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Lucknow News: सेवानिवृत्त इंजीनियर को 17 दिन रखा डिजिटल अरेस्ट, 38.42 लाख वसूले

Thu, 30 Oct 2025 02:24 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 30 Oct 2025 02:24 AM IST
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Retired engineer kept under digital arrest for 17 days, Rs 38.42 lakh recovered
साइबर जालसाजों ने कुर्सी रोड स्थित जानकीपुरम गार्डन निवासी सेवानिवृत्त इंजीनियर अश्वनी कुमार गुप्ता को 17 दिन तक डिजिटल अरेस्ट करके रखा। उन्हें मनी लाॅन्डि्रंग का आरोपी बताकर जेल भेजने की धमकी दी और 38.42 लाख रुपये हड़प लिए। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कराया है। पुलिस आरोपियों के बैंक खातों की पड़ताल कर रही है।
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अश्वनी कुमार गुप्ता के मुताबिक 30 सितंबर को उनके पास अनजान नंबर से कॉल आई थी। फोन करने वाले ने कहा कि आपके आधार कार्ड का दुरुपयोग किया गया है। आपका केस मुंबई क्राइम ब्रांच रेफर किया जा रहा है। थोड़ी देर बाद फिर कहा गया कि आपका केस डीजीपी चेन्नई को रेफर किया जा रहा है।
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आरोपियों ने बुजुर्ग से कहा कि आपके खिलाफ मनी लाॅन्डि्रंग और हवाला का केस दर्ज होगा। ठगों ने बुजुर्ग को जेल भेजने की धमकी दी और बैंक खातों व प्राॅपर्टी की जांच करने की बात कही। कहा कि जांच पूरी होने तक उन्हें किसी से बात नहीं करनी। झांसे में लेने के लिए ठगों ने वाट्सएप पर कुछ जाली कागजात भेजे और खाते में जमा सारी रकम ट्रांसफर करने के लिए कहा।
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ठगों ने बुजुर्ग को इतना धमकाया कि वह 14 अक्तूबर को बैंक गए और जालसाजों के बताए खाते में 24 लाख 70 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। 16 अक्तूबर को जालसाजों ने फिर से अश्वनी को फोन करके और रुपये भेजने का दबाव बनाया। अश्वनी ने बताया कि उनके पास जो रकम थी वह उन्होंने भेज दी है। इस पर आरोपियों ने अश्वनी के बेटे को जेल भेजने की धमकी दी।



बैंक से लोन लेकर दी रकम

ठगों की धमकी से अश्वनी डर गए। उन्हाेंने एसबीआई बैंक से 14 लाख रुपये का पेंशन लोन लिया और ठगों के बताए खाते में 13 लाख 72 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। ठगों ने अश्वनी से एनओसी देने के नाम पर और रुपये मांगे। बार-बार रकम मांगने पर अश्वनी को संदेह हुआ। उन्होंने परिजनों को बताया तो ठगी होने की जानकारी हुई। इंक्पेक्टर ब्रजेश कुमार यादव के मुताबिक, पीड़ित की तहरीर पर अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोपियों के खाते में ठगी की रकम को फ्रीज कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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