या जैसी अहम सीटों के अलावा अलीगढ़, प्रयागराज, फिरोजाबाद और कानपुर में दूसरे स्थान पर रहे। बरेली में भी सपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी ही दूसरे स्थान पर रहे। इस तरह से सपा कुल नौ सीटों पर दूसरे स्थान पर रही, वहीं 2017 के मेयर चुनाव में सपा 5 सीटों लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर, बरेली और अयोध्या में दूसरे स्थान पर रही थी।
पिछले चुनाव में बसपा ने मेरठ और अलीगढ़ में मेयर पद कब्जाया था तो सहारनपुर, झांसी और आगरा में दूसरे स्थान पर रही थी। इस बार सहारनपुर, गाजियाबाद, मथुरा और आगरा में ही वह मुख्य लड़ाई में दिखी। यानी, पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार नगर निगम चुनाव में उसका प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा।
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मेयर चुनाव के नतीजे बताते हैं कि कांग्रेस को लेकर यूपी के मतदाता कोई खास आशांवित नहीं है। मुरादाबाद, झांसी और नव गठित नगर निगम शाहजहांपुर में कांग्रेस प्रत्याशी दूसरे स्थान पर रहे। जबकि, पिछले चुनाव में कांग्रेस 5 नगर निगम क्षेत्रों गाजियाबाद, मथुरा, कानपुर, वाराणसी और मुरादाबाद में दूसरे स्थान पर रही थी। इस बार मथुरा में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी को सपा ने भी अपना समर्थन दिया था, पर वहां दूसरे स्थान पर बसपा प्रत्याशी रहा। मेरठ में असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम पार्टी के टक्कर में आने के स्पष्ट राजनीतिक संकेत हैं कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का पढ़ा-लिखा मतदाता इस विकल्प पर भी विचार कर रहा है।
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मेयर के चुनाव में सपा के प्रत्याशी लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और अयोध्या जैसी अहम सीटों के अलावा अलीगढ़, प्रयागराज, फिरोजाबाद और कानपुर में दूसरे स्थान पर रहे। बरेली में भी सपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी ही दूसरे स्थान पर रहे। इस तरह से सपा कुल नौ सीटों पर दूसरे स्थान पर रही, वहीं 2017 के मेयर चुनाव में सपा 5 सीटों लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर, बरेली और अयोध्या में दूसरे स्थान पर रही थी।
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पिछले चुनाव में बसपा ने मेरठ और अलीगढ़ में मेयर पद कब्जाया था तो सहारनपुर, झांसी और आगरा में दूसरे स्थान पर रही थी। इस बार सहारनपुर, गाजियाबाद, मथुरा और आगरा में ही वह मुख्य लड़ाई में दिखी। यानी, पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार नगर निगम चुनाव में उसका प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा।
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मेयर चुनाव के नतीजे बताते हैं कि कांग्रेस को लेकर यूपी के मतदाता कोई खास आशांवित नहीं है। मुरादाबाद, झांसी और नव गठित नगर निगम शाहजहांपुर में कांग्रेस प्रत्याशी दूसरे स्थान पर रहे। जबकि, पिछले चुनाव में कांग्रेस 5 नगर निगम क्षेत्रों गाजियाबाद, मथुरा, कानपुर, वाराणसी और मुरादाबाद में दूसरे स्थान पर रही थी। इस बार मथुरा में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी को सपा ने भी अपना समर्थन दिया था, पर वहां दूसरे स्थान पर बसपा प्रत्याशी रहा। मेरठ में असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम पार्टी के टक्कर में आने के स्पष्ट राजनीतिक संकेत हैं कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का पढ़ा-लिखा मतदाता इस विकल्प पर भी विचार कर रहा है।
