{"_id":"59f82f8c4f1c1bcd538ba330","slug":"responsibility-to-given-irctc-for-catering-in-twenty-eight-trains","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पुष्पक, शताब्दी समेत 28 ट्रेनों में होगा आईआरसीटी का मेन्यू, सुधरेगी क्वालिटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुष्पक, शताब्दी समेत 28 ट्रेनों में होगा आईआरसीटी का मेन्यू, सुधरेगी क्वालिटी
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 31 Oct 2017 02:14 PM IST
विज्ञापन
डेमो
- फोटो : डेमो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुष्पक एक्सप्रेस, शताब्दी, वैशाली, अमरनाथ सहित 28 ट्रेनों में खानपान की जिम्मेदारी भारतीय रेलवे खानपान व पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) को सौंप दी गई है। इस तरह, अंतिम चरण तक उत्तर, पूर्वोत्तर व उत्तर मध्य रेलवे की करीब 250 ट्रेनों की जिम्मेदारी उसे दी जाएगी। इसके अलावा, दिल्ली रूट के लिए आईआरसीटीसी कानपुर में बेस किचन भी बना रहा है, जहां से खाना बनाकर ट्रेनों में सप्लाई किया जाएगा।
इसी तरह, लखनऊ व झांसी जंक्शन पर जनाहार केंद्रों का बेस किचन के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। गत फरवरी में रेलवे की ओर से नई कैटरिंग पॉलिसी लॉन्च की गई थी। इसके तहत ट्रेनों व स्टेशनों पर खानपान की सभी सेवाएं आईआरसीटीसी को सौंप दी गई थीं।
अब वह ट्रेनों में खाना बांटने व बनाने का काम दो भिन्न एजेंसियों से कराएगी। इससे ओवरचार्जिंग पर रोक लगेगी और गुणवत्ता भी सुधरेगी। इसके लिए जल्द टेंडर जारी किए जाएंगे। इसी तरह, ट्रेनों व स्टेशनों पर जिन वेंडरों के ठेके पूरे हो रहे हैं, उनका काम भी आईआरसीटीसी को हैंडओवर किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसी तरह, लखनऊ व झांसी जंक्शन पर जनाहार केंद्रों का बेस किचन के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। गत फरवरी में रेलवे की ओर से नई कैटरिंग पॉलिसी लॉन्च की गई थी। इसके तहत ट्रेनों व स्टेशनों पर खानपान की सभी सेवाएं आईआरसीटीसी को सौंप दी गई थीं।
विज्ञापन
अब वह ट्रेनों में खाना बांटने व बनाने का काम दो भिन्न एजेंसियों से कराएगी। इससे ओवरचार्जिंग पर रोक लगेगी और गुणवत्ता भी सुधरेगी। इसके लिए जल्द टेंडर जारी किए जाएंगे। इसी तरह, ट्रेनों व स्टेशनों पर जिन वेंडरों के ठेके पूरे हो रहे हैं, उनका काम भी आईआरसीटीसी को हैंडओवर किया जा रहा है।
विज्ञापन
पहली शिकायत पर एक लाख जुर्माना
डेमो
आईआरसीटीसी को पहले चरण में शताब्दी एक्सप्रेस, पुष्पक, काशी विश्वनाथ, संपर्क क्रांति, वैशाली, महामना, एलटीटी मुंबई, अमरनाथ, बेगमपुरा, राप्तीसागर, गोरखपुर सिकंदराबाद समेत 28 ट्रेनों का जिम्मेदारी दी गई है। अभी इन ट्रेनों में उसकी निगरानी में खाना परोसा जा रहा है। ट्रेनों में कैटरिंग सेवाओं की दर में बदलाव कर इसे वैकल्पिक भी बनाया जा सकता है। मसलन, अभी शताब्दी में 185 रुपये में कैटरिंग सेवाएं दी जाती हैं। यह राशि टिकट के साथ अनिवार्य रूप से काटी जाती है।
कैटरिंग पॉलिसी के तहत ठेकेदारों पर खाने की गुणवत्ता से समझौता करने पर कड़ा जुर्माना लगाया जा रहा है। मसलन, पहली शिकायत पर ठेकेदार पर एक लाख रुपये जुर्माना व दूसरी शिकायत पर लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। अभी हाल ही वैशाली एक्सप्रेस की पैंट्रीकार में मिली गड़बड़ी पर ठेकेदार का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है।
नई कैटरिंग पॉलिसी के तहत शताब्दी, पुष्पक, वैशाली समेत दो दर्जन से अधिक ट्रेनों की कैटरिंग का जिम्मा आईआरसीटीसी संभाल रही है। मेन्यू व रेट में बदलाव के विषय में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। उसे अन्य ट्रेनों की कैटरिंग भी मिलेगी।
-अश्विनी श्रीवास्तव, मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक, आईआरसीटीसी
कैटरिंग पॉलिसी के तहत ठेकेदारों पर खाने की गुणवत्ता से समझौता करने पर कड़ा जुर्माना लगाया जा रहा है। मसलन, पहली शिकायत पर ठेकेदार पर एक लाख रुपये जुर्माना व दूसरी शिकायत पर लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। अभी हाल ही वैशाली एक्सप्रेस की पैंट्रीकार में मिली गड़बड़ी पर ठेकेदार का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है।
नई कैटरिंग पॉलिसी के तहत शताब्दी, पुष्पक, वैशाली समेत दो दर्जन से अधिक ट्रेनों की कैटरिंग का जिम्मा आईआरसीटीसी संभाल रही है। मेन्यू व रेट में बदलाव के विषय में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। उसे अन्य ट्रेनों की कैटरिंग भी मिलेगी।
-अश्विनी श्रीवास्तव, मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक, आईआरसीटीसी