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Lucknow News: 70 फीसदी मामलों में घुटने खराब होने की वजह मोटापा
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डॉक्टर संदीप कपूर और डॉक्टर संदीप गर्ग
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लोगों में घुटने खराब होने के पीछे मुख्य वजह मोटापा है। करीब 70 फीसदी मामलों में मोटापे की वजह से घुटने खराब हो रहे हैं। इसकी वजह से घुटना प्रत्यारोपण के मामले बढ़ रहे हैं। गोमतीनगर विस्तार स्थित निजी अस्पताल में हुई प्रेसवार्ता में डाॅ. संदीप कपूर और डाॅ. संदीप गर्ग ने यह जानकारी दी।
डाॅ. संदीप कपूर और डाॅ. संदीप गर्ग ने बताया कि 70 फीसदी मामलों में घुटने मोटापा की वजह से घिसकर खराब होते हैं। वहीं 30 फीसदी मामलों में आनुवांशिक कारणों से घुटने में खराबी आती है। यह प्रेसवार्ता उन्नत रोबोटिक आंशिक और पूर्ण घुटना रिप्लेसमेंट सर्जरी सुविधा के शुभारंभ से पहले आयोजित हुई। रोबोटिक घुटना रिप्लेसमेंट सर्जरी सुविधा का शुभारंभ उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक शनिवार को करेंगे। इस माैके पर लाइव सर्जरी भी की जाएगी। डॉ. कपूर ने कहा कि घुटने के जोड़ के तीन मुख्य भाग होते हैं - आंतरिक या मध्य, बाहरी या पार्श्व, और घुटने का क्षेत्र जिसे पेटेलोफेमोरल कहा जाता है। कम उम्र में घुटने खराब होने पर प्रयास करके आंशिक प्रत्यारोपण ही करना चाहिए। 15 वर्ष के बाद दोबारा सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है। उस समय पूर्ण प्रत्यारोपण का विकल्प माैजूद रहेगा।
डे केयर में होगा प्रत्यारोपणा
डॉ. संदीप गर्ग ने कहा कि विदेशों में घुटना प्रत्यारोपण डे केयर में हो रहा है। मरीज उसी दिन भर्ती होता है और शाम तक प्रत्यारोपण कराकर घर चला जाता है। जल्द ही अपने यहां यह सुविधा मिलने लगेगी। इस समय घुटना प्रत्यारोपण पर करीब 2.75 लाख रुपये से चार लाख रुपये के बीच खर्च आ रहा है। आने वाले दिनों में इसकी कीमत कम हो सकती है।
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डाॅ. संदीप कपूर और डाॅ. संदीप गर्ग ने बताया कि 70 फीसदी मामलों में घुटने मोटापा की वजह से घिसकर खराब होते हैं। वहीं 30 फीसदी मामलों में आनुवांशिक कारणों से घुटने में खराबी आती है। यह प्रेसवार्ता उन्नत रोबोटिक आंशिक और पूर्ण घुटना रिप्लेसमेंट सर्जरी सुविधा के शुभारंभ से पहले आयोजित हुई। रोबोटिक घुटना रिप्लेसमेंट सर्जरी सुविधा का शुभारंभ उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक शनिवार को करेंगे। इस माैके पर लाइव सर्जरी भी की जाएगी। डॉ. कपूर ने कहा कि घुटने के जोड़ के तीन मुख्य भाग होते हैं - आंतरिक या मध्य, बाहरी या पार्श्व, और घुटने का क्षेत्र जिसे पेटेलोफेमोरल कहा जाता है। कम उम्र में घुटने खराब होने पर प्रयास करके आंशिक प्रत्यारोपण ही करना चाहिए। 15 वर्ष के बाद दोबारा सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है। उस समय पूर्ण प्रत्यारोपण का विकल्प माैजूद रहेगा।
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डे केयर में होगा प्रत्यारोपणा
डॉ. संदीप गर्ग ने कहा कि विदेशों में घुटना प्रत्यारोपण डे केयर में हो रहा है। मरीज उसी दिन भर्ती होता है और शाम तक प्रत्यारोपण कराकर घर चला जाता है। जल्द ही अपने यहां यह सुविधा मिलने लगेगी। इस समय घुटना प्रत्यारोपण पर करीब 2.75 लाख रुपये से चार लाख रुपये के बीच खर्च आ रहा है। आने वाले दिनों में इसकी कीमत कम हो सकती है।
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