बीबीएयू में बवाल: छात्र गुट भिड़े, रैंगिंग पर चार घंटे हंगामा
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लगातार कई दिनों से सुर्खियों में बने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय का माहौल बृहस्पतिवार फिर गरमा गया। विवि में देर रात छात्र गुटों की आपसी भिड़ंत के बाद रैगिंग की अफवाह फैल गई।
हॉस्टल के छात्र बाहर निकल आए और हंगामा करने लगे। सूचना पाकर प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य और आशियाना पुलिस मौके पर पहुंच गई।
छानबीन में छात्रों के बीच आपसी विवाद का मामला सामने आया है। रात दस बजे शुरू हुआ हंगामा दो बजे तक चला। प्रॉक्टोरियल बोर्ड पूरे मामले की जांच कर रहा है।
आशियाना एसओ संजय कुमार पांडेय ने बताया कि रात करीब दस बजे रैगिंग को लेकर विवि के अशोका हॉस्टल में हंगामा शुरू हुआ था। हॉस्टल के छात्रों का कहना था कि बीटेक फर्स्ट ईयर के एक छात्र के साथ तीन सीनियरों ने रैगिंग की है। छात्रों ने रैगिंग के आरोपी तीनों सीनियर छात्रों को पकड़ लिया और हंगामा करने लगे।
जानकारी पाकर विवि प्रशासन के लोग पहुंचे और छात्रों को समझाने की कोशिश की, लेकिन माहौल और गरमा गया।
सीनियरों के खिलाफ कार्रवाई की कर रहे थे मांग
हंगामा कर रहे छात्र सीनियरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन व नारेबाजी करने लगे। रात करीब 12 बजे किसी ने मॉडर्न कंट्रोल रूम को सूचना दे दी।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छात्रों से पूछताछ की तो उन्होंने सीनियर छात्रों के हॉस्टल में घुसकर रैगिंग के आरोप लगाने शुरू कर दिए। गुस्साए छात्रों का कहना था कि सीनियरों ने जूनियर के कपड़े तक उतरवा दिए थे।
इसी हॉस्टल में रहने वाले एमए हिंदी के एक अन्य छात्र ने भी रैगिंग का आरोप लगाते हुए पुलिस और प्रॉक्टर ऑफिस को एक पत्र दिया है। हालांकि, विवि प्रशासन और पुलिस ने पीड़ित छात्र से बातचीत की तो उसने रैगिंग की बात से इन्कार कर दिया।
वहीं, छात्रों का कहना था कि सीनियर्स के खौफ से रैगिंग के शिकार छात्र पीछे हट रहे हैं। विवि प्रशासन ने छात्रों को समझाया तब जाकर रात करीब दो बजे हंगामा शांत हुआ। दोनों छात्रों ने पुलिस और विवि प्रशासन को लिखित रूप में रैगिंग की कोई घटना न होने की बात कही है।
प्रॉक्टर बोले-दो गुटों का था विवाद
प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने शुक्रवार को हॉस्टल के छात्रों व सुरक्षाकर्मियों से इस प्रकरण में पूछताछ की। चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामचंद्र ने बताया कि फिलहाल प्राथमिक जांच में पता चला है कि रैगिंग जैसी कोई घटना नहीं हुई।
रात में जो हुआ वह दो छात्र गुटों का आपसी विवाद था। इसकी पहले से तैयारी थी। मामला शुरू होते ही मौके पर पुलिस व प्रॉक्टोरियल बोर्ड के लोग पहुंचने से दोनों पक्ष दब गए और वापस हॉस्टल में चले गए।
उन्होंने बताया कि जिन छात्रों के साथ रैगिंग के आरोप लगे थे, उन्होंने शुक्रवार को ऐसी किसी भी बात से इन्कार करते हुए लिखित में जवाब दिया है। फिर भी प्रॉक्टोरियल बोर्ड अपनी जांच कर रहा है, जिससे भविष्य में इस प्रकार का कोई विवाद न हो।