सहारनपुर : मुस्लिम मतदाताओं का बसपा की ओर रुझान
सहारनपुर में मुस्लिम मतदाताओं का बसपा के पक्ष में एकतरफा रुझान दिखा। वहां नगर निगम महापौर पद पर भाजपा प्रत्याशी डॉ. अजय कुमार विजय घोषित किए गए। अजय कुमार ने पूर्व विधायक इमरान मसूद की भाभी बसपा प्रत्याशी खतीजा मसूद को 8031 मतों से पराजित किया है। भाजपा ने अपनी मेयर सीट को बरकरार रखा है। मेयर सीट पर लगातार दूसरी बार कमल खिला है। भाजपा प्रत्याशी अजय कुमार को 154879 वोट मिले हैं, जबकि बसपा प्रत्याशी खतीजा मसूद को 146848 वोट मिले हैं। तीसरे स्थान पर रहे सपा प्रत्याशी नूर हसन मलिक को 22038 वोट मिले हैं।
प्रयागराज : माफिया पर कार्रवाई का भाजपा को लाभ
प्रयागराज के महापौर पद पर भाजपा उम्मीदवार उमेश चंद्र गणेश केसरवानी विजयी हुए। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी सपा के अजय कुमार श्रीवास्तव को 1,29,386 मतों से हराया। गणेश केसरवानी को योगी राज में माफिया-अपराधियों पर सख्ती का फायदा मिला। यूपी में वोटिंग में सबसे फिसड्डी रहने वाले प्रयागराज में इस बार भी मोदी-योगी की लहर चली। खास तौर से उमेश पाल हत्याकांड के बाद माफिया अतीक अहमद पर सख्ती का भी असर पड़ा।
मुरादाबाद-भाजपा जीती, पर खूब लड़ी कांग्रेस
मुरादाबाद नगर निगम चुनाव में मेयर पद पर भाजपा प्रत्याशी विनोद अग्रवाल ने जीत की हैट्रिक लगाई है। कांग्रेस प्रत्याशी रिजवान कुरैशी को 3589 वोटों से हराकर विनोद अग्रवाल लगातार तीसरी बार मेयर बने हैं।
गोरखपुर-सपा छोड़ सभी की जमानत जब्त
गोरखपुर नगर निगम के मेयर पद पर भाजपा ने लगातार चौथी बार कब्जा जमाया है। इसे सीएम सिटी में हुए विकास कार्य और सीएम की सभाओं से बने माहौल का नतीजा माना जा रहा है। पार्टी के प्रत्याशी डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी समाजवादी पार्टी की काजल निषाद को 60,876 वोट से पराजित किया। डॉ. मंगलेश को 1 लाख 80 हजार 629 और काजल निषाद को 1 लाख 19 हजार 753 वोट मिले। बसपा के नवल किशोर नथानी 21, 918 वोट पाकर तीसरे पायदान पर तो 9234 वोट पाकर ऑल इंडिया मजलिस-ए- इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रत्याशी मो. कैश चौथे स्थान पर रहे। सपा उम्मीदवार को छोड़ बाकी सभी 11 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई।
गाजियाबाद में लगातार सातवीं बार भाजपा की जीत
नगर निगम के महापौर पद पर भाजपा की सुनीता दयाल ने रिकॉर्ड जीत हासिल की। उन्हें कुल 350905 वोट मिले हैं। सुनीता दयाल ने बसपा की प्रत्याशी निसारा खान को 287656 वोटों से हराया। मेयर सीट पर भाजपा की यह लगातार सातवीं जीत है। नगर निगम सीमा क्षेत्र में भाजपा के मजबूत कैडर वोट जीत का आधार रहा। तीसरे नंबर पर कांग्रेस की प्रत्याशी पुष्पा रावत रहीं। उन्हें 58951 मत मिले हैं। चौथे स्थान पर समाजवादी पार्टी की पूनम यादव रहीं। पूनम को 57608 मिले हैं। आम आदमी पार्टी की मेयर प्रत्याशी जानकी जगत बिष्ट 21232 वोट पाकर पांचवें स्थान पर रहीं। निर्वाचन अधिकारी विवेक श्रीवास्तव ने नवनिर्वाचित महापौर सुनीता दयाल को प्रमाण पत्र दिया।
मेरठ में ध्रुवीकरण आया काम
