फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Roads are also getting worse due to the effect of global warming says experts

Lucknow : इंडियन रोड कांग्रेस में विशेषज्ञों का दावा- ग्लोबल वार्मिंग के असर से सड़कें भी हो रही हैं खराब

Mon, 10 Oct 2022 06:07 AM IST
दुष्यंत शर्मा प्रवेंद्र गुप्ता, लखनऊ
प्रवेंद्र गुप्ता, लखनऊ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 10 Oct 2022 06:07 AM IST
सार

सड़क निर्माण से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल वार्मिंग के चलते बेमौसम व असामान्य बारिश, पहाड़ों पर लैंड स्लाइड, बाढ़ और बढ़ते तापमान के चलते सड़कें खराब हो रही हैं। इससे धन व जन की हानि हो रही है। ऐसे में मौसम में बदलावों को देखते हुए सड़क निर्माण की तकनीक में भी बदलाव की जरूरत है।

विज्ञापन
Roads are also getting worse due to the effect of global warming says experts
demo pic...

विस्तार

सड़क निर्माण से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल वार्मिंग के चलते बेमौसम व असामान्य बारिश, पहाड़ों पर लैंड स्लाइड, बाढ़ और बढ़ते तापमान के चलते सड़कें खराब हो रही हैं। इससे धन व जन की हानि हो रही है। ऐसे में मौसम में बदलावों को देखते हुए सड़क निर्माण की तकनीक में भी बदलाव की जरूरत है।

विज्ञापन


राजधानी में चार दिनी 81वें इंडियन रोड कांग्रेस के दूसरे दिन रविवार को आपदा में सड़कों के प्रबंधन पर आयोजित कार्यशाला में शामिल देश-विदेश के विशेषज्ञों ने इस पर अपनी रिपोर्ट पेश की। अरुणाचल सरकार के तकनीकी सलाहकार केसी ढिमोले ने बताया कि अरुणाचल में सड़कों के निर्माण से पहले मौसमी प्रभाव का अध्ययन किया जाता है। लैंड स्लाइड, स्लोप आदि को लेकर विशेष जांच की जाती है।
विज्ञापन


पहाड़ों पर गुरुत्वाकर्षण असंतुलन का भी असर
जापान इंट्रेक्टिव कॉरपोरेशन एजेंसी के प्रतिनिधि योशीनोरी ने बताया कि पहाड़ों की सड़कों पर गुरुत्वाकर्षण असंतुलन का सबसे अधिक असर पड़ रहा है। अब ऐसे सिस्टम बनाने की जरूरत है कि जिससे कि इसकी जानकारी पहले ही मिल जाए। इसको लेकर जापान सरकार भारत को तकनीकी मदद दे रही है। उन्होंने कहा कि टनल रोड निर्माण में सबसे अधिक सुरक्षा की जरूरत है। इसके लिए उसकी डिजाइन पर विशेष सतर्कता की जरूरत है। लाइटिंग, वेंटीलेशन और इलेक्ट्रिक सिस्टम को भी बेहतर बनाना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


सात दिन तापमान का अध्ययन कर बनाएं सड़क
दिल्ली आईआईटी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अरविंद स्वामी ने बताया कि ग्लोबल वार्मिंग के चलते तापमान बढ़ रहा है। ऐसे में जहां तापमान ज्यादा बढ़ता है, वहां सड़क निर्माण से पहले कम से कम सात दिन तक तापमान जांचना चाहिए। तापमान का निष्कर्ष निकालने के बाद उसके अनुसार ही बिटुमिन डाला जाना चाहिए, जो अधिक तापमान पर पिघलने से खराब न हो। अभी तापमान को ध्यान में रखकर सड़कों का निर्माण नहीं किया जा रहा है। ऐसे में जब तापमान बढ़ता है तो सड़कें जल्दी खराब होती हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed