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लखनऊः मेदांता अस्पताल में मरीज की मौत के बाद जमकर बवाल, परिवारीजनों ने लगाए ये आरोप

Sat, 08 Feb 2020 12:53 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sat, 08 Feb 2020 12:53 PM IST
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ruckus after the death of patient in medanta hospital in lucknow
मेदांता में हंगामा करते तीमारदार - फोटो : अमर उजाला

लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल में मरीज की मौत के बाद शुक्रवार तड़के जमकर बवाल हुआ। पुलिस तक बुलानी पड़ी। मृतक के परिवारीजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि ओपेन हार्ट सर्जरी के दौरान ठीक से ड्रेसिंग तक नहीं की गई। इस लापरवाही से संक्रमण हो गया, जो मौत की वजह बनी।

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उन्होंने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की है। मामले की जांच कराने, मरीज के इलाज में हुई लापरवाही के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। दूसरी तरफ मेदांता हॉस्पिटल प्रशासन ने भी जांच कमेटी गठित कर दी है। गोमती नगर निवासी सेवानिवृत्त रेलकर्मी अजय सिंह की पत्नी आशा देवी (60) को दिल की बीमारी थी।
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बीते दो दिसंबर को मेदांता हॉस्पिटल गुरुग्राम में ओपेन हार्ट सर्जरी हुई। आरोप है कि रेलवे क्लेम के अलावा परिवारीजनों ने करीब 10 लाख रुपये खर्च किए। सर्जरी के बाद ठीक से इलाज नहीं होने से समस्या बढ़ गई। इस दौरान परिवारीजनों ने रुपये ज्यादा खर्च होने की बात कही तो अस्पताल से मरीज को घर भेज दिया गया।
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रुपये जमा करने को लेकर हुआ विवाद

ruckus after the death of patient in medanta hospital in lucknow
यहां आने पर गुरुवार को तबीयत खराब हो गई। वे शहीद पथ स्थित मेदांता हॉस्पिटल ले गए। कुछ देर इलाज के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। शुक्रवार देर रात उनकी तबीयत फिर खराब हो गई। इस पर वे एक निजी अस्पताल ले गए, जहां से चिकित्सक ने दोबारा मेदांता हॉस्पिटल रेफर कर दिया। इसके बाद परिवारीजन मरीज लेकर अस्पताल पहुंचे तो वहां इलाज शुरू नहीं हो पाया।

मृतका के रिश्तेदार प्रियांशु सिंह ने आरोप लगाया कि यहां दो घंटे तक कोई डॉक्टर देखने नहीं आया। काफी गिड़गिड़ाने के बाद मरीज को अंदर ले जाया गया। तड़के तीन बजे मौत हो गई। इस पर तीमारदारों ने शव मांगा तो रुपये जमा करने को लेकर विवाद होने लगा। इस दौरान अस्पताल प्रशासन ने पुलिस बुला ली। परिवारीजनों को धमकाया गया। काफी प्रयास के बाद सुबह करीब छह बजे के बाद शव दिया गया।

इलाज में लापरवाही नहीं हुई
लापरवाही का आरोप गलत है। मरीज की सर्जरी गुरुग्राम में हुई थी। परिवारीजन गुरुवार को यहां आए थे तो उन्हें चेस्ट में संक्रमण की जानकारी दे दी गई थी। परिवारीजन लामा (अपनी मर्जी से ले जाना) कराकर मरीज को घर ले गए। रात में उल्टी व सांस लेने में दिक्कत हुई तो दोबारा ले आए। मरीज को बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन बचा नहीं सके। परिवारीजनों के हंगामे के चलते पुलिस बुलानी पड़ी। यहां इलाज के रुपये नहीं लिए गए हैं। अस्पताल प्रशासन ने खुद एक जांच कमेटी बना दी है। - डॉ. राकेश कपूर, मेडिकल डायरेक्टर, मेदांता हॉस्पिटल
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