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आर्थिक संकटः वेतन न मांगिए, लोन ले लीजिए, ईएमआई हम भर देंगे
Tue, 21 Jul 2020 04:22 PM IST
ishwar ashish
अक्षय कुमार, अमर उजाला, लखनऊ
अक्षय कुमार, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 21 Jul 2020 04:22 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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केस-1
लखनऊ की एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी के एडहॉक शिक्षकों को तीन माह से वेतन नहीं मिला है। उन्होंने इसके लिए यूनिवर्सिटी में संपर्क किया तो उनसे कहा गया कि लोन ले लीजिए, यूनिवर्सिटी की तरफ से इसकी ईएमआई दे दी जाएगी। अब शिक्षक के सामने असमंजस यह है कि यदि यूनिवर्सिटी ने ईएमआई भी नहीं भरी तो बुरे फंस जाएंगे।
केस-2
राजधानी के एक प्राइवेट कॉलेज के शिक्षक को तीन महीने से वेतन नहीं मिला है। पहले तो टरकाया जाता रहा, लेकिन बाद में फिर कॉलेज खुलने पर वेतन देने की बात कही। अब जब काम चलना मुश्किल हो गया तो शिक्षक कॉलेज पहुंचे, लेकिन उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। उल्टा कॉलेज से निकाल देने की चेतावनी दे दी गई।
कोरोना संक्रमण के चलते प्राइवेट यूनिवर्सिटी, इंजीनियरिंग कॉलेजों के शिक्षकों के सामने वेतन का संकट खड़ा हो गया है। बड़ी संख्या में शिक्षकों को तीन-तीन माह से वेतन नहीं मिला है तो कइयों की नौकरी ही दांव पर है। कुछ प्राइवेट यूनिवर्सिटी, इंजीनियरिंग कॉलेज वेतन की जगह पर शिक्षकों को लोन दिलाने का दबाव बना रहे हैं। शिक्षकों से संस्थान द्वारा ईएमआई भरने का वादा किया जा रहा है। वहीं कुछ ने ऑनलाइन क्लास के नाम पर शिक्षकों को बाहर का रास्ता दिखाना शुरू कर दिया है।
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लखनऊ की एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी के एडहॉक शिक्षकों को तीन माह से वेतन नहीं मिला है। उन्होंने इसके लिए यूनिवर्सिटी में संपर्क किया तो उनसे कहा गया कि लोन ले लीजिए, यूनिवर्सिटी की तरफ से इसकी ईएमआई दे दी जाएगी। अब शिक्षक के सामने असमंजस यह है कि यदि यूनिवर्सिटी ने ईएमआई भी नहीं भरी तो बुरे फंस जाएंगे।
केस-2
राजधानी के एक प्राइवेट कॉलेज के शिक्षक को तीन महीने से वेतन नहीं मिला है। पहले तो टरकाया जाता रहा, लेकिन बाद में फिर कॉलेज खुलने पर वेतन देने की बात कही। अब जब काम चलना मुश्किल हो गया तो शिक्षक कॉलेज पहुंचे, लेकिन उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। उल्टा कॉलेज से निकाल देने की चेतावनी दे दी गई।
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कोरोना संक्रमण के चलते प्राइवेट यूनिवर्सिटी, इंजीनियरिंग कॉलेजों के शिक्षकों के सामने वेतन का संकट खड़ा हो गया है। बड़ी संख्या में शिक्षकों को तीन-तीन माह से वेतन नहीं मिला है तो कइयों की नौकरी ही दांव पर है। कुछ प्राइवेट यूनिवर्सिटी, इंजीनियरिंग कॉलेज वेतन की जगह पर शिक्षकों को लोन दिलाने का दबाव बना रहे हैं। शिक्षकों से संस्थान द्वारा ईएमआई भरने का वादा किया जा रहा है। वहीं कुछ ने ऑनलाइन क्लास के नाम पर शिक्षकों को बाहर का रास्ता दिखाना शुरू कर दिया है।
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200 शिक्षकों को दिलाया वेतन
कोरोना के चलते ज्यादातर शिक्षण संस्थाएं मार्च के अंत से बंद हैं। कुछ कॉलेज खुले हैं, लेकिन वहां भी पठन-पाठन शुरू नहीं हुआ है। इससे शिक्षकों को वेतन नहीं दिया जा रहा है। कॉलेज कह रहे हैं कि जब शिक्षकों की जरूरत होगी, तब उन्हें बुलाया जाएगा। ये भी माना जा रहा है कि जब ऑनलाइन क्लास ही होंगी तो इसकी संख्या भी और कम की जा सकती है।
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) से संबद्ध प्रदेश में 750 से अधिक इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट व फार्मेसी संस्थान हैं। यहां बड़ी संख्या में तैनात शिक्षकों को भी यही दिक्कत उठानी पड़ रही है। विवि में गठित ग्रीवांस रिड्रेसल कमेटी के पास, कुलपति व रजिस्ट्रार के मेल पर भी कॉलेजों द्वारा वेतन न दिए जाने और नौकरी से निकालने की शिकायत शिक्षक कर रहे हैं।
एकेटीयू के मीडिया प्रभारी आशीष मिश्रा ने बताया कि संबद्ध कॉलेजों के शिक्षकों को वेतन न देने की शिकायतों पर विवि ने अधिकारियों की कमेटी बनाई है। कमेटी ऐसे कॉलेजों के निदेशकों को फोन कर शिक्षकों का वेतन जारी करने को कह रही है। अब तक 200 से अधिक शिक्षकों का वेतन दिलाया गया है। इसके बाद टीचरों से फीडबैक भी लिया गया है। जिन कॉलेजों ने इस पर आनाकानी की उनसे खुद कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने बात कर लॉकडाउन अवधि का वेतन शिक्षकों को दिलाया है।
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) से संबद्ध प्रदेश में 750 से अधिक इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट व फार्मेसी संस्थान हैं। यहां बड़ी संख्या में तैनात शिक्षकों को भी यही दिक्कत उठानी पड़ रही है। विवि में गठित ग्रीवांस रिड्रेसल कमेटी के पास, कुलपति व रजिस्ट्रार के मेल पर भी कॉलेजों द्वारा वेतन न दिए जाने और नौकरी से निकालने की शिकायत शिक्षक कर रहे हैं।
एकेटीयू के मीडिया प्रभारी आशीष मिश्रा ने बताया कि संबद्ध कॉलेजों के शिक्षकों को वेतन न देने की शिकायतों पर विवि ने अधिकारियों की कमेटी बनाई है। कमेटी ऐसे कॉलेजों के निदेशकों को फोन कर शिक्षकों का वेतन जारी करने को कह रही है। अब तक 200 से अधिक शिक्षकों का वेतन दिलाया गया है। इसके बाद टीचरों से फीडबैक भी लिया गया है। जिन कॉलेजों ने इस पर आनाकानी की उनसे खुद कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने बात कर लॉकडाउन अवधि का वेतन शिक्षकों को दिलाया है।
संबद्धता समाप्त करने की चेतावनी
एकेटीयू ने शिक्षकों-कर्मचारियों को वेतन नहीं देने पर सम्बद्ध कॉलेजों को पत्र जारी कर संबद्धता समाप्त करने की चेतावनी दी है। रजिस्ट्रार नंदलाल सिंह की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि यदि वेतन भुगतान में लापरवाही की गई तो कॉलेज की संबद्धता समाप्त की जा सकती है। कॉलेज इस पर तत्काल करवाई करें।
आर्थिक संकट का रोना
मामले में कॉलेजों का भी अपना पक्ष है। एक कॉलेज प्रतिनिधि ने कहा कि मार्च से ही कॉलेज बंद हैं। नए सत्र में अभी तक प्रवेश प्रक्रिया नहीं शुरू हो पाई है। न ही अन्य क्लास के परिणाम आये और प्रवेश हुए। कॉलेज की आय काफी प्रभावित हुई है। ऐसे में हम शिक्षकों को वेतन कहां से जारी करें। कॉलेज के अन्य खर्च भी नहीं निकल रहे हैं। विवि और सरकार को इस तरफ भी सोचना चाहिए।
आर्थिक संकट का रोना
मामले में कॉलेजों का भी अपना पक्ष है। एक कॉलेज प्रतिनिधि ने कहा कि मार्च से ही कॉलेज बंद हैं। नए सत्र में अभी तक प्रवेश प्रक्रिया नहीं शुरू हो पाई है। न ही अन्य क्लास के परिणाम आये और प्रवेश हुए। कॉलेज की आय काफी प्रभावित हुई है। ऐसे में हम शिक्षकों को वेतन कहां से जारी करें। कॉलेज के अन्य खर्च भी नहीं निकल रहे हैं। विवि और सरकार को इस तरफ भी सोचना चाहिए।