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Lucknow News: रिटायर्ड आईएएस से 83 लाख ठगे, नाइजीरियन गिरफ्तार

Sun, 04 Feb 2024 04:15 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 04 Feb 2024 04:15 AM IST
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Retired IAS defrauded of Rs 83 lakh, Nigerian arrested
लखनऊ। रिटायर्ड आईएएस अफसर राजीव श्रीवास्तव से 83 लाख रुपये की ठगी करने वाले नाइजीरियन को साइबर क्राइम थाने की टीम ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। शनिवार को पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया। जहां से वह जेल भेजा गया। गिरोह में कई और नाइजीरियन शामिल हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। साइबर क्राइम थाना प्रभारी बृजेश कुमार यादव ने बताया कि रिटायर्ड आईएएस राजीव श्रीवास्तव ने 22 जनवरी को एफआईआर दर्ज कराई थी। बताया था कि उनके पास एबॉट फार्मा नाम की कंपनी की तरफ से एक ई मेल आया था। जिसमें फार्मा कंपनी की फ्रेंचाइजी व डीलरशिप देने की बात लिखी गई थी। उन्होंने फ्रेंचाइजी लेने में रुचि दिखाई। जिसके बाद टेलीग्राम एप पर बातचीत हुई। एक के बाद पांच खाते राजीव को उपलब्ध कराए गए। जिनमें उन्होंने कई बार में कुल 83 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। उसके बाद न फ्रेंचाइजी मिली और न ही रकम वापस मिली।
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इंस्पेक्टर के मुताबिक मामले में दिल्ली के वैशाली इलाके में रहने वाले नाइजीरियन लवसन इमेसोवम चिनागोरोम मैक्सवेल को गिरफ्तार किया गया है। वह ठगी का पूरा गिरोह चलाता है। जिसमें कई नाइजीरियन शामिल हैं।
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आरोपी ने राजीव श्रीवास्तव से 83 लाख रुपये ठगे थे। इसके अलावा वह करोडों की ठगी कर चुका है। मगर उसके पास से सिर्फ 6,370 रुपये नकद ही बरामद हुए। जांच में सामने आया कि जैसे ही रकम उनके खाते में आती है वह अलग-अलग तमाम खातों में भेज देते हैं। जिन खातों में भेजते हैं वह फेक आईडी पर होते हैं। फिर रकम निकाल लेते हैं। इसलिए बरामदगी नहीं हो पाती। आरोपी को 2021 में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ठगी के मामले में जेल भेजा था। जेल से छूटने के बाद वह फिर से ठगी करने लगा।
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आरोपी के पास से 213 सिम बरामद हुए हैं। ये सिम फेक आईडी पर हैं। आरोपी प्री एक्टिवेटेड सिमों का इस्तेमाल करता था, जिससे वह ट्रेस न हो पाए। जो ई मेल पीड़ित के पास आया था, उसके जरिये पुलिस ने तफ्तीश शुरू की। आईपी एड्रेस दिल्ली का मिला। उसी की मदद से आरोपी तक पुलिस पहुंची। आरोपी के पास से एक लैपटॉप, दस मोबाइल, एक पासपोर्ट, एक डेबिट कार्ड बरामद हुआ।

आरोपी लोगों को कंपनी की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर ठगी करते हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर युवतियों के नाम से आईडी बनाकर लोगों से दोस्ती कर जाल में फंसाकर रकम ऐंठते हैं। कम निवेश कर अधिक मुनाफे का लालच देकर भी ठगी करते हैं। इसलिए किसी लालच में न आएं और न ही किसी अनजान ई मेल आदि का रिप्लाई दें।
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