फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   revival of reth river restarts

मनरेगा से संवरेगी रेठ नदी की सूरत, चार साल बाद फिर शुरू हुआ काम, अवैध कब्जा भी हटेगा

Fri, 21 May 2021 01:49 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 21 May 2021 01:49 AM IST
विज्ञापन
revival of reth river restarts
लखनऊ। राजधानी के पौराणिक महत्व की रेठ नदी जिम्मेदारों की लापरवाही से लुप्त होने की कगार पर पहुंच गई। चार साल बाद गुरुवार को इस नदी के रिवाइवल प्लान को लेकर नए सिरे से कवायद शुरू हुई। अब मनरेगा के माध्यम से जिला प्रशासन इसकी सूरत को संवारने जा रहा है। यह नदी लखनऊ के कुुम्हरावां, खजुरी, बाजपुर गंगौरा, सरांवा, इंदारा और करीमनगर गांवों से होते हुए बाराबंकी के निंदूरा ब्लॉक में गोमती नदी से मिल जाती है। बख्शी का तालाब तहसील क्षेत्र में इस नदी का 8 किलोमीटर से अधिक का क्षेत्र आता है। जिम्मेदारों की उपेक्षा से इसके तटबंध और नदी मार्ग पर अवैध कब्जे हो गए और नदी एक छोटे नाले में सिमट कर रह गई, जिसमें केवल वर्षा ऋतु के समय ही पानी का बहाव रहता है। अब मनरेगा के अंतर्गत इस नदी का पुनरुद्धार कर उसके वास्तविक स्वरूप में लाने की कवायद तेज हो गई है। डीएम अभिषेक प्रकाश ने कहा कि हर हाल में नदी के अस्तित्व को बचाया जाएगा। इस पर मैप वर्क किया गया है। जल्द मनरेगा योजना में एस्टीमेट बनवाकर नदी के पुनरुद्धार का कार्य किया जाएगा।
विज्ञापन

चार साल पहले भी बना था प्लान
रेठ को पुनर्जीवित कराने के लिए सत्ताधारी दल के विधायकों से लेकर तत्कालीन सांसद भगवती सिंह ने भी प्रयास किए थे। उच्च अधिकारियों ने संज्ञान लेकर स्थानीय प्रशासन को नदी का रिवाइवल प्लान बनाने को कहा था। उस समय क्षेत्रीय जनता के साथ विधायकों व सांसदों ने मौके पर जाकर फावड़ा चलाया था और नदी को उसके प्राचीन स्वरूप में वापस लाने की बात कही थी। लेकिन चार साल से अधिक समय बीतने के बाद भी इस एक्शन प्लान के अनुसार कोई कार्रवाई न हो सकी।
विज्ञापन

पुरातत्व अवशेष भी मिले, अब अवैध कब्जा
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के मंडल सचिव अमर सिंह यादव ने बताया कि इस नदी के किनारे पर कुम्हरावां के पास मंदिर के अवशेषों से लेकर विशेष आकृति वाले तांबे के सिक्के से लेकर मिट्टी के बर्तन मिले थे। इसका पुरातात्विक महत्व भी है लेकिन अब करीब इसके 150 बीघा पैच पर अवैध कब्जा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

अधिकारियों की टीम ने किया स्थलीय निरीक्षण
एडीएम प्रशासन अमर पाल सिंह ने बताया कि एसडीएम बीकेटी डॉ. शुभी व बीडीओ पूजा सिंह के साथ तहसील के अन्य अधिकारियों की एक टीम ने स्थलीय निरीक्षण किया है। मेरे द्वारा पूरे काम की निगरानी की जाएगी। बीडीओ पूजा सिंह ने बताया कि नदी के सूखने के पीछे मुख्य वजह अवैध कब्जे हैं। मैंने इस नदी के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन किया है। जल्द अवैध कब्जों को हटाया जाएगा। तहसील प्रशासन की टीम इस मामले में एक्टिव है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed