असलहा तस्करी के बड़े गिरोह का भंडाफोड़, पूर्व सपा विधायक समेत छह गिरफ्तार
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अवैध विदेशी पिस्टल के साथ गिरफ्तार सपा के पूर्व विधायक राकेश सिंह से पूछताछ के बाद यूपी एसटीएफ ने अंतरराष्ट्रीय असलहा तस्कर के बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। एसटीएफ ने पांच तस्करों को गिरफ्तार कर विदेशी असलहे और कारतूस बरामद किए हैं। ये असलहे पूर्वोत्तर के राज्यों से लगी म्यांमार की सीमा से सप्लाई कर यूपी लाए जाते थे।
डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि सोमवार को अलीगढ़ से गिरफ्तार छर्रा से पूर्व विधायक राकेश से पूछताछ में पता चला कि नागेंद्र प्रताप सिंह और ईशान चौधरी विदेशी हथियारों के तस्कर हैं। उसी से उन्होंने साढ़े चार लाख रुपये में टाउरस पिस्टल (मेड इन ब्राजील) खरीदी थी।
पता चला कि मंगलवार को दोनों भारी मात्रा में विदेशी असलहे लेकर लखनऊ आने वाले हैं। तब एसटीएफ ने सर्विलांस की मदद से नागेंद्र को चिनहट के मल्हौर स्टेशन के पास से 9 एमएम और .32 बोर के पांच कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लिया। नागेंद्र ने और साथियों के नाम कुबूले जो मिजोरम की राजधानी आईजॉल से असलहे लेकर लखनऊ पहुंचने वाले थे। एसटीएफ ने थोड़ी देर बाद नागेंद्र के चार साथियों ईशान, वसीम, सुबूर और अनीस को दबोच लिया। वे ऑटो में सवार होकर पहुंचे थे।
15 लाख की कीमत तक के हथियार बरामद
- ईशान के पास से चेक रिपब्लिक की बनी एक मशीन गन स्कॉर्पियन वीजेड 61, दो मैगजीन और 18 कारतूस बरामद की। मशीन गन की कीमत 12 से 15 लाख रुपये के बीच बताई जा रही है। एडीजी कानून व्यवस्था आनंद कुमार ने बताया कि यह एक स्वचालित हथियार है और इसका इस्तेमाल चेक स्लोवाकिया में आर्मी और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा किया जाता है।
- अनीस से ऑस्ट्रिया की बनी 9 एमएम ग्लॉक पिस्टल, मैगजीन और पांच कारतूस।
- सुबूर से चेक स्लोवाकिया की 9 एमएम पिस्टल ल्यूजर, मैगजीन और चार कारतूस।
- वसीम से यूएसए की बनी बैरेटा टाम कैट 32 और पांच कारतूस।
संभल का ईशान है मुख्य तस्कर
लखनऊ से दबोचे गए अंतराराष्ट्रीय असलहा तस्करों में संभल निवासी ईशान चौधरी इस खेल का मुख्य किरदार है। एडीजी कानून-व्यवस्था आनंद कुमार ने बताया कि ईशान का भाई मिजोरम के शहर आईजॉल में रहकर असलहों की तस्करी करता है। उसी से यह लोग असलहे खरीदते हैं और अपने पास रखते हैं। उचित ग्राहक मिलने पर असलहों को बेच दिया जाता है।
सूत्रों की मानें तो इस पूरे खेल में कुछ और सफेद पोश के नाम भी सामने आ सकते हैं। हालांकि इस बारे में डीजीपी ने कुछ भी बोलने से मना कर दिया और कहा कि अभी जांच की जा रही है और कई अहम जानकारी जुटाई जानी है। उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले में अभी कई और पहलुओं पर जांच की जा रही है, जिसकी जानकारी अभी नहीं दी जा सकती। वहीं, सूत्रों का कहना है कि यह तस्करी पिछले काफी समय से हो रही थी। बताया जा रहा है कि पूर्वोत्तर के राज्य मिजोरम, मणिपुर और नागालैंड में म्यांमार की सीमा से तस्करी कर ले आए जाते हैं और देश के विभिन्न हिस्सों में भेज दिए जाते हैं। एसटीएफ ने पकड़े गए सभी अभियुक्तों को लखनऊ के चिनहट थाने में दाखिल कर ऑर्म्स एक्ट व आईपीसी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।
विधायक पर दर्ज हैं चार मुकदमे
डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि अवैध विदेशी पिस्टल रखने के आरोप में गिरफ्तार अलीगढ़ के छर्रा से पूर्व सपा विधायक राकेश सिंह के खिलाफ कुल 4 मुकदमे दर्ज हैं। यह चारों मुकदमे अलीगढ़ में दर्ज हैं। जिसमें लूट, डकैती, 7 क्रिमनल लॉ एक्ट जैसे जघन्य अपराध के मामले शामिल हैं।
इनको किया गया गिरफ्तार
-इशान चौधरी उर्फ उफक निवासी नियर बगीचे वाली मस्जिद, मोहल्ला चौधरी सराय, संभल।
-मो. अनीस उर्फ शिबली निवासी नियर बगीचे वाली मस्जिद, मोहल्ला चौधरी सराय, संभल।
-सुबूर अनवर निवासी मकान नं. 86 मंडी किशन दास सराय, संभल।
-वसीम अहमद निवासी मकान नं. एफ 18 गली नं0 6/3 नियर इस्लाह मस्जिद, जाकिर नगर, जामिया नगर, नई दिल्ली।
-नागेन्द्र प्रताप सिंह उर्फठाकुर निवासी मकान नं 3/218 लक्ष्मीबाई मार्ग, मौरिस रोड, थाना क्वार्सी, अलीगढ़।