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RSS: संघ में प्रवेश के लिए तीन दिन का प्रवेश वर्ग होगा, प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ग की अवधि और नाम बदले
Thu, 16 Mar 2023 05:53 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 16 Mar 2023 05:53 PM IST
सार
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में लिए गए निर्णयों को पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्र में शाखाओं के साथ वैचारिक संगठनों की गतिविधियों तक लागू किया जाएगा। संघ ने अपने शताब्दी वर्ष में न्याय पंचायत तक पहुंचने का लक्ष्य तय किया है।
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- फोटो : amar ujala
विस्तार
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की शाखा में प्रवेश के समय अब तीन दिन का संघ प्रवेश वर्ग होगा। तीन दिन में स्वयं सेवक को संघ की प्राथमिक रीति नीति और राष्ट्रवाद से जुड़े विषयों की शिक्षा दी जाएगी। वहीं संघ के प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष के वर्ग की अवधि और नाम भी बदले गए हैं। संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में लिए गए निर्णयों को यूपी के पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्र में शाखाओं के साथ वैचारिक संगठनों की गतिविधियों तक लागू किया जाएगा।
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संघ में अब स्वयं सेवक के प्रवेश के समय तीन दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। तीन दिन के प्रशिक्षण लेने वाले स्वयं सेवकों को सात दिन का प्राथमिक शिक्षा वर्ग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। संघ ने प्रथम वर्ष के वर्ग का नाम बदलकर कार्यकर्ता विकास वर्ग प्रथम कर दिया है। इसकी अवधि 20 दिन से घटाकर 15 दिन की गई है। द्वितीय वर्ष वर्ग का नाम कार्यकर्ता विकास वर्ग द्वितीय रखा गया है। इसकी अवधि भी 20 दिन की गई है।
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तृतीय वर्ष वर्ग का नाम बदलकर कार्यकर्ता विकास वर्ग तृतीय रखा गया है इसकी अवधि 30 दिन से घटाकर 25 दिन की गई है। इनके अतिरिक्त अब 15 दिन का विशेष प्रशिक्षण वर्ग उन्हीं स्वयं सेवकों को दिया जाएगा, जिन्होंने कार्यकर्ता विकास वर्ग प्रथम और द्वितीय का प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
संघ के शताब्दी वर्ष के मद्देनजर पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्र में प्रत्येक न्याय पंचायत तक संघ की शाखा लगाई जाएगी। अवध प्रांत में अभी 2667 शाखाएं संचालित हैं। ऐसे लोग जो संघ की कार्यपद्धति से परिचित नहीं है उनके छोटे छोटे सम्मेलनों का आयोजन कर उन्हें संघ से जोड़ा जाएगा। ऐसे लोग जो सीधे तौर पर संघ की शाखा में शामिल नहीं हो सकते हैं उन्हें संघ के अलग-अलग कार्यक्रमों से जोड़ने के लिए मिलन कार्यक्रम (साप्ताहिक शाखा) और मंडली (मासिक संघ कार्यक्रम) बढ़ाए जाएंगे।
लोकसभा चुनाव के लिए माहौल भी बनाएगा संघ
आरएसएस शाखाओं के विस्तार के साथ लोकसभा चुनाव के लिए माहौल भी बनाएगा। संघ शाखाओं के साथ वैचारिक संगठनों के कार्यक्रमों के जरिये विभिन्न वर्गों के बीच पहुंचकर बताएगा कि आज भारत की अर्थव्यवस्था विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनकर उभर रही है।