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रालोद के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी साहब सिंह और बसपा नेता चरण सिंह समेत कई ने थामा भाजपा का दामन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 18 May 2018 01:54 PM IST
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चौधरी साहब सिंह
- फोटो : amar ujala
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कैराना की लड़ाई हर कीमत पर जीतने की कोशिश में जुटी भाजपा की कोशिश विपक्षी खेमे के असंतुष्टों को अपने साथ लाकर चुनावी गणित दुरुस्त करने की है। इस कड़ी में कैराना सहित पश्चिमी उप्र के रालोद और सपा में सक्रिय कुछ बड़े जाट नेताओं को भाजपा में लाया जा रहा है।
शुक्रवार को इसकी शुरुआत रालोद के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी साहब सिंह के भाजपा में शामिल होने से हुई। बागपत के रहने वाले पूर्व विधायक और अखिलेश सरकार में पशुधन विकास विभाग के सलाहकार रहे साहब सिंह समेत संभल के बसपा नेता चरण सिंह भारती जाटव और मुरादाबाद के रजनीकान्त जाटव ने भी भाजपा का दामन थाम लिया।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेन्द्र नाथ पांडेय साहब सिंह ने इन नेताओं क साथ-साथ लगभग 60-70 लोगों को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इससे पहले बृहस्पतिवार को उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात भी की थी। सपा और रालोद के गठबंधन के लिए ये बड़ा झटका बताया जा रहा है।
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दरअसल, भाजपा के रणनीतिकार कैराना में सपा के नेता को ही रालोद से खड़ा कर देने और उपचुनाव में दोनों ही जगह मुस्लिम उम्मीदवार उतारने से बने समीकरण व नाराजगी को अपने पक्ष में इस्तेमाल करना चाहते हैं।
भाजपा की निगाह पश्चिम के कुछ प्रमुख जाट चेहरों सहित अन्य प्रभावशाली नेताओं पर है ताकि इन्हें पार्टी में लाकर यह संदेश दिया जा सके कि पश्चिम में जाट सहित अन्य समाज के लोगों का समर्थन अभी भाजपा के साथ ही है। इसके अलावा यह भी संदेश दिया जा सके कि मुजफ्फरनगर दंगे और कैराना के पलायन मुद्दे को लोग भूले नहीं हैं। यह कहना भी गलत है कि पश्चिम के लोग भाजपा से छिटक रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री सतपाल भी रहे मौजूद
साहब सिंह को भाजपा में लाकर सियासी संदेश देने की कोशिश इसलिए भी साफ होती है क्योंकि बागपत से सांसद और केंद्र में मंत्री सतपाल सिंह भी इस दौरान मौजूद रहे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेन्द्र नाथ पांडेय साहब सिंह ने साथ लगभग 60-70 लोगों को पार्टी की सदस्यता दिलाई।
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शुक्रवार को इसकी शुरुआत रालोद के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी साहब सिंह के भाजपा में शामिल होने से हुई। बागपत के रहने वाले पूर्व विधायक और अखिलेश सरकार में पशुधन विकास विभाग के सलाहकार रहे साहब सिंह समेत संभल के बसपा नेता चरण सिंह भारती जाटव और मुरादाबाद के रजनीकान्त जाटव ने भी भाजपा का दामन थाम लिया।
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भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेन्द्र नाथ पांडेय साहब सिंह ने इन नेताओं क साथ-साथ लगभग 60-70 लोगों को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इससे पहले बृहस्पतिवार को उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात भी की थी। सपा और रालोद के गठबंधन के लिए ये बड़ा झटका बताया जा रहा है।
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दरअसल, भाजपा के रणनीतिकार कैराना में सपा के नेता को ही रालोद से खड़ा कर देने और उपचुनाव में दोनों ही जगह मुस्लिम उम्मीदवार उतारने से बने समीकरण व नाराजगी को अपने पक्ष में इस्तेमाल करना चाहते हैं।
भाजपा की निगाह पश्चिम के कुछ प्रमुख जाट चेहरों सहित अन्य प्रभावशाली नेताओं पर है ताकि इन्हें पार्टी में लाकर यह संदेश दिया जा सके कि पश्चिम में जाट सहित अन्य समाज के लोगों का समर्थन अभी भाजपा के साथ ही है। इसके अलावा यह भी संदेश दिया जा सके कि मुजफ्फरनगर दंगे और कैराना के पलायन मुद्दे को लोग भूले नहीं हैं। यह कहना भी गलत है कि पश्चिम के लोग भाजपा से छिटक रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री सतपाल भी रहे मौजूद
साहब सिंह को भाजपा में लाकर सियासी संदेश देने की कोशिश इसलिए भी साफ होती है क्योंकि बागपत से सांसद और केंद्र में मंत्री सतपाल सिंह भी इस दौरान मौजूद रहे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेन्द्र नाथ पांडेय साहब सिंह ने साथ लगभग 60-70 लोगों को पार्टी की सदस्यता दिलाई।