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चारबाग से बसंतकुंज के बीच प्रस्तावित मेट्रो की ब्ल्यू लाइन की संशोधित डीपीआर दो महीने में तैयार होगी
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ब्ल्यू लाइन की डीपीआर फिर बनेगी। (फोटो ः प्रतीकात्मक)
- फोटो : ??? ?????
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चारबाग से बसंतकुंज के बीच प्रस्तावित मेट्रो की ब्ल्यू लाइन की संशोधित डीपीआर दो महीने में तैयार होगी।
प्रोजेक्ट पर जल्द काम शुरू कराने के लिए मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र के निर्देश के बाद यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के साथ बैठक कर कार्यवाही शुरू कर दी है।
दिल्ली में खुद यूपीएमआरसी के एमडी कुमार केशव ने डीएमआरसी के अधिकारियों संग बैठकें भी की हैं। अब मेट्रो विस्तार के लिए बन रही ब्ल्यू लाइन पर खर्च बढ़ना तय माना जा रहा है।
एमडी कुमार केशव ने बताया कि 2019 में केंद्र सरकार की नई नीति को शामिल करते हुए नई डीपीआर बनाकर राज्य सरकार को भेजी गई थी। इस पर अभी फैसला नहीं हो सका था।
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मेट्रो विस्तार के लिए मुख्य सचिव के निर्देश के बाद अब मार्च 2022 को ध्यान में रखते हुए नए सिरे से लागत का आकलन किया जा रहा है।
तीन साल में प्राइस इंडेक्स बढ़ने के कारण लागत पर आने वाले खर्च में बढ़ोतरी संभावित है। मेट्रो स्टेशनों की संख्या, साइज पर कोई अंतर नहीं किया गया है।
यात्रियों की बढ़ी क्षमता के अलावा निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्री की कीमतों को ध्यान में रखते हुए डीपीआर में खर्च और अन्य आंकड़ों में संशोधन होना है।
12.5 किमी. लंबे सेक्शन में 12 स्टेशन
मेट्रो की प्रवक्ता पुष्पा बेल्लानी के मुताबिक, ब्ल्यू लाइन पर 12.5 किमी. लंबाई में 12 स्टेशन बनाए जाने हैं। इनमें से सात भूमिगत रहेंगे। यह लाइन प्रमुख रूप से नाका, अमीनाबाद, कैसरबाग, चौक, ठाकुरगंज जैसे पुराने इलाकों के अलावा बसंतकुंज, आम्रपाली जैसे नए विकसित इलाकों को भी जोड़ेगी। बसंतकुंज में मेट्रो की ट्रेनों का डिपो भी बनाया जाना है।
2019 में दी गई 4538 करोड़ रुपये की डीपीआर
यूपीएमआरसी के लिए डीएमआरसी ने इस लाइन की डीपीआर बनाई है। 2019 में जो डीपीआर दी गई। इसकी लागत 4538 करोड़ रुपये थी। इसमें चार की जगह तीन कोच की ट्रेन और स्टेशनों के साइज कम करते हुए 17 फीसदी लागत पूर्व से घटाई गई थी। अब संशोधन के बाद लागत में बढ़ोतरी को तय माना जा रहा है।
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प्रोजेक्ट पर जल्द काम शुरू कराने के लिए मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र के निर्देश के बाद यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के साथ बैठक कर कार्यवाही शुरू कर दी है।
दिल्ली में खुद यूपीएमआरसी के एमडी कुमार केशव ने डीएमआरसी के अधिकारियों संग बैठकें भी की हैं। अब मेट्रो विस्तार के लिए बन रही ब्ल्यू लाइन पर खर्च बढ़ना तय माना जा रहा है।
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एमडी कुमार केशव ने बताया कि 2019 में केंद्र सरकार की नई नीति को शामिल करते हुए नई डीपीआर बनाकर राज्य सरकार को भेजी गई थी। इस पर अभी फैसला नहीं हो सका था।
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मेट्रो विस्तार के लिए मुख्य सचिव के निर्देश के बाद अब मार्च 2022 को ध्यान में रखते हुए नए सिरे से लागत का आकलन किया जा रहा है।
तीन साल में प्राइस इंडेक्स बढ़ने के कारण लागत पर आने वाले खर्च में बढ़ोतरी संभावित है। मेट्रो स्टेशनों की संख्या, साइज पर कोई अंतर नहीं किया गया है।
यात्रियों की बढ़ी क्षमता के अलावा निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्री की कीमतों को ध्यान में रखते हुए डीपीआर में खर्च और अन्य आंकड़ों में संशोधन होना है।
12.5 किमी. लंबे सेक्शन में 12 स्टेशन
मेट्रो की प्रवक्ता पुष्पा बेल्लानी के मुताबिक, ब्ल्यू लाइन पर 12.5 किमी. लंबाई में 12 स्टेशन बनाए जाने हैं। इनमें से सात भूमिगत रहेंगे। यह लाइन प्रमुख रूप से नाका, अमीनाबाद, कैसरबाग, चौक, ठाकुरगंज जैसे पुराने इलाकों के अलावा बसंतकुंज, आम्रपाली जैसे नए विकसित इलाकों को भी जोड़ेगी। बसंतकुंज में मेट्रो की ट्रेनों का डिपो भी बनाया जाना है।
2019 में दी गई 4538 करोड़ रुपये की डीपीआर
यूपीएमआरसी के लिए डीएमआरसी ने इस लाइन की डीपीआर बनाई है। 2019 में जो डीपीआर दी गई। इसकी लागत 4538 करोड़ रुपये थी। इसमें चार की जगह तीन कोच की ट्रेन और स्टेशनों के साइज कम करते हुए 17 फीसदी लागत पूर्व से घटाई गई थी। अब संशोधन के बाद लागत में बढ़ोतरी को तय माना जा रहा है।