लखनऊवालों की 150 करोड़ की होली, खूब बिके कपड़े
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राजधानी के बाजार होली की बयार से सराबोर हुए। होली पर्व के एक दिन पूर्व सोमवार से ग्राहक उमड़े जो मंगलवार रात तक बाजारों में जमें रहे।
अमीनाबाद, चौक, हजरतगंज, गोमतीनगर, आलमबाग, भूतनाथ इंदिरानगर सहित छोटी एवं बड़ी बाजारों में जमकर खरीदारी हुई। ग्राहकों से शोरूम, दुकान एवं माल ठसाठस भरे रहे। कोई साड़ी तो कोई पर्दे खरीद रहा।
कोई खोया, गुझिया और गुझिया बनाने की सामग्री ले रहा। कारोबारियों का अनुमान कि लोग डेढ़ अरब खर्च करके होली खेलेंगे। होली के लिए लोग 40 करोड़ रुपये के कपड़े खरीद कर ले गए जिसमें 30 करोड़ रुपये की सिर्फ साड़ियां एवं चिकन शामिल हैं।
इंदिरानगर स्थित भूतनाथ के कारोबारियों ने बताया कि एक पखवारे से साड़ियों का कारोबार खूब चल रहा है। महिलाएं 2000-15,000 की साड़ियां खरीद कर ले गईं। यानी एक-एक परिवार ने 50 हजार से 1.50 लाख रुपये तक की साड़ियां खरीदीं।
रंग, गुलाल, पिचकारी, कास्मेटिक में परफ्यूम और फेसवॉश की खूब बिक्री हुई। महिलाएं शृंगार के उत्पाद खरीदकर ले गईं। कारोबारियों का आकलन कि इस होली पर 10 करोड़ रुपये से अधिक का तो कास्मेटिक बेचा। वहीं होली पर सात करोड़ रुपये के रंगीन पर्दे एवं बेड कवर की बिक्री हुई।
30 करोड़ रुपये के खरीदे रेडीमेड कपड़े
ग्राहकों का रेडीमेड कपड़े की तरफ काफी रुझान रहा। अमीनाबाद की स्वदेशी मार्केट रेडीमेड के बड़े कारोबारी बताते हैं कि होली पर 30 करोड़ रुपये के रेडीमेड कपड़े बिके।
इनमें बच्चों एवं महिलाओं के सूट तक शामिल हैं। सहारागंज स्थित रेडीमेड शोरूम लुक्स के मोहम्मद अफजल ने बताया कि सोमवार सुबह से ही खरीदार जमे रहे। शोरूम में अच्छा कारोबार हुआ है।
खूब बिका ड्राई फ्रूट
होली पर ड्राई फ्रूट खूब बिका। डालीगंज, चौक, सुभाष मार्ग बाजार के कारोबारियों ने बताया कि सर्वाधिक ड्राई फ्रूट मॉल में बिका जिसके खरीददार स्टैंडर्ड वर्ग थे, लेकिन अधिक खरीददार खुदरा बाजार में उतरे।
कारोबारी राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल बताते कि होली पर सबसे बड़ा कारोबार मेवा का होता यानी करीब 20 करोड़ रुपये का होने का अनुमान है। इसमें 15 करोड़ रुपये काकेवल गरी गोला और किशमिश की बिक्री शामिल होगी।
बाजारों से उठ गया छह करोड़ का खोवा
होली पर रोजाना एक करोड़ रुपये का खोवा बिक रहा, यह बिक्री 17 मार्च से जारी है। कारोबारियों के मुताबिक, अब तक 6 करोड़ रुपये का खोवा बिक चुका है। मंगलवार की बिक्री को जोड़ते हुए होली पर खोवा कारोबार छह करोड़ रुपये का हुआ।
आर्य नगर खोवा मंडी के कारोबारियों ने बताया कि नाका, नेहरू क्रॉस रकाबगंज, ठाकुरगंज समेत एक दर्जन मंडियों में औसतन रोज 200 क्विंटल खोवा बिका। पराग के जीएम एसके प्रसाद मुताबिक, पराग पनीर की रोज की डिमांड एक हजार किलो की है।
5 करोड़ रुपये की बिकी
होलिका दहन में इस होली पर पांच करोड़ रुपये की लकड़ी बिकी। इसके लिए एक विशेष प्रकार की लकड़ी मुज्झढ़ (जड़) का स्टॉक किया गया था। सिटी स्टेशन के कारोबारी मुन्ना ने बताया कि इस होली पर लकड़ी 550 से 600 रुपये प्रति क्विंटल तक बिकी।
ऐसे हुई खरीदारी
वस्तु--रकम
साड़ी व कपड़े--45
रेडीमेड कपड़े--30
मेवा--20
खोया, पनीर, गुझिया--25
पिचकारी, रंग-गुलाल--15
कास्मेटिक--10
लकड़ी--5
कुल खरीदारी--150
(नोट: कारोबार करोड़ रुपये में, आंकड़ों का स्रोत कारोबारी)