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चार साल बाद लोकसभा में खुला रालोद का खाता, भाजपा को ऐसे मिली शिकस्त

Fri, 01 Jun 2018 11:47 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 01 Jun 2018 11:47 AM IST
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RLD wins loksabha seat after four years
मृगांका सिंह औ तबस्सुम बेगम - फोटो : amar ujala
चार वर्ष के इंतजार के बाद लोकसभा में फिर राष्ट्रीय लोकदल का खाता खुल गया है। कैराना संसदीय सीट पर हुए उपचुनाव में रोचक मुकाबले में सपा समर्थित रालोद की तबस्सुम ने भाजपा की मृगांका सिंह को पराजित किया है। वहीं, सपा ने नूरपुर विधानसभा सीट भाजपा से छीन ली है। वहां सपा के नइमुल हसन ने भाजपा की अवनी सिंह को शिकस्त दी।
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2014 में कैराना से भाजपा सांसद बने हुकुम सिंह के निधन से खाली हुई सीट पर उपचुनाव में भाजपा ने उनकी बेटी मृगांका सिंह को उम्मीदवार बनाया था। गठबंधन की उम्मीदवार रालोद की तबस्सुम बेगम ने भाजपा की मृगांका सिंह को 44618 मतों से पराजित किया। तबस्सुम को 481182 मत मिले जबकि भाजपा की मृगांका सिंह को 436564 मत मिले।
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निर्दलीय रवींद्र कुमार को 3553, संजीव को 2760, यजपाल सिंह राठी को 1567, रणधीर सिंह को 1408, मोहम्मद सलीम को 1043, सेठपाल को 896, लोकदल के कंवर हसन को 624, रामशरण को 1260, बहुजन मुक्ति पार्टी के इंद्रजीत को 2388, जय हिंद जय भारत पार्टी की कुमारी प्रीति कश्यप को 1108 और नोटा को 4389 मत मिले।
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लोकसभा चुनाव 2014 में रालोद को प्रदेश में एक भी सीट पर विजय नहीं मिली थी। विधानसभा चुनाव में भी एक मात्र बागपत जिले की छपरौली सीट से रालोद के सहेंद्र रमाला विजयी हुए थे। राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के आरोप के बाद रालोद ने सहेंद्र को पार्टी से निकाल दिया था। सहेंद्र ने गत दिनों भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली।

विधान परिषद में भी रालोद के एकमात्र सदस्य चौधरी मुश्ताक का कार्यकाल 5 मई को समाप्त हो गया। ऐसे में रालोद का विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा किसी भी सदन में कोई सदस्य नहीं था। तबस्सुम की जीत के साथ ही रालोद का लोकसभा में खाता खुल गया है।

RLD wins loksabha seat after four years
अवनी सिंह और नइमुल हसन - फोटो : amar ujala
भाजपा विधायक लोकेंद्र सिंह की सड़क हादसे में निधन से खाली हुई नूरपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव में भाजपा ने स्व. लोकेंद्र सिंह की पत्नी अवनी सिंह को उम्मीदवार बनाया था। अवनी सिंह को सपा के नइमुल हसन ने 5,662 मतों से पराजित किया। नइमुल हसन को 94,875 मत प्राप्त हुए जबकि अवनी सिंह को 89213 वोट मिले।

लोकदल के गोहर इकबाल को 1197, राष्ट्रीय जनहित संघर्ष पार्टी के जहीर आलम को 687, भारतीय मोमीन फ्रंट की माया को 161, उत्तर प्रदेश रिपब्लिकन पार्टी के रामरतन को 139, निर्दलीय प्रबुद्ध कुमार को 168, अमित कुमार सिंह को 391, बेगराज सिंह को 341 और राजपाल सिंह को 799 मत प्राप्त हुए। नोटा को 1012 मत मिले और 18 वोट खारिज हुए।

विधानसभा चुनाव 2017 में नूरपुर में त्रिकोणीय मुकाबले में भाजपा के लोकेंद्र सिंह ने 78 हजार मत प्राप्त कर चुनाव जीता था। उपचुनाव में भाजपा और सपा के बीच सीधे मुकाबले में भाजपा की अवनी सिंह को 2017 चुनाव की तुलना में करीब 11 हजार मत अधिक मिले, लेकिन चुनावी बाजी सपा ने जीत ली। 
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