यूपी विधानसभा चुनाव : संघ ने शुरू की सरकार और संगठन के काम की पड़ताल
- बैठक के पहले दिन सरकार से लेकर अपने कामों की भी की गई गहन समीक्षा
- आज की बैठक में सरकार और संगठन को लेकर किए जा सकते हैं महत्वपूर्ण फैसले
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आगामी विधानसभा चुनाव और कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी तैयारियों में जुट गया है। इसी कड़ी में शनिवार को पश्चिम व पूर्वी क्षेत्र प्रचारकों के साथ हुई बैठक के पहले दिन सरकार और संगठन के कामकाज के बारे में फीडबैक जुटाया गया है जबकि आज सरकार और भाजपा संगठन के साथ होने वाली समन्वय बैठक होगी।
इसमें संघ के सह सरकार्यवाह दत्रात्रेय होसबाले और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष भी रहेंगे। ऐसे में यह भी संभावना है कि सरकार और संगठन के साथ ही विधान सभा चुनाव की तैयारियों को लेकर कोई महत्वपूर्ण फैसले भी लिए जा सकते हैं।
क्षेत्र प्रचारक अनिल कुमार की मौजूदगी में हुई बैठक में संघ के पदाधिकारियों ने शाखा के विस्तार, सावन में होने वाले गुरूदक्षिणा कार्यक्रम के अलावा सरकार और भाजपा के संगठन के कामकाज के बारे में प्रचारकों से फीडबैक लिया है। बैठक में विधायकों के कामकाज के बारे में भी जानकारी जुटाई गई है। माना जा रहा है कि इस फीडबैक के आधार पर ही रविवार को होने वाली बैठक में चर्चा को आगे बढ़ाया जाएगा।
बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा दोनों उपमुख्यमंत्री और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव और प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल भी रहेंगे। सरकार और संघ जब आमने-सामने होगा तो फीडबैक के आधार पर सरकार और संगठन के काम काज का ब्योरा भी सामने रखा जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक दूसरे दिन की बैठक में विधानसभा चुनाव को लेकर सरकार और संगठन के स्तर से की गई तैयारियों के बारे में चर्चा होगी। वहीं धर्मानंतरण, जनसंख्या नियंत्रण और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की बात कही जा रही है। पहले दिन की बैठक में सरकारी कामकाज को जमीन पर उतारने में स्वयंसेवकों की भूमिका को लेकर भी चर्चा की गई है।
आज की बैठक में संघ ने भी कोरोना की संभावित तीसरी लहर से लोगों का जीवन बचाने के लिए जमीन पर उतरकर काम करने का फैसला किया है। संघ ने तय किया है कि कोरोना की तीसरी लहर रोकने के लिए हर गांव में संघ कम से कम पांच स्वयंसेवक तैनात करेगा। गांवों में रहकर स्वयंसेवक भी लोगों को इलाज व दवा आदि की व्यवस्था का संचालन करेंगे और लॉकडाउन की स्थिति बनने पर गरीब लोगों के खान-पान की भी व्यवस्था करने में मदद करेंगे।
इसके अलावा शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों में संघ के अनुषांगिक संगठनों को तैयार करने को लेकर भी चर्चा की गई है। संघ की बैठक में साल में एक बार सावन महीने में होने गुरूदक्षिणा कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की गई है। चूंकि यह कार्यक्रम वर्चुअल नहीं हो सकता है। इसलिए कोरोना प्रोटोकाल का पालन करते हुए इसे संपन्न कराने के तरीकों पर विचार किया गया है।