मेरठ में भाजपा के हरिकांत अहलूवालिया ने एआईएमआईएम के प्रत्याशी अनस को 107406 वोटों से पराजित किया। भाजपा जहां यहां जीत का कारण विकास लोक कल्याणकारी कार्यों को मान रही है, वहीं राजनीतिक विश्लेषक इसे वोटों के ध्रुवीकरण का नतीजा बता रहे हैं।
अलीगढ़ में अबकी बार ट्रिपल इंजन सरकार
भाजपा अबकी बार अलीगढ़ नगर निगम में ट्रिपल इंजन सरकार बनाने में कामयाब रही। भाजपा प्रत्याशी प्रशांत सिंघल ने धमाकेदार जीत दर्ज कर सपा प्रत्याशी एवं दो बार के पूर्व विधायक जमीरउल्लाह को हरा कर इस कुर्सी पर कब्जा किया है। इस चुनाव में बसपा प्रत्याशी सलमान शाहिद की जमानत जब्त हो गई। इससे पहले वर्ष 2017 के चुनाव भाजपा, बसपा से चुनाव हार गई थी और
झांसी में भाजपा को रिकॉर्ड जीत
झांसी में भाजपा के महापौर प्रत्याशी बिहारी लाल आर्य ने रिकॉर्ड जीत हासिल की है। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी अरविंद कुमार को 83587 वोटों से करारी शिकस्त दी है। इस बार मेयर की सीट जीतकर बीजेपी ने हैट्रिक लगाई है।
मथुरा मे तीर्थ क्षेत्र के विकास का मिला लाभ
मथुरा-वृंदावन नगर निगम पर भाजपा ने कब्जा बरकरार रखा। भाजपा के विनोद अग्रवाल ने 145720 वोट हासिल कर निकटतम प्रतिद्वंद्वी बसपा के राजा मोहतशिम अहमद को 110529 मतों से हराया। यहां तीर्थ विकास क्षेत्र के तहत कराए गए विकास कार्यों का भाजपा को सीधा लाभ मिला।
वाराणसी में भाजपा का डंका
प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में आने वाले वाराणसी नगर निगम में भाजपा के अशोक तिवारी 291852 मत लेकर पहले स्थान पर रहे, वहीं दूसरे स्थान पर रहे सपा के ओमप्रकाश सिंह को 158715 मत मिले। 94288 मत लेकर तीसरे स्थान पर यहां कांग्रेस रही। वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरीडोर समेत तमाम विकास कार्यों का भाजपा को फायदा मिला।
बरेली में मजबूत संगठन का मिला फायदा
बरेली में भाजपा के उमेश गौतम ने लगातार दूसरी बार बाजी मारी। उन्होंने सपा समर्थित प्रत्याशी पूर्व मेयर डॉ. आईएस तोमर को 56 हजार 328 वोटों से हराया। नगर निगम में कराए गए विकास कार्यों को भाजपा जनता के सामने बेहतर ढंग से रखने में सफल रही। बूथ से लेकर पन्ना प्रमुख तक भाजपा का संगठन मतदान के दिन आखिरी समय तक गलियों से वोट निकलवाने में सफल रहा। सपा का अपने अधिकृत प्रत्याशी के बजाय निर्दल डॉ. तोमर को समर्थन देना काम नहीं आया।
शाहजहांपुर में पहली महापौर बनीं अर्चना वर्मा
शाहजहांपुर में पहली महापौर के रूप में नाम दर्ज कराते हुए भाजपा की अर्चना वर्मा ने बड़ी जीत हासिल की है। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी निकहत इकबाल को 30,256 वोटों से हरा दिया। सपा प्रत्याशी माला राठौर को 20,144 मत ही मिले।
फिरोजाबाद और आगरा में बेहतर विकास से जीते
फिरोजाबाद में भाजपा की प्रत्याशी कामिनी राठौर मेयर निर्वाचित हुई हैं। आगरा में नगर निगम चुनाव में भाजपा की हेमलता दिवाकर को ऐतिहासिक जीत मिली है। उन्होंने बहुजन समाज पार्टी प्रत्याशी लता वाल्मीकि को 1,08,468 वोटों से हराया। यहां भाजपा के विकास कार्य और कानून-व्यवस्था ही काम आए।
दूसरी बार महापौर बनीं प्रमिला
कानपुर में भाजपा की प्रमिला पांडेय लगातार दूसरी बार महापौर बनी हैं। इस बार उन्होंने रिकॉर्ड 1,77846 वोटों से सपा की वंदना बाजपेई को हराया है। पिछले महापौर के चुनाव में दूसरे नंबर पर रहने वाली कांग्रेस तीसरे स्थान पर खिसक गई। कांग्रेस प्रत्याशी आशनी अवस्थी को 64384 वोट मिले।