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Lucknow News: केजीएमयू में महज 5000 रुपये में हो रही रोबोटिक सर्जरी
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केजीएमयू।
लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में मरीजों को पांच हजार रुपये में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा मिल रही है। यह सुविधा निजी अस्पतालों की तुलना में काफी सस्ती है, जहां एक लाख रुपये से अधिक खर्च होते हैं। केजीएमयू के जनरल सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. अभिनव अरुण सोनकर ने रविवार को विभाग के प्रेक्षागृह में रोबोटिक सर्जरी पर हुई कार्यशाला में ये जानकारी दी।
डॉ. सोनकर ने बताया कि रोबोटिक तकनीक से गाल ब्लैडर में पथरी और हर्निया जैसी सर्जरी की जा रही हैं। रोबोटिक उपकरणों से शरीर के भीतर बारीकी से सर्जरी संभव है। इससे ऑपरेशन के दौरान रक्तस्राव और मरीज को दर्द कम होता है। डॉ. अक्षय आनंद ने कहा कि सर्जरी के बाद मरीज की रिकवरी भी तेजी से होती है।
डॉ. अवनीश कुमार ने बताया कि विभाग में अब तक 101 रोबोटिक सर्जरी की जा चुकी हैं। कार्यशाला में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार, डॉ. फराज अहमद और डॉ. एचएस पहवा सहित अन्य डॉक्टर भी उपस्थित थे।
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आयुष्मान योजना में शामिल करने की मांग
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. तारिक मंसूर ने रोबोटिक सर्जरी को आयुष्मान योजना में शामिल करने की बात कही। उन्होंने बताया कि गुजरात और राजस्थान में स्टेट आयुष्मान योजना के तहत यह सर्जरी कवर की जा रही है। उत्तर प्रदेश आबादी में बड़ा राज्य है, लेकिन यहां अभी इसे योजना में शामिल नहीं किया गया है।
गरीब मरीजों को मिले लाभ
गोरखपुर के महंत गोरखनाथ विश्वविद्यालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. संजय माहेश्वरी ने कहा कि रोबोटिक सर्जरी का लाभ गरीब मरीजों को भी मिलना चाहिए। उन्होंने सरकार से आर्थिक मदद उपलब्ध कराने की अपील की।
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डॉ. सोनकर ने बताया कि रोबोटिक तकनीक से गाल ब्लैडर में पथरी और हर्निया जैसी सर्जरी की जा रही हैं। रोबोटिक उपकरणों से शरीर के भीतर बारीकी से सर्जरी संभव है। इससे ऑपरेशन के दौरान रक्तस्राव और मरीज को दर्द कम होता है। डॉ. अक्षय आनंद ने कहा कि सर्जरी के बाद मरीज की रिकवरी भी तेजी से होती है।
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डॉ. अवनीश कुमार ने बताया कि विभाग में अब तक 101 रोबोटिक सर्जरी की जा चुकी हैं। कार्यशाला में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार, डॉ. फराज अहमद और डॉ. एचएस पहवा सहित अन्य डॉक्टर भी उपस्थित थे।
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आयुष्मान योजना में शामिल करने की मांग
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. तारिक मंसूर ने रोबोटिक सर्जरी को आयुष्मान योजना में शामिल करने की बात कही। उन्होंने बताया कि गुजरात और राजस्थान में स्टेट आयुष्मान योजना के तहत यह सर्जरी कवर की जा रही है। उत्तर प्रदेश आबादी में बड़ा राज्य है, लेकिन यहां अभी इसे योजना में शामिल नहीं किया गया है।
गरीब मरीजों को मिले लाभ
गोरखपुर के महंत गोरखनाथ विश्वविद्यालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. संजय माहेश्वरी ने कहा कि रोबोटिक सर्जरी का लाभ गरीब मरीजों को भी मिलना चाहिए। उन्होंने सरकार से आर्थिक मदद उपलब्ध कराने की अपील की।