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गांवों में टीकाकरण को लेकर अफवाहें तेज, जागरूकता कार्यक्रमों की सख्त जरूरत

Mon, 14 Jun 2021 01:52 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 14 Jun 2021 01:52 AM IST
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Rumors about corona in the village
गांवों में टीकाकरण को लेकर अफवाहें तेज हैं। अफवाहों से प्रभावित लोग टीका लगवाने से बच रहे हैं। अफवाहों और संदेहों का ही असर था कि लोग कोरोना की जांच करवाने से भी घबरा रहे थे।
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जांच की सूचना मिल जाने पर घरों में ताला लगा मिलता। ऐसे ही अब टीकाकरण के मामले में दिख रहा है। पर, हकीकत यह है कि टीकाकरण ही संक्रमण से बचाव का सबसे कारगर हथियार है। यानी टीकाकरण ही बचाएगा।
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टीका लगवाने से तेज बुखार आता है, मौत हो जाती है। टीकाकरण के बाद व्यक्ति नपुंसक हो जाता है। कुछ ऐसे ही तर्क देते हैं माल के विभिन्न गांवों में रहने वाले लोग।
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बेसिक हेल्थ वर्कर अनूप कुमार द्विवेदी कहते हैं कि जांच तक करवाने से कतराते हैं। बीते दिनों जब जांच टीम रहटा व अकबरपुर गई तो लोग घरों में ताला लगाकर भाग गए थे।
इस बारे में पूछा गया तो उनका कहना है कि जांच के बहाने टीका लगा देंगे। टीके से मौत तय है। अनूप कहते हैं कि टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोई कार्यक्रम नहीं चलाया जा रहा है।
डर का ये आलम : राशन लेने नहीं जा रहीं कि कहीं टीका न लगा दें
मोहनलालगंज के गांवों में भी लोगों में जागरूकता की कमी है। टीका लग जाने से बीमार पड़ जाने का डर तो है ही। साथ ही लोग रजिस्ट्रेशन के झंझट में भी नहीं पड़ना चाहते हैं। जैसे सिसेंडी के पप्पू कहते हैं कि बीमार पड़ गए तो काम कौन करेगा। लक्ष्मी सिंह कहती हैं कि कई सारी शंकाएं हैं, पहले उसे दूर कर लें तो टीका लगवाएंगे। इमलिहाखेड़ा की कमलेशा राशन लेने नहीं जा रहीं। उन्हें डर है कि कहीं जबरदस्ती टीका न लगा दिया जाए। इससे वे बीमार हो जाएंगी। सिसेंडी की एनएनएम पूनम रानी कहती हैं कि जागरूकता की कमी है। बीते दिनों आशा बहुओं के साथ मिलकर विभाग ने पंफलेट बंटवाएं थे, फिलहाल कोशिश ज्यादा करनी होगी।
आबादी छह हजार, सिर्फ पांच फीसदी ने लगवाया टीका
सरोजनीनगर के भटगांव की आबादी करीब छह हजार है पर महज पांच फीसदी ने टीका लगवाया है। ग्राम प्रधान तारा देवी के प्रतिनिधि विपिन कुमार ने बताया कि ग्रामीणों को लगता है कि टीकाकरण से कई बीमारियां हो सकती हैं। कुछ दिन बाद मौत भी हो सकती हैं, जिससे लोग सहमे हुए हैं। महज पांच फीसदी ने ही टीकाकरण करवाया है। सराय सहजादी गांव में एक व्यक्ति ने टीका लगवाया था। कुछ दिन बाद उसकी मौत हो गई। बस उसी की चर्चा कर लोग टीका लगवाने से बचते आ रहे हैं।

कई भ्रांतियों को लेकर परेशान हैं गांव वाले
बीकेटी और इटौंजा के गांवों में टीकाकरण जागरूकता कार्यक्रम में जुटे फ्यूचर एकल अभियान के अध्यक्ष दुर्गेश त्रिपाठी और गोसाईंगंज के विभिन्न गांवों में टीकाकरण जागरूकता अभियान चला रहीं पावर विंग्स फाउंडेशन की सुमन सिंह रावत कहती हैं कि गांव वालों का कहना है कि टीकाकरण से कोरोना हो जाएगा या कोई और बीमारी हो जाएगी। सरकारी स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाने की जरूरत है।